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Pilibhit News: दिसंबर से लापता किशोरी का नहर में मिला कंकाल
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माधोटांडा। चित्तरपुर स्थित हरदोई ब्रांच नहर पुल की झाल में शुक्रवार सुबह एक कंकाल मिला। पता चला तो लोगों की भीड़ जुट गई। कलीनगर के रहने वाले परिजनों ने कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान 27 दिसंबर से लापता पुत्री रोशनी (16 साल) के रूप में की है। करीब 80 दिन पहले रोशनी की चप्पल और शाल नहर किनारे मिले थे। पुलिस ने कंकाल को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
चित्तरपुर गांव के पास हरदोई ब्रांच नहर में कंकाल मिलने की सूचना पर माधोटांडा पुलिस मौके पहुंच गई। कंकाल को झाल से निकलवाकर कब्जे में लिया। कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान कलीनगर के वार्ड पांच निवासी रमेश की पुत्री के रूप में पहचान हुई। शिनाख्त होते ही परिवार में कोहराम मच गया।
बताया जा रहा है कि रोशनी के लापता होने के बाद से ही पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम की ओर से नहर में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। दो नावों की मदद से नहर में तलाश की गई। वहीं कई स्थानों पर जाल डालकर भी खोजबीन की गई थी। नहर किनारे पहले मिले चप्पल और शाल के आधार पर उसके नहर में कूदने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शाहजहांपुर जनपद की पुलिस को भी अलर्ट किया था, ताकि नहर के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में निगरानी रखी जा सके।
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इसके अलावा मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और रिश्तेदारी के ठिकानों पर भी जांच की गई, लेकिन किशोरी का कहीं कोई पता नहीं चल सका था। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी उसकी फोटो के जरिये तलाश कराई गई थी। थानाध्यक्ष अशोक पाल ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम के साथ कंकाल का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
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चित्तरपुर गांव के पास हरदोई ब्रांच नहर में कंकाल मिलने की सूचना पर माधोटांडा पुलिस मौके पहुंच गई। कंकाल को झाल से निकलवाकर कब्जे में लिया। कपड़ों के आधार पर कंकाल की पहचान कलीनगर के वार्ड पांच निवासी रमेश की पुत्री के रूप में पहचान हुई। शिनाख्त होते ही परिवार में कोहराम मच गया।
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बताया जा रहा है कि रोशनी के लापता होने के बाद से ही पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम की ओर से नहर में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। दो नावों की मदद से नहर में तलाश की गई। वहीं कई स्थानों पर जाल डालकर भी खोजबीन की गई थी। नहर किनारे पहले मिले चप्पल और शाल के आधार पर उसके नहर में कूदने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शाहजहांपुर जनपद की पुलिस को भी अलर्ट किया था, ताकि नहर के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में निगरानी रखी जा सके।
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इसके अलावा मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और रिश्तेदारी के ठिकानों पर भी जांच की गई, लेकिन किशोरी का कहीं कोई पता नहीं चल सका था। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी उसकी फोटो के जरिये तलाश कराई गई थी। थानाध्यक्ष अशोक पाल ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम के साथ कंकाल का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।