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धू-धू कर जल उठा बुराई के प्रतीक रावण का पुतला
Pilibhit
Updated Thu, 22 Oct 2015 10:55 PM IST
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रामलीला मेले में रावण वध लीला देखने को शहर समेत आसपास क्षेत्रों की भारी भीड़ उमड़ी। देर शाम रावण के पुतले का दहन किया गया। वहीं पूरनपुर व बीसलपुर में क्रमश: सीता स्वयंवर व कुंभकरण वधलीला का मंचन हुआ।
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शहर के रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार को हुई रावण वध लीला व दशहरा का शुभारंभ डीएम मासूम अली सरवर ने प्रभु राम के स्वरूप की आरती कर किया। मेले में मंचन के दौरान दिखाया की लंकापति रावण को मंदोदरी समझाती हैं कि राक्षसराज अभी भी समय है, राम लक्ष्मण कोई साधारण पुरुष नहीं है। इस पर रावण क्रोधित हो उठता है और युद्ध स्थल पर जा पहुंचता है। दोनों ओर से युद्ध शुरू हो जाता है। प्रभु राम वाणों से रावण के शीश व भुजाओं को काटने लगते हैं, लेकिन शीश व भुजाएं फिर से जुड़ जाते हैं। विभीषण राम को रावण की नाभि में अमृतवास की जानकारी देते हैं। इस पर प्रभु राम अगस्त मुनि द्वारा दिए गए अग्निबाण से रावण पर प्रहार करते हैं। अग्निबाण नाभिकुंड के अमृत को सोख लेता है और रावण मरणासन्न अवस्था में जमीन पर गिर पड़ता है। इसके साथ ही रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठते हैं। पूरा मैदान भगवान राम के जयकारों से गूंज उठता है। इससे पूर्व डीएम व कमेटी पदाधिकारियों ने रावण के दस सिरों के प्रतीक गुब्बारों को उड़ाया। आतिशबाज हनीफ ने आतिशबाजी का कार्यक्रम पेश किया। महंत ओमकार नाथ, अध्यक्ष सुनील मिश्रा, प्रेम सिंह, नरेश शुक्ला, डॉ. नरेंद्रनाथ मिश्रा, रमाकांत पांडेय, धीरेंद्र मिश्र, अमिताभ त्रिपाठी, केशव सक्सेना, अजय सक्सेना, रमाकांत शर्मा, अमित अग्रवाल, अंशुमान मिश्रा, रवींद्रमोहन भटनागर, विश्वास सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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पूरनपुर। रामलीला मेला में मंचन के दौरान दिखाया गया कि राजा जनक सीता के स्वयंवर को राजाओं को धनुष यज्ञ का बुलावा देते हैं। तमाम राजा धनुष यज्ञ में पहुंचते हैं। राजा जनक पुत्री सीता की शर्त का हवाला देकर धनुष तोड़ने को कहते हैं। वीर राजाओं में रावण और वाणासुर मेें ताकतवर को लेकर संवाद होता है। कई राजा धनुष तोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन वे उसेे हिला भी नहीं पाते। विश्वमित्र का इशारा होते ही राम धनुष को तोड़ देते हैं। धनुष टूटते ही राम के जयकारे लगने लगते हैं। उधर, धनुष टूटते ही परशुराम मौके पर पहुंचकर धनुष तोड़ने पर क्रोधित होते हैं। तब पशुराम-लक्ष्मण संवाद होता है। लीला मंचन के दौरान रामलीला मेला कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सक्सेना, सुनील सक्सेना, रजनीश सक्सेना, श्रीकृष्ण शर्मा, रामभजन वर्मा आदि थे। नाटक कंपनी के मैनेजर जमुना प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार को राम विवाह आदि की लीला का मंचन किया जाएगा।
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बीसलपुर। रामलीला मेले में दर्शाया जाता है कि रावण के आदेश पर कुंभकरण रामादल से लड़ने जाता है। कई घंटे के युद्ध के बाद कुंभकरण प्रभु राम के हाथों मारा जाता है। कुंभकरण की मौत की सूचना पर रावण क्रोधित हो उठता है और वह मेघनाथ को युद्ध के लिए भेजता है। युद्ध में मेघनाथ लक्ष्मण के हाथों मारा जाता है। कुंभकरण व मेघनाथ की मौत से लंका में शोक की लहर दौड़ जाती है। संचालन मनोज त्रिपाठी, उपेंद्र शंखधार व अवधेश भट्ट ने रामायण की चौपाइयां, दोहे पढ़कर किया। मेला कमेटी के सुरेश ठेकेदार ने बताया कि शुक्रवार को रावण वध लीला का मंचन किया जाएगा और रावण का पुतला दहन भी होगा।