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नहर में छलांग लगाकर जान देने वाली सरनजीत के दूसरे बेटे का भी शव मिला
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जराकोठी/माधोटांडा। सोमवार को एक महिला अपने दो बच्चों के साथ निगोही ब्रांच नहर में कूद गई थी। इसमें महिला और उसके छोटे बेटे का शव बरामद हो गया। बड़े बेटे का शव बुधवार को तीसरे दिन शाम छह बजे घटनास्थल से साढ़े तीन किलोमीटर दूर गजरौला के पौरखास गांव में नहर में बहता मिल गया। इस बीच पिता की तहरीर पर पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज कर पति समेत ससुराल के चार लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सोमवार शाम करीब चार बजे थाना क्षेत्र के बिजुलहा गांव निवासी सरनजीत कौर (28) पत्नी दलजीत सिंह ने अपने दो बच्चे जीवनजोत (5) और अमृत सिंह (3) को साथ लेकर पीलीभीत-पूरनपुर रेलखंड पर संडई हाल्ट के पास पहुंचकर निगोही ब्रांच नहर में छलांग लगा दी थी। सरनजीत कौर और उसके छोटे बेटे अमृत सिंह का शव उसी दिन नहर से बरामद हो गया था। मगर, बड़े बेटे का शव बरामद नहीं हो पाया। जीवनजोत की तलाश तीसरे दिन बुधवार को भी पुलिस और ग्रामीण द्वारा जारी रही। गोताखोरों के अलावा मोटरबोट की मदद से भी नहर में ढूंढने का अभियान चलाया गया। शाम छह बजे घटनास्थल से साढ़े तीन किलोमीटर दूर गजरौला के पौरखास गांव में नहर में बहता मिल गया। चूंकि मासूम के नहर में बहने की सूचना आसपास के ग्रामीणों को पहले ही दे दी गई थी। इसी वजह से गांव पौरखास निवासी जसविंदर सिंह पुत्र सुखचैन सिंह ने शव बहता देखा तो नहर में कूद गया और बच्चे का शव बाहर निकालने के बाद सूचना पुलिस को दी। इसके बाद कुछ ही देर में परिवार वाले भी आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचने के बाद शव कब्जे में ले लिया।
इससे पहले मंगलवार को सरनजीत के पिता बराही गांव निवासी जगराज सिंह ने पति दलजीत सिंह, सास बलजिंदर कौर, ससुर बलदेव सिंह और देवर बलजीत सिंह पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कार और एक लाख रुपये की मांग को लेकर बेटी की हत्या करने की बात कही थी। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। एसएसआई सतीश चंद्र बाजपेई ने बताया कि चारों आरोपी जेल चले गए हैं।
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गमगीन माहौल में मां और छोटे बेटे का अंतिम संस्कार
मंगलवार को सरनजीत कौर और उसके छोटे बेटे अमृत सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। शाम को शव पहुंचने के बाद ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार वालों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। गमगीन माहौल में मां-बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सोमवार शाम करीब चार बजे थाना क्षेत्र के बिजुलहा गांव निवासी सरनजीत कौर (28) पत्नी दलजीत सिंह ने अपने दो बच्चे जीवनजोत (5) और अमृत सिंह (3) को साथ लेकर पीलीभीत-पूरनपुर रेलखंड पर संडई हाल्ट के पास पहुंचकर निगोही ब्रांच नहर में छलांग लगा दी थी। सरनजीत कौर और उसके छोटे बेटे अमृत सिंह का शव उसी दिन नहर से बरामद हो गया था। मगर, बड़े बेटे का शव बरामद नहीं हो पाया। जीवनजोत की तलाश तीसरे दिन बुधवार को भी पुलिस और ग्रामीण द्वारा जारी रही। गोताखोरों के अलावा मोटरबोट की मदद से भी नहर में ढूंढने का अभियान चलाया गया। शाम छह बजे घटनास्थल से साढ़े तीन किलोमीटर दूर गजरौला के पौरखास गांव में नहर में बहता मिल गया। चूंकि मासूम के नहर में बहने की सूचना आसपास के ग्रामीणों को पहले ही दे दी गई थी। इसी वजह से गांव पौरखास निवासी जसविंदर सिंह पुत्र सुखचैन सिंह ने शव बहता देखा तो नहर में कूद गया और बच्चे का शव बाहर निकालने के बाद सूचना पुलिस को दी। इसके बाद कुछ ही देर में परिवार वाले भी आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचने के बाद शव कब्जे में ले लिया।
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इससे पहले मंगलवार को सरनजीत के पिता बराही गांव निवासी जगराज सिंह ने पति दलजीत सिंह, सास बलजिंदर कौर, ससुर बलदेव सिंह और देवर बलजीत सिंह पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने कार और एक लाख रुपये की मांग को लेकर बेटी की हत्या करने की बात कही थी। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की। एसएसआई सतीश चंद्र बाजपेई ने बताया कि चारों आरोपी जेल चले गए हैं।
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गमगीन माहौल में मां और छोटे बेटे का अंतिम संस्कार
मंगलवार को सरनजीत कौर और उसके छोटे बेटे अमृत सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। शाम को शव पहुंचने के बाद ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार वालों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। गमगीन माहौल में मां-बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया गया।