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डीसीओ ने गन्ना कॉलेज के खातों पर लगाई रोक
पीलीभीत।
Updated Fri, 18 Dec 2015 10:57 PM IST
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गन्ना कृषक महाविद्यालय की शिकायतों की जांच को पहुंचे डीसीओ ने कॉलेज का
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औचक निरीक्षण किया। इसमें कैश बुक न होने सहित कई अनियमितताएं पाई गई। इस
पर डीसीओ ने कॉलेज के सभी खातों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
गन्ना सहकारी परिषद पूरनपुर के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने गन्ना कृषक महाविद्यालय प्राचार्य और प्रबंधक पर मिलीभगत कर अवैध नियुक्तियां करने, मिट्टी भराव, फर्नीचर खरीद आदि में गोलमाल करने सहित कई बिंदुओं पर शासन से शिकायत की थी।
इस पर शासन ने डीएम को जांच के आदेश दिए। डीएम के निर्देश पर करीब एक सप्ताह पूर्व जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय की टीम ने महाविद्यालय गई थी। शुक्रवार को डीसीओ जांच के लिए महाविद्यालय पहुंचे। जांच के दौरान डीसीओ ने कैश बुक तलब की, लेकिन कैश बुक नहीं मिली।
पता चला कि पिछले कई वर्षों से कैश बुक ही नहीं बनी है। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख भी मांगने पर नहीं मिले। कैश बुक न मिलने को बड़ी वित्तीय अनियमितता मानते हुए डीसीओ ने कॉलेज के सभी बैंक खातों पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अति आवश्यक खर्चों का उनके (जो स्वयं महाविद्यालय के अध्यक्ष हैं) स्वीकृत होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। डीसीओ ने बताया कि महाविद्यालय में प्रथम दृष्टया बडे़ पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। जांच के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
गन्ना सहकारी परिषद पूरनपुर के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने गन्ना कृषक महाविद्यालय प्राचार्य और प्रबंधक पर मिलीभगत कर अवैध नियुक्तियां करने, मिट्टी भराव, फर्नीचर खरीद आदि में गोलमाल करने सहित कई बिंदुओं पर शासन से शिकायत की थी।
इस पर शासन ने डीएम को जांच के आदेश दिए। डीएम के निर्देश पर करीब एक सप्ताह पूर्व जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय की टीम ने महाविद्यालय गई थी। शुक्रवार को डीसीओ जांच के लिए महाविद्यालय पहुंचे। जांच के दौरान डीसीओ ने कैश बुक तलब की, लेकिन कैश बुक नहीं मिली।
पता चला कि पिछले कई वर्षों से कैश बुक ही नहीं बनी है। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख भी मांगने पर नहीं मिले। कैश बुक न मिलने को बड़ी वित्तीय अनियमितता मानते हुए डीसीओ ने कॉलेज के सभी बैंक खातों पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अति आवश्यक खर्चों का उनके (जो स्वयं महाविद्यालय के अध्यक्ष हैं) स्वीकृत होने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। डीसीओ ने बताया कि महाविद्यालय में प्रथम दृष्टया बडे़ पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। जांच के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।