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सोशल मीडिया ने सभी को दिया मंच : मैथिली ठाकुर
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गायिका मैथिली ठाकुर।
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। अपने गीतों से सोशल मीडिया और टीवी शोज में धमाल मचा चुकी मैथिली ठाकुर का मानना है कि सोशल मीडिया ने उभरते कलाकार को एक खास मंच दिया है जो पहले आसानी से पाना मुमकिन नहीं था। सोशल मीडिया के बदौलत आज उनको इतनी लोकप्रियता मिली है। शुरुआत में उनके जिन वीडियो पर कुछ हजार लाइक मिलते थे आज वो मिलियन में पहुंच चुके हैं। वह शनिवार को बांसुरी महोत्सव में शामिल होने के लिए पीलीभीत पहुंची।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो सुकून संगीत में है वह कही नहीं है। उनका मेरा मकसद लोकगीत को ऊंचाईयां देना है। आगे बताया कि मिथिला से जुड़ाव होने के चलते मिथिला के गीतों के प्रति रुझान बढ़ा। उनके आगे बढ़ने में परिवार ने भी भरपूर साथ दिया। सोशल मीडिया को लेकर कहा कि आज यह एक ऐसे मंच है जो छोटी जगहों के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका देता है। कहा कि अब लोकगीत में ही काम करना है। हमें अपनी संस्कृति को उभारने पर काम करना चाहिए। बता दें कि मैथिली के यू-ट्यूब और फेसबुक पर सात मिलियन फॉलोअर हैं। उनके गीतों में मैथिली और भोजपुरी गीत शामिल हैं। बिहार के मधुबनी जिले में स्थित बेनीपट्टी नामक एक छोटे से शहर में जन्मी मैथिली को बिहार चुनाव के दौरान उनके गीतों के लिए काफी लोकप्रियता मिली थी।
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जो सुकून संगीत में है वह कही नहीं है। उनका मेरा मकसद लोकगीत को ऊंचाईयां देना है। आगे बताया कि मिथिला से जुड़ाव होने के चलते मिथिला के गीतों के प्रति रुझान बढ़ा। उनके आगे बढ़ने में परिवार ने भी भरपूर साथ दिया। सोशल मीडिया को लेकर कहा कि आज यह एक ऐसे मंच है जो छोटी जगहों के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका देता है। कहा कि अब लोकगीत में ही काम करना है। हमें अपनी संस्कृति को उभारने पर काम करना चाहिए। बता दें कि मैथिली के यू-ट्यूब और फेसबुक पर सात मिलियन फॉलोअर हैं। उनके गीतों में मैथिली और भोजपुरी गीत शामिल हैं। बिहार के मधुबनी जिले में स्थित बेनीपट्टी नामक एक छोटे से शहर में जन्मी मैथिली को बिहार चुनाव के दौरान उनके गीतों के लिए काफी लोकप्रियता मिली थी।
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