{"_id":"632610f9ba44372d3d776e87","slug":"sharda-s-water-level-increased-water-entered-ssb-camp-pilibhit-news-bly497907814","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा का जलस्तर बढ़ा, एसएसबी कैंप में घुसा नदी का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा का जलस्तर बढ़ा, एसएसबी कैंप में घुसा नदी का पानी
सार
मैदानी क्षेत्र के साथ पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण शारदा नदी का जलस्तर शनिवार को बढ़ गया।नोमैंस लैंड पर शारदा नदी से मिलने वाली जगबूड़ा नदी का पानी नौजल्हा नंबर दो गांव के कुछ हिस्से में घुस गया।शारदा नदी में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
विज्ञापन
एसएसबी कैम्प में घुसा शारदा नदी का पानी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
विस्तार
पीलीभीत। मैदानी क्षेत्र के साथ पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण शारदा नदी का जलस्तर शनिवार को बढ़ गया। बनवसा बैराज से शनिवार सुबह डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से नदी के किनारे 20 गांवों में रहने वाले लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। नोमैंस लैंड पर शारदा नदी से मिलने वाली जगबूड़ा नदी का पानी नौजल्हा नंबर दो गांव के कुछ हिस्से में घुस गया। पानी भरने से एसएसबी कैंप तालाब में बदल गया है। जवानों ने जरूरी सामान वाहनों में भरकर नगरिया खुर्द स्थित कैंप में भेज दिया है।
उत्तराखंड के बनवसा बैराज से शारदा नदी में छोड़े गए पानी से माधोटांडा क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में नौजल्हा नंबर दो, गभिया सहराई, कंजिया सिंहपुर, नगरिया खुर्द कला, रमनगरा, मझारा समेत 20 गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ गई। नौजल्हा नंबर दो, नगरिया खुर्द कला क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद नदी पर कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्य पानी में डूब गए। जानकारी लगते ही शारदा सागर और बाढ़ खंड के अभियंताओं ने नदी में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अभियंताओं का दावा है कि स्थिति अभी सामान्य है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के हालात फिर उत्पन्न होने लगे हैं। पिछले साल भी अक्टूबर माह में नदी ने तबाही मचाई थी।
सुबह नौ बजे बढ़ा पानी तो चौकी से सामान हटाने लगे जवान
गांव नौजल्हा नंबर दो में स्थित एसएसबी चौकी नौमेंस लैंड से सटे इलाके में बनी हुई है। भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जगबूढ़ा नदी का प्रवाह यहां अधिक रहता है। चौकी इंचार्ज शांति राय ने बताया कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे चौकी में अचानक नदी का पानी आने लगा। जलभराव बढ़ने से चौकी पर तीन से चार फीट पानी भर गया। स्थिति बिगड़ती देख जवानों ने सामान को सुरक्षित बाहर निकाला। छह विभागीय वाहनों से जरूरी सामान को निकालकर नगरिया खुर्द कला स्थित कैंप पर भेज दिया गया।
विज्ञापन
तीन नदियां मिलकर मचाती हैं तबाही
शारदा नदी माधोटांडा के नोमैंस लैंड क्षेत्र से जनपद सीमा में प्रवेश करती है। नेपाल में इसको महाकाली कहा जाता है। भारतीय क्षेत्र में प्रवेश के बाद शारदा नदी कहते हैं। उत्तराखंड क्षेत्र से निकली पहाड़ी नदी जगबूढ़ा भी नौमेंस लैंड से शारदा नदी में मिल जाती है। इसके अलावा नेपाल की बमनी नदी भी गुन्हान गांव से होकर शारदा नदी में मिल जाती है। तीनों नदियां एक साथ मिलकर बाढ़ के समय तबाही मचाती हैं।
शारदा नदी में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालात सामान्य है। नदी क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। -ध्रुव नरायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
विज्ञापन
उत्तराखंड के बनवसा बैराज से शारदा नदी में छोड़े गए पानी से माधोटांडा क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में नौजल्हा नंबर दो, गभिया सहराई, कंजिया सिंहपुर, नगरिया खुर्द कला, रमनगरा, मझारा समेत 20 गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ गई। नौजल्हा नंबर दो, नगरिया खुर्द कला क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद नदी पर कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्य पानी में डूब गए। जानकारी लगते ही शारदा सागर और बाढ़ खंड के अभियंताओं ने नदी में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अभियंताओं का दावा है कि स्थिति अभी सामान्य है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के हालात फिर उत्पन्न होने लगे हैं। पिछले साल भी अक्टूबर माह में नदी ने तबाही मचाई थी।
विज्ञापन
सुबह नौ बजे बढ़ा पानी तो चौकी से सामान हटाने लगे जवान
गांव नौजल्हा नंबर दो में स्थित एसएसबी चौकी नौमेंस लैंड से सटे इलाके में बनी हुई है। भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जगबूढ़ा नदी का प्रवाह यहां अधिक रहता है। चौकी इंचार्ज शांति राय ने बताया कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे चौकी में अचानक नदी का पानी आने लगा। जलभराव बढ़ने से चौकी पर तीन से चार फीट पानी भर गया। स्थिति बिगड़ती देख जवानों ने सामान को सुरक्षित बाहर निकाला। छह विभागीय वाहनों से जरूरी सामान को निकालकर नगरिया खुर्द कला स्थित कैंप पर भेज दिया गया।
विज्ञापन
तीन नदियां मिलकर मचाती हैं तबाही
शारदा नदी माधोटांडा के नोमैंस लैंड क्षेत्र से जनपद सीमा में प्रवेश करती है। नेपाल में इसको महाकाली कहा जाता है। भारतीय क्षेत्र में प्रवेश के बाद शारदा नदी कहते हैं। उत्तराखंड क्षेत्र से निकली पहाड़ी नदी जगबूढ़ा भी नौमेंस लैंड से शारदा नदी में मिल जाती है। इसके अलावा नेपाल की बमनी नदी भी गुन्हान गांव से होकर शारदा नदी में मिल जाती है। तीनों नदियां एक साथ मिलकर बाढ़ के समय तबाही मचाती हैं।
शारदा नदी में डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालात सामान्य है। नदी क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। -ध्रुव नरायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड

शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा। संवाद- फोटो : PILIBHIT