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सट्टे बनवाने को लेकर गन्ना सचिव और ग्राम प्रधान में नोकझोंक
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बीसलपुर। विरासत के सट्टे बनाने को लेकर गन्ना समिति कार्यालय में ग्राम प्रधान और समिति सचिव में नोकझोंक हो गई। गुस्साए प्रधान ने समिति कार्यालय में हंगामा किया। अफसर कर्मचारियों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
गांव चौसरा के ग्रामप्रधान लोकेश गंगवार शनिवार सुबह करीब 11 बजे सहकारी गन्ना विकास समिति में सचिव आरपी कुशवाहा के पास पहुंचे और अपने गांव के मृतक किसानों के गन्ना सट्टा के वारिसों के नाम दर्ज न किए जाने का आरोप लगाया। सचिव का कहना था कि मृतक किसानों के वारिसों द्वारा समस्त औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सट्टे बनाए जाएंगे। किसी प्रधान के कहने पर मृतकों के वारिसों के सट्टे नहीं बनाए जाएंगे। उधर, ग्राम प्रधान का कहना था कि सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी अभी तक काम नहीं किया गया है। सुविधा शुल्क न देने पर विरासत के सट्टे नहीं बनाए गए हैं। सचिव ने सुविधा शुल्क मांगे जाने के आरोप का खंडन किया और दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। ग्राम प्रधान ने काम न होने पर धरने की चेतावनी दी गई। झड़प के चलते कामकाज भी बाधित हुआ। मौजूद कर्मचारियों और लोगों ने दोनों को शांत कराया। सचिव ने बताया कि वारिसान सट्टे बनवाने के आए प्रार्थना पत्रों की जांच कराई जाएगी। जांच में सही मिलने वाले प्रार्थना पत्रों के आधार पर ही संबंधित किसानों के सट्टे बनाए जाएंगे। संवाद
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गांव चौसरा के ग्रामप्रधान लोकेश गंगवार शनिवार सुबह करीब 11 बजे सहकारी गन्ना विकास समिति में सचिव आरपी कुशवाहा के पास पहुंचे और अपने गांव के मृतक किसानों के गन्ना सट्टा के वारिसों के नाम दर्ज न किए जाने का आरोप लगाया। सचिव का कहना था कि मृतक किसानों के वारिसों द्वारा समस्त औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सट्टे बनाए जाएंगे। किसी प्रधान के कहने पर मृतकों के वारिसों के सट्टे नहीं बनाए जाएंगे। उधर, ग्राम प्रधान का कहना था कि सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी अभी तक काम नहीं किया गया है। सुविधा शुल्क न देने पर विरासत के सट्टे नहीं बनाए गए हैं। सचिव ने सुविधा शुल्क मांगे जाने के आरोप का खंडन किया और दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। ग्राम प्रधान ने काम न होने पर धरने की चेतावनी दी गई। झड़प के चलते कामकाज भी बाधित हुआ। मौजूद कर्मचारियों और लोगों ने दोनों को शांत कराया। सचिव ने बताया कि वारिसान सट्टे बनवाने के आए प्रार्थना पत्रों की जांच कराई जाएगी। जांच में सही मिलने वाले प्रार्थना पत्रों के आधार पर ही संबंधित किसानों के सट्टे बनाए जाएंगे। संवाद
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