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Pilibhit News: सरकारी अस्पतालों में आयुष दवाओं का टोटा, मरीज परेशान

Sun, 19 May 2024 04:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2024 04:10 AM IST
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Shortage of AYUSH medicines in government hospitals, patients worried
आयुष विंग में खाली पड़ा दवा वितरण कक्ष । संवाद
पीलीभीत। जिले के सरकारी अस्पतालों में आयुष दवाओं का लंबे समय टोटा बना हुआ है। दवा न होने से चिकित्सक ऐलोपैथिक दवाएं लिखने को मजबूर हैं। वहीं मरीज भी दवा के अभाव में कम आ रहे हैं।
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सूत्रों का कहना है कि अस्पतालों में करीब एक साल से दवाओं की आपूर्ति नहीं हुई है। ऐसेे में दवा लेने आए मरीजों को या तो वापस जाना पड़ता है या फिर ऐलोपैथिक दवाओं से काम चलाना पड़ता है। दवाओं को लेकर कई बार मांग भी की गई, लेकिन जिम्मेदारों ने इस और ध्यान नहीं दिया। बता दें कि जिले में 10 सीएचसी और 26 पीएचसी है। यहां पर 17 संविदा आयुष चिकित्सकों की तैनाती है।
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आयुष विंग में खाली पड़ी अलमारी
मेडिकल कॉलेज में बने आयुष विंग में इस समय दवाओं के अभाव में अलमारी खाली पड़ी हुई है। यहां पर मौजूद आयुष चिकित्सक दवाओं के न होने पर ऐलोपैथिक दवाएं लिख रहे हैं। जब यहां पर दवाएं थी तो मरीजों की रोजाना 150 से 200 ओपीडी होती थी। फिलहाल आयुष चिकित्सकों के पास आने वाले मरीजों की संख्या न के बराबर है।
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यह हैं जरूरी आयुष दवाएंअभयारिष्ट, दशमूलारिष्ट, संजीवनीवटी, लौगनादिवटी, अर्शकुठार, शीतोप्लाज, सुदर्शन चूर्ण, कायम चूर्ण, त्रिफला, कुटजघन वटी, कुटजारिष्ट आदि।
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अस्पतालों में आयुष दवाएं कम हो सकती हैं पर उनका अभाव नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले को दिखाया जाएगा और दवाएं भिजवाई जाएंगी।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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