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Pilibhit News: मेडिकल कॉलेज में दूर होगी स्टाफ की कमी, मजबूत होंगे संसाधन
Thu, 02 Jan 2025 12:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 02 Jan 2025 12:01 AM IST
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पीलीभीत मेडिकल कॉलेज नया ओपीडी भवन।संवाद
पीलीभीत। वर्ष 2024 में स्टाफ के साथ संसाधनों की कमी से जूझने वाले मेडिकल कॉलेज में नए साल पर कई सकारात्मक बदलाव होने की उम्मीदें हैं। गंभीर मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल सकेगा। इसके लिए कई योजनाएं नए साल पर धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। आइए जानते हैं नए साल पर जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए क्या किए जा रहे हैं प्रयास...।
नए भवन में संचालित होगी जिला अस्पताल की ओपीडी
- मेडिकल कॉलेज के संबंद्ध होने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। एक कक्ष में दो से तीन चिकित्सक बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। ऐसे में सीएमओ कार्यालय के पीछे ओपीडी के लिए अलग से भवन तैयार कराया जा रहा है। नए साल में इस भवन में ओपीडी को चालू कर दिया जाएगा। भवन का कार्य अंतिम चरण में है। ऐसे में नए साल में भवन का संचालन होने से चिकित्सक व मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।
ऑक्सीजन की व्यवस्थाएं भी होंगी बेहतर
लिक्विड ऑक्सीजन सुविधा देने का काम भी प्रस्तावित है। इसका निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। नियमित रूप से विशिष्ट चिकित्सा शिक्षकों के तैनाती के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है। जिससे यहां पहुंचने वाले मरीजों को किसी तरह की कोई समस्या न हो।
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पैथोलॉजी लैब का होगा विस्तार, बढ़ेंगी मशीनें
मरीजों की संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में मशीनों की क्षमता काफी कम है। ऐसे में मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए दो-दो दिन चक्कर काटने होते हैं। ऐसे में इस लैब का इस बार विस्तार किया जाएगा। इसमें मशीनों की संख्या के साथ ही स्टाफ को बढ़ाया जाएगा। जिससे मरीजों को लाभ मिल सकेगा।
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बनाया जाएगा क्रिटिकल केयर ब्लॉक
-अस्पताल परिसर में 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक इस वर्ष में बनाया जाना है। जिसको मंजूरी मिल गई है। इसमें नए साल पर मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद है। मरीजों को हायर सेंटर को रेफर नहीं किया जाएगा।
इस माह शुरू हो जाएगा इमरजेंसी वार्ड
पुराने महिला अस्पताल के पास में 30 बेड का इमरजेंसी वार्ड बनाया जा रहा है। इसका काम भी लगभग पूरा हो चुका है। कुछ काम शेष रह गया है। जिसे पूरा किया जा रहा है। वार्ड में प्रयोग में आने वाले सामान का प्रस्ताव भी पास हो गया है। जनवरी माह के अंत तक इस इमरजेंसी को चालू करने का प्रयास भी जारी है।
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नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कार्य भी हुआ शुरू
मेडिकल कॉलेज में 100 सीट के लिए एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं का प्रवेश होने के साथ ही अध्ययन कार्य शुरू हो गया है। इसी क्रम में अब 60 सीट के लिए बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं शुरू कराने का प्रयास है। इसके लिए जमीन को चिह्नित कर वहां पर कार्य को शुरू करा दिया गया है। इसका निर्माण पूरा होते ही अगले सत्र से यहां नर्सिंग की कक्षाएं शुरू करा दी जाएंगी।
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नए भवन में संचालित होगी जिला अस्पताल की ओपीडी
- मेडिकल कॉलेज के संबंद्ध होने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। एक कक्ष में दो से तीन चिकित्सक बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। ऐसे में सीएमओ कार्यालय के पीछे ओपीडी के लिए अलग से भवन तैयार कराया जा रहा है। नए साल में इस भवन में ओपीडी को चालू कर दिया जाएगा। भवन का कार्य अंतिम चरण में है। ऐसे में नए साल में भवन का संचालन होने से चिकित्सक व मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।
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ऑक्सीजन की व्यवस्थाएं भी होंगी बेहतर
लिक्विड ऑक्सीजन सुविधा देने का काम भी प्रस्तावित है। इसका निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। नियमित रूप से विशिष्ट चिकित्सा शिक्षकों के तैनाती के लिए पत्राचार शुरू कर दिया है। जिससे यहां पहुंचने वाले मरीजों को किसी तरह की कोई समस्या न हो।
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पैथोलॉजी लैब का होगा विस्तार, बढ़ेंगी मशीनें
मरीजों की संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज की पैथोलॉजी लैब में मशीनों की क्षमता काफी कम है। ऐसे में मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए दो-दो दिन चक्कर काटने होते हैं। ऐसे में इस लैब का इस बार विस्तार किया जाएगा। इसमें मशीनों की संख्या के साथ ही स्टाफ को बढ़ाया जाएगा। जिससे मरीजों को लाभ मिल सकेगा।
बनाया जाएगा क्रिटिकल केयर ब्लॉक
-अस्पताल परिसर में 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक इस वर्ष में बनाया जाना है। जिसको मंजूरी मिल गई है। इसमें नए साल पर मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद है। मरीजों को हायर सेंटर को रेफर नहीं किया जाएगा।
इस माह शुरू हो जाएगा इमरजेंसी वार्ड
पुराने महिला अस्पताल के पास में 30 बेड का इमरजेंसी वार्ड बनाया जा रहा है। इसका काम भी लगभग पूरा हो चुका है। कुछ काम शेष रह गया है। जिसे पूरा किया जा रहा है। वार्ड में प्रयोग में आने वाले सामान का प्रस्ताव भी पास हो गया है। जनवरी माह के अंत तक इस इमरजेंसी को चालू करने का प्रयास भी जारी है।
नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कार्य भी हुआ शुरू
मेडिकल कॉलेज में 100 सीट के लिए एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं का प्रवेश होने के साथ ही अध्ययन कार्य शुरू हो गया है। इसी क्रम में अब 60 सीट के लिए बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं शुरू कराने का प्रयास है। इसके लिए जमीन को चिह्नित कर वहां पर कार्य को शुरू करा दिया गया है। इसका निर्माण पूरा होते ही अगले सत्र से यहां नर्सिंग की कक्षाएं शुरू करा दी जाएंगी।

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज नया ओपीडी भवन।संवाद

पीलीभीत मेडिकल कॉलेज नया ओपीडी भवन।संवाद