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राजकीय वाहन चालक भी हड़ताल पर गए
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Tue, 20 Sep 2016 11:59 PM IST
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हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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अफसर खुद गाड़ी चलाकर पहुंचे तहसील दिवस और दफ्तर
राजकीय वाहन चालकों की अनिश्चित कालीन हड़ताल भी मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन ही हड़ताल से अधिकारियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अफसरों को कार्यालय और तहसील दिवस जाने के लिए खुद व्यवस्था करनी पड़ी। सीएमओ की गाड़ी चलाने पर चालक को आंदोलनकारियों ने रोक लिया। इसके बाद सीएमओ को दूसरी व्यवस्था करनी पड़ी।
वेतन विसंगति, पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर राजकीय वाहन चालक महासंघ के तत्वावधान में सरकारी वाहन चालकों ने मंगलवार को सरकारी वाहन खड़े कर दिए। यशवंतरी देवी मंदिर प्रांगण में एकत्र होकर वाहन चालकों ने बैठक की। संरक्षक सुभाष सिंह ने कहा कि पहले हुए आंदोलन के दौरान शासन ने उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति व्यक्त की थी। इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया लेकिन कुछ दिनों बाद सरकार मुकर गई। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि वाहन चालक अब किसी आश्वासन पर नहीं मानेंगे। मांगें पूरी होने तक सरकारी वाहन नहीं चलाएंगे। हड़ताल के दौरान उन्हें सूचना मिली कि सीएमओ की गाड़ी चालक रामचंद्र चला रहे हैं। इस पर आंदोलनकारी चालक सीएमओ कार्यालय पहुंच गए और चालक को खरीखोटी सुनाई। हड़ताल के चलते अधिकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ निजी चालकों को लेकर तहसील दिवस और कार्यालय पहुंचे तो कुछ ने बाइक का सहारा लिया। हड़ताल में लक्ष्मन प्रसाद, अखिलेश वर्मा, ओमप्रकाश जायसवाल, रामकुमार, प्रेम प्रकाश, संजीव, श्रीनिवास पांडेय, इंदल प्रसाद सहित कई चालक थे।
बीसलपुर। प्रांतीय आह्वान पर यहां के सरकारी वाहन चालक भी हड़ताल पर रहे। इससे अधिकारियों को निजी चालकों का सहारा लेना पड़ा।
राजकीय वाहन चालकों की अनिश्चित कालीन हड़ताल भी मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन ही हड़ताल से अधिकारियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अफसरों को कार्यालय और तहसील दिवस जाने के लिए खुद व्यवस्था करनी पड़ी। सीएमओ की गाड़ी चलाने पर चालक को आंदोलनकारियों ने रोक लिया। इसके बाद सीएमओ को दूसरी व्यवस्था करनी पड़ी।
वेतन विसंगति, पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर राजकीय वाहन चालक महासंघ के तत्वावधान में सरकारी वाहन चालकों ने मंगलवार को सरकारी वाहन खड़े कर दिए। यशवंतरी देवी मंदिर प्रांगण में एकत्र होकर वाहन चालकों ने बैठक की। संरक्षक सुभाष सिंह ने कहा कि पहले हुए आंदोलन के दौरान शासन ने उनकी तीन प्रमुख मांगों पर सहमति व्यक्त की थी। इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया लेकिन कुछ दिनों बाद सरकार मुकर गई। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि वाहन चालक अब किसी आश्वासन पर नहीं मानेंगे। मांगें पूरी होने तक सरकारी वाहन नहीं चलाएंगे। हड़ताल के दौरान उन्हें सूचना मिली कि सीएमओ की गाड़ी चालक रामचंद्र चला रहे हैं। इस पर आंदोलनकारी चालक सीएमओ कार्यालय पहुंच गए और चालक को खरीखोटी सुनाई। हड़ताल के चलते अधिकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ निजी चालकों को लेकर तहसील दिवस और कार्यालय पहुंचे तो कुछ ने बाइक का सहारा लिया। हड़ताल में लक्ष्मन प्रसाद, अखिलेश वर्मा, ओमप्रकाश जायसवाल, रामकुमार, प्रेम प्रकाश, संजीव, श्रीनिवास पांडेय, इंदल प्रसाद सहित कई चालक थे।
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बीसलपुर। प्रांतीय आह्वान पर यहां के सरकारी वाहन चालक भी हड़ताल पर रहे। इससे अधिकारियों को निजी चालकों का सहारा लेना पड़ा।