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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा शारदा सागर डैम

Thu, 04 May 2017 10:38 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Thu, 04 May 2017 10:38 PM IST
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Sharda Sagar Dam to be developed as tourist destination
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा शारदा सागर डैम
 सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने शारदा सागर डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की हैं। हालांकि डैम को पूर्व वर्षों में भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन तत्कालीन अभियंताओं की लापरवाही के चलते पर्यटन स्थल वाले क्षेत्र में फुुलवारी की जगह जंगल झाड़ी उग आई। अब यह मात्र के जंगल के रूप में नजर आता है। प्रथम पंचवर्षीय योजना के तहत शारदा सागर डैम का निर्माण कराया गया था। इस 22 किलोमीटर लंबे डैम में भंडार किए गए पानी को दूर-दूर तक हिलोरे खाता देख लोग किसी समुद्र के होने का अहसास करते थे। डैम के जीरो किमी पर सिंचाई विभाग के तत्कालीन अफसरों ने पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एक हवा महल बनाया था। जिस पर खड़े होकर पर्यटक शारदा डैम और शारदा नदी का नजारा देखते थे। हालांकि वर्तमान में यह खूबसूरत हवा महल आज एसएसबी की चूका कंपनी का मुख्यालय बन चुका है। इस हवा महल के पश्चिम दिशा में शारदा डैम से एक नहर निकाली गई हैं। यहां से लेकर शारदा सागर फीडर तक लगभग चार एकड़ क्षेत्र में चारों ओर फुलवारी लगाई गई थी। बीच में पानी के फव्वारे लगाए गए थे। शारदा सागर फीडर का पानी जहां डैम में गिरता है वहां पर भी पर्यटकों के बैठने के लिए छातानुमा बैंचें बनाई गई थी, लेकिन धीरे-धीरे अभियंताओं की लापरवाही के चलते यहां लगी फुलवारी पूरी तरह से उजड़ गई। माली को भी हटा दिया गया और आज स्थिति यह हैं कि इस इलाके में जंगल झाड़ी उग आई हैं और फव्वारे भी महज शोपीस बनकर रह गए। इधर, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने शारदा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की हैं। इससे लोगों में खुशी देखी जा रही है। यदि सबकुछ ठीक ठाक रहा तो इस यह पर्यटक स्थल के माध्यम से खूबसूरती निहारने के साथ-साथ यहां की तलहटी में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों की संस्कृति और रहन सहन का भी विदेशी आनंद उठा सकेंगे। हालांकि बाइफरकेशन को पर्यटक स्थल बनाने के लिए तत्कालीन सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने भी घोषणा की थी। उन्होंने चार एकड़ भूमि पर लोहिया पार्क बनाने को चार करोड़ की लागत का प्रोजेक्ट भी मांगा था, लेकिन वह सब कागजों में सिमट कर रह गया।
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