पीलीभीत: गन्ने के खेत में मिला चार महीने से लापता युवक का कंकाल, परिजनों ने कपड़ों से की पहचान
अमरिया क्षेत्र में चार महीने से लापता युवक धनीराम का कंकाल बुधवार को गन्ने के खेत में मिला। आधार कार्ड और कपड़ों से उसकी पहचान हुई। सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।
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पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र में चार महीने से लापता युवक धनीराम का कंकाल बुधवार को गन्ने के खेत में मिला। अमरिया-बिलासपुर मार्ग पर शराब भट्टी से करीब 100 मीटर दूर खेत में गन्ने की छिलाई कर रहे मजदूरों को बिखरी हड्डियां और सिर का कंकाल दिखाई दिया। पास में पड़ी पेंट में आधार कार्ड, पर्स और मोबाइल मिला। इससे मृतक की पहचान हुई। परिजनों ने कपड़ों से भी उसकी पहचान की। धनीराम 24 जून को घर से नाराज होकर निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटा था।
बिलासपुर गांव निवासी गेंदनलाल के मुताबिक, उसका भाई धनीराम (36) शराब पीने का आदी था। वह अक्सर अमरिया-बिलासपुर मार्ग स्थित शराब भट्टी पर जाता था। 24 जून को परिजनों की डांट से नाराज होकर वह घर से निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। छह दिन बाद पत्नी रेखा ने अमरिया थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस भी उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बुधवार को मलकीत सिंह के खेत में मजदूर गन्ने की छिलाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें खेत में अलग-अलग जगह हड्डियां बिखरी दिखाई दीं। कुछ दूरी पर सिर का कंकाल भी मिला। पास में पैंट और शर्ट पड़ी थीं। मजदूरों ने खेत स्वामी को सूचना दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर अमरिया पुलिस को जानकारी दी।
आधार कार्ड और कपड़ों से हुई पहचान
थाना प्रभारी अमित सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पैंट की तलाशी लेने पर पर्स, मोबाइल और आधार कार्ड मिला। इससे मृतक की पहचान धनीराम के रूप में हुई। मौके पर पहुंचे उसके भाई गेंदनलाल ने कपड़ों की पहचान की। उसने बताया कि धनीराम मजदूरी करता था और चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था।
कंकाल मिलने की जानकारी पर पत्नी रेखा का बुरा हाल हो गया। परिजनों ने किसी तरह के आरोप से इन्कार किया। सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि परिजनों ने मौके पर पहुंचकर कपड़ों की पहचान की है। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। मामले में विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।