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जिले को खुले में शौच मुक्त बनाने को बनी रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Thu, 13 Apr 2017 11:40 PM IST
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कमिशनर
- फोटो : अमर उजाला
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- कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ की बैठक
कमिश्नर प्रमांशु ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले को 31 दिसंबर तक खुले में शौच मुक्त बनाने को चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप मैटेरियल एवं लाभार्थियों को समय से चिह्नित कर शौचालय निर्माण कराने के निर्देश दिए।
जिले के दौरे पर बृहस्पतिवार को पहुंचे कमिश्नर ने दोपहर बाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम मासूम अली सरवर ने उन्हेें जिले को शौच मुक्त बनाने के दिशा में तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने इस पर अब तक हुए कार्य की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा जिले का वास्तविक लक्ष्य मालूम करने को चल रहे बेस लाइन सर्वे का कार्य जल्द पूरा किया जाना चाहिए, लेकिन अनुमानित लक्ष्य को देखते हुए जिले में प्रतिदिन लगभग 600 शौचालयों का निर्माण होना है। इसके लिए राजमिस्त्री की व्यवस्था कर उन्हें प्रशिक्षण कराया जाए साथ ही मोरंग, बजरी, ईंट एवं अन्य सामग्री की व्यवस्था कैसे और कहां से होगी इसे निर्धारित किया जाए। कमिश्नर ने कहा कि यदि लाभार्थियों के पास शौचालय बनाने को जमीन नहीं है तो गांव में सामुदायिक शौचालय भी बनवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के लिए गठित टीमों को भी सक्रिय करने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं और धर्मगुरुओं का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, डीपीआरओ शशिकांत पांडेय, जिला समन्वयक हेमेंद्र कुमार, नेहा सिंह, सभी बीडीओ, एडीओ पंचायत मौजूद रहे।
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कमिश्नर प्रमांशु ने अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले को 31 दिसंबर तक खुले में शौच मुक्त बनाने को चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप मैटेरियल एवं लाभार्थियों को समय से चिह्नित कर शौचालय निर्माण कराने के निर्देश दिए।
जिले के दौरे पर बृहस्पतिवार को पहुंचे कमिश्नर ने दोपहर बाद पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम मासूम अली सरवर ने उन्हेें जिले को शौच मुक्त बनाने के दिशा में तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने इस पर अब तक हुए कार्य की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा जिले का वास्तविक लक्ष्य मालूम करने को चल रहे बेस लाइन सर्वे का कार्य जल्द पूरा किया जाना चाहिए, लेकिन अनुमानित लक्ष्य को देखते हुए जिले में प्रतिदिन लगभग 600 शौचालयों का निर्माण होना है। इसके लिए राजमिस्त्री की व्यवस्था कर उन्हें प्रशिक्षण कराया जाए साथ ही मोरंग, बजरी, ईंट एवं अन्य सामग्री की व्यवस्था कैसे और कहां से होगी इसे निर्धारित किया जाए। कमिश्नर ने कहा कि यदि लाभार्थियों के पास शौचालय बनाने को जमीन नहीं है तो गांव में सामुदायिक शौचालय भी बनवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के लिए गठित टीमों को भी सक्रिय करने एवं स्वयंसेवी संस्थाओं और धर्मगुरुओं का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, डीपीआरओ शशिकांत पांडेय, जिला समन्वयक हेमेंद्र कुमार, नेहा सिंह, सभी बीडीओ, एडीओ पंचायत मौजूद रहे।
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