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सपा के कई पदाधिकारियों पर गिर सकती है गाज
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पीलीभीत। जिले की चारों सीटों पर हार झेलने वाली समाजवादी पार्टी के जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है। कुछ को पदमुक्त तो कुछ को पार्टी से ही निकाला जा सकता है। पार्टी नेतृत्व ने जिले की समीक्षा रिपोर्ट मांगी है। इसमें उन पदाधिकारियों की सूची भी तैयार की जा रही है जिनके बूथों पर पार्टी के प्रत्याशी हार गए।
सपा को पूरनपुर, बीसलपुर और बरखेड़ा में करारी हार का मुंह देखना पड़ा तो वहीं सदर में हाथ से जीत फिसल गई। जिले में पार्टी के प्रदेेश और राष्ट्रीय स्तर के तमाम पदाधिकारी हैं जो अपने बूथों पर ही सपा को वोट नहीं दिला सके। कई ऐसे पदाधिकारी हैं जो अपनी विधानसभा छोड़ सदर में चुनाव लड़वाने आ गए। अपने क्षेत्रों में मेहनत नहीं की। नतीजा उनके बूथों पर पार्टी के प्रत्याशी वोट नहीं हासिल कर सके। पार्टी सूत्रों के अनुसार जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के करीब 14 पदाधिकारियों के खराब प्रदर्शन की रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। इसमें कुछ ऐसे हैं जो चुनाव से ठीक पहले ही पदों पर नामित किए गए। शहर के एक जिला उपाध्यक्ष, अमरिया के एक प्रदेश सचिव, पूरनपुर क्षेत्र के अनुषांगिक संगठन का राष्ट्रीय स्तर के एक पदाधिकारी हैं जिनके भाई का फोटो भाजपा विधायक संजय सिंह गंगवार के साथ सोशल मीडिया पर शेयर हुआ था, शेरपुर कलां के एक पदाधिकारी जैसे कई नाम सूची में शामिल किए गए हैं। इनपर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
संगठन और प्रत्याशियों में तालमेल न होने से बिगड़ा खेल
सपा के पदाधिकारी अब समीक्षा करने में जुटे हैं, तो तमाम बातें भी सामने निकलकर आ रही हैं। कुछ लोगों ने लखनऊ में शीर्ष नेताओं से भी शिकायतें कीं। उनका कहना था कि संगठन और प्रत्याशियों के बीच तालमेल न होने से हार का मुंह देखना पड़ा। यह बातें जिला स्तरीय नेताओं के सामने भी रखी गईं। पार्टी पदाधिकारियों की सहमति लिए बगैर लखनऊ से टिकट लेकर आने वालों से पदाधिकारी खुश नहीं थे। यही वजह थी कि चुनाव में उनकी सक्रियता कम रही। कुछ ऐसे पदाधिकारियों के नाम सामने आए जो दूसरे विधानसभा से थे लेकिन चुनाव लड़वाने के लिए वह सदर में आ गए। अमरिया के एक प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी पर यहां तक आरोप लगाया गया है कि वह चुनाव से एक दिन पहले भाजपा को सपोर्ट करने लगे।
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जिन पदाधिकारियों के बूूथों पर पार्टी हारी है उसकी समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को भेजी जाएगी। जो कार्रवाई होगी वहीं से होगी।
- जगदेव सिंह जग्गा, जिलाध्यक्ष सपा
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सपा को पूरनपुर, बीसलपुर और बरखेड़ा में करारी हार का मुंह देखना पड़ा तो वहीं सदर में हाथ से जीत फिसल गई। जिले में पार्टी के प्रदेेश और राष्ट्रीय स्तर के तमाम पदाधिकारी हैं जो अपने बूथों पर ही सपा को वोट नहीं दिला सके। कई ऐसे पदाधिकारी हैं जो अपनी विधानसभा छोड़ सदर में चुनाव लड़वाने आ गए। अपने क्षेत्रों में मेहनत नहीं की। नतीजा उनके बूथों पर पार्टी के प्रत्याशी वोट नहीं हासिल कर सके। पार्टी सूत्रों के अनुसार जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के करीब 14 पदाधिकारियों के खराब प्रदर्शन की रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। इसमें कुछ ऐसे हैं जो चुनाव से ठीक पहले ही पदों पर नामित किए गए। शहर के एक जिला उपाध्यक्ष, अमरिया के एक प्रदेश सचिव, पूरनपुर क्षेत्र के अनुषांगिक संगठन का राष्ट्रीय स्तर के एक पदाधिकारी हैं जिनके भाई का फोटो भाजपा विधायक संजय सिंह गंगवार के साथ सोशल मीडिया पर शेयर हुआ था, शेरपुर कलां के एक पदाधिकारी जैसे कई नाम सूची में शामिल किए गए हैं। इनपर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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संगठन और प्रत्याशियों में तालमेल न होने से बिगड़ा खेल
सपा के पदाधिकारी अब समीक्षा करने में जुटे हैं, तो तमाम बातें भी सामने निकलकर आ रही हैं। कुछ लोगों ने लखनऊ में शीर्ष नेताओं से भी शिकायतें कीं। उनका कहना था कि संगठन और प्रत्याशियों के बीच तालमेल न होने से हार का मुंह देखना पड़ा। यह बातें जिला स्तरीय नेताओं के सामने भी रखी गईं। पार्टी पदाधिकारियों की सहमति लिए बगैर लखनऊ से टिकट लेकर आने वालों से पदाधिकारी खुश नहीं थे। यही वजह थी कि चुनाव में उनकी सक्रियता कम रही। कुछ ऐसे पदाधिकारियों के नाम सामने आए जो दूसरे विधानसभा से थे लेकिन चुनाव लड़वाने के लिए वह सदर में आ गए। अमरिया के एक प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी पर यहां तक आरोप लगाया गया है कि वह चुनाव से एक दिन पहले भाजपा को सपोर्ट करने लगे।
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जिन पदाधिकारियों के बूूथों पर पार्टी हारी है उसकी समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को भेजी जाएगी। जो कार्रवाई होगी वहीं से होगी।
- जगदेव सिंह जग्गा, जिलाध्यक्ष सपा