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शारदा नदी का जलस्तर घटने से तेज हुआ कटान
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jul 2016 11:24 PM IST
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शारदा नदी का जलस्तर कम होने से कटान तेज हो गया है। पिछले 24 घंटों में नदी ने रमनगरा बुझिया के निकट करीब 200 एकड़ जमीन को खुद में समा लिया है। वहीं, नलडेंगा क्षेत्र में वर्षों पुराने स्परों पर लूप बनाकर कटान शुरू कर दिया है। निचले क्षेत्रों में कटान होने से अब बाढ़ के समय निकटवर्ती गांव में पानी पहुंचने का खतरा बन गया है।
पहाड़ों पर बारिश में कमी आने से शारदा नदी का जलस्तर भी तेजी से घट रहा है। रविवार रात से नदी ने रमनगरा बुझिया क्षेत्र में कटान शुरू किया है। नदी ने पिछले कुछ वर्षों में छोड़ी करीब 200 एकड़ जमीन को काट दिया है और कटान अभी भी जारी है। वर्तमान में नदी जहां कटान कर रही है, वह पूरा निचला क्षेत्र हैं। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि यदि अब पहाड़ों पर बारिश होने अथवा वनबसा बैराज से एक साथ पानी छोड़ने से बाढ़ आती है तो निकटवर्ती गांव धुरिया पलिया, सेल्हा, पुरैना आदि गांव में पानी भर सकता है। उधर, नगरिया क्षेत्र में नदी ने जंगल की ओर रुख कर लिया है। हालांकि, अभी जंगल सुरक्षित है। वहीं नगरिया से और पहले नलडेंगा में वर्षों पुराने स्पर संख्या एक व दो की धार टकरा रही है। नदी का पानी स्परों के चारों ओर लूप बना रहा है, जिससे दोनों स्पर क्षतिग्रस्त होकर आधे कट चुके हैं। खास बात यह है किन इन स्परों को देखने अब तक सिंचाई/ बाढ़ खंड का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
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पहाड़ों पर बारिश में कमी आने से शारदा नदी का जलस्तर भी तेजी से घट रहा है। रविवार रात से नदी ने रमनगरा बुझिया क्षेत्र में कटान शुरू किया है। नदी ने पिछले कुछ वर्षों में छोड़ी करीब 200 एकड़ जमीन को काट दिया है और कटान अभी भी जारी है। वर्तमान में नदी जहां कटान कर रही है, वह पूरा निचला क्षेत्र हैं। ऐसे में आशंका व्यक्त की जा रही है कि यदि अब पहाड़ों पर बारिश होने अथवा वनबसा बैराज से एक साथ पानी छोड़ने से बाढ़ आती है तो निकटवर्ती गांव धुरिया पलिया, सेल्हा, पुरैना आदि गांव में पानी भर सकता है। उधर, नगरिया क्षेत्र में नदी ने जंगल की ओर रुख कर लिया है। हालांकि, अभी जंगल सुरक्षित है। वहीं नगरिया से और पहले नलडेंगा में वर्षों पुराने स्पर संख्या एक व दो की धार टकरा रही है। नदी का पानी स्परों के चारों ओर लूप बना रहा है, जिससे दोनों स्पर क्षतिग्रस्त होकर आधे कट चुके हैं। खास बात यह है किन इन स्परों को देखने अब तक सिंचाई/ बाढ़ खंड का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
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