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आजम खां को जेल में कोई तकलीफ नहीं.. वह परिवार के साथ मौज में हैं: औलख
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पीलीभीत। प्रदेश के जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने पूर्व मंत्री और सपा के कद्दावर नेता आजम खां पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री आजम खां को जेल में कोई परेशानी नहीं है। उन्हें दिक्कत तब होती, जब उनका परिवार जेल से बाहर होता। वह परिवार के साथ जेल में पूरी मौज में हैं। आजम पर मुकदमे भी उनके ही समाज के लोगों ने दर्ज कराए हैं। किसी दूसरे समाज के लोगों ने नहीं।
सोमवार को पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस में पत्रकारों से बात करते हुए बलदेव सिंह औलख ने कहा कि आजम खां ने शत्रु संपत्ति से लेकर तमाम जमीनों पर सपा सरकार रहने के दौरान अवैध कब्जे कर रखे थे। जेल जाना उसी बेईमानी का परिणाम है। इसलिए यह कहना गलत है कि राज्य सरकार उनका उत्पीड़न कर रही है। उन्हें कोर्ट ने जेल भेजा है। औलख ने कहा कि पीलीभीत, रामपुर, बिजनौर, लखीमपुर समेत प्रदेश के अन्य जनपदों में भी सिखों और गैर सिखों को काबिज भूमि पर मालिकाना हक दिलाया जाएगा। योगी सरकार में उनका किसी भी सूरत में उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों जमीन को लेकर सिखों के उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया था। इसे लेकर अन्य जिलों से भी जानकारी करने के बाद उन्होंने यह समस्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखी। उन्होंने संबंधित अफसरों को तलब किया और समस्या का समाधान न होने तक किसी पर अनुचित कार्रवाई न करने के निर्देश दिए। राज्य मंत्री ने कहा कि तीन पीढ़ियों से जमीन पर काबिज सिखों और गैर सिखों की समस्या समाधान को लेकर चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। प्रथम चरण में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर, बिजनौर और बहराइच में यह टीमें जाएंगी। यह टीमें मौके पर जाकर ऐसे लोगों को तलाश करेगी, जिन्हें काबिज होने के बाद भी जमीन से बेदखल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनका पूरा विवरण एकत्र कर मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और उन्हें उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाया जाएगा। बलदेव सिंह औलख ने कहा कि ऐसे लोगों पर पूर्व में दर्ज मुकदमों को भी वापस कराया जाएगा। तराई में विस्थापित बंगाली परिवारों की नागरिकता के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को नागरिकता दे रही है। उनके कब्जे वाली भूमि पुर्नवासन विभाग की है। लिहाजा इस मामले को भी दिखवाकर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। जलशक्ति राज्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने बाढ़ बचाव को लेकर ठोस प्रयास नहीं किए गए। अब अगर किसी का बाढ़ से घर बहा तो एक्सईएन पर सख्त कार्रवाई होगी। पूरनपुर के राहुलनगर में पिछले वर्ष हुए कटान मामले में उन्होंने बाढ़ खंड एक्सईएन शैलेश कुमार को तलब कर नाराजगी जताई।
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सोमवार को पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस में पत्रकारों से बात करते हुए बलदेव सिंह औलख ने कहा कि आजम खां ने शत्रु संपत्ति से लेकर तमाम जमीनों पर सपा सरकार रहने के दौरान अवैध कब्जे कर रखे थे। जेल जाना उसी बेईमानी का परिणाम है। इसलिए यह कहना गलत है कि राज्य सरकार उनका उत्पीड़न कर रही है। उन्हें कोर्ट ने जेल भेजा है। औलख ने कहा कि पीलीभीत, रामपुर, बिजनौर, लखीमपुर समेत प्रदेश के अन्य जनपदों में भी सिखों और गैर सिखों को काबिज भूमि पर मालिकाना हक दिलाया जाएगा। योगी सरकार में उनका किसी भी सूरत में उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पिछले दिनों जमीन को लेकर सिखों के उत्पीड़न का मामला प्रकाश में आया था। इसे लेकर अन्य जिलों से भी जानकारी करने के बाद उन्होंने यह समस्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखी। उन्होंने संबंधित अफसरों को तलब किया और समस्या का समाधान न होने तक किसी पर अनुचित कार्रवाई न करने के निर्देश दिए। राज्य मंत्री ने कहा कि तीन पीढ़ियों से जमीन पर काबिज सिखों और गैर सिखों की समस्या समाधान को लेकर चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। प्रथम चरण में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर, बिजनौर और बहराइच में यह टीमें जाएंगी। यह टीमें मौके पर जाकर ऐसे लोगों को तलाश करेगी, जिन्हें काबिज होने के बाद भी जमीन से बेदखल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनका पूरा विवरण एकत्र कर मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा और उन्हें उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाया जाएगा। बलदेव सिंह औलख ने कहा कि ऐसे लोगों पर पूर्व में दर्ज मुकदमों को भी वापस कराया जाएगा। तराई में विस्थापित बंगाली परिवारों की नागरिकता के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को नागरिकता दे रही है। उनके कब्जे वाली भूमि पुर्नवासन विभाग की है। लिहाजा इस मामले को भी दिखवाकर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। जलशक्ति राज्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने बाढ़ बचाव को लेकर ठोस प्रयास नहीं किए गए। अब अगर किसी का बाढ़ से घर बहा तो एक्सईएन पर सख्त कार्रवाई होगी। पूरनपुर के राहुलनगर में पिछले वर्ष हुए कटान मामले में उन्होंने बाढ़ खंड एक्सईएन शैलेश कुमार को तलब कर नाराजगी जताई।
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