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शारदा का जलस्तर बढ़ा... 25 बीघा जमीन नदी में समाई
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माधोटांडा। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते शारदा नदी के जलस्तर में शनिवार को बढ़ोतरी देखी गई। नदी ने पिछले 24 घंटे में रमनगरा और मठइया लालपुर इलाके में 25 बीघा जमीन निगल ली। इस जमीन पर धान और गन्ने की फसल खड़ी थी।
बनबसा बैराज से शनिवार सुबह नौ बजे 69,294 क्यूसेक और शाम तीन बजे 74,010 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पहाड़ों पर हो रही बारिश से शारदा नदी का जलस्तर पहले से ही बढ़ा है। हालांकि नदी में अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं आई है। मगर, आसपास के गांवों के किसानों के मुताबिक नदी में रोजाना दोपहर बाद पानी बढ़ जाता है। इससे नदी ने दाहिने किनारे की ओर कई स्थानों पर कटान शुरू हो गया है। रमनगरा गुरुद्वारे के पास नदी कटान कर रही है। इसमें किसानों की धान और गन्ने से खड़ी फसलें कट रही हैं। इसी स्थान पर पिछले साल बाढ़ खंड ने कटान रोकने के लिए रेत भरे बैग और सीमेंट की बीम के इंतजाम किए थे।
नदी का जलस्तर बढ़ने से पिछले 24 घंटे में करीब 60 फिट बीम भी नदी की भेंट चढ़ गई। नदी ने हरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, जसनवीर सिंह, बलविंदर सिंह समेत करीब आधा दर्जन किसानों की धान और गन्ने की खड़ी फसलों सहित 25 बीघा जमीन तबाह कर दी है। किसानों ने बताया कि यहां पर नदी अभी धीमी गति से कटान कर रही है, मगर यह कटान किसी भी वक्त तेज हो सकता है। बाढ़ खंड के एई ध्रुव नारायण शुक्ल का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर है। कटान रोकने के लिए बचाव संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं।
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बनबसा बैराज से शनिवार सुबह नौ बजे 69,294 क्यूसेक और शाम तीन बजे 74,010 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पहाड़ों पर हो रही बारिश से शारदा नदी का जलस्तर पहले से ही बढ़ा है। हालांकि नदी में अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं आई है। मगर, आसपास के गांवों के किसानों के मुताबिक नदी में रोजाना दोपहर बाद पानी बढ़ जाता है। इससे नदी ने दाहिने किनारे की ओर कई स्थानों पर कटान शुरू हो गया है। रमनगरा गुरुद्वारे के पास नदी कटान कर रही है। इसमें किसानों की धान और गन्ने से खड़ी फसलें कट रही हैं। इसी स्थान पर पिछले साल बाढ़ खंड ने कटान रोकने के लिए रेत भरे बैग और सीमेंट की बीम के इंतजाम किए थे।
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नदी का जलस्तर बढ़ने से पिछले 24 घंटे में करीब 60 फिट बीम भी नदी की भेंट चढ़ गई। नदी ने हरेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, जसनवीर सिंह, बलविंदर सिंह समेत करीब आधा दर्जन किसानों की धान और गन्ने की खड़ी फसलों सहित 25 बीघा जमीन तबाह कर दी है। किसानों ने बताया कि यहां पर नदी अभी धीमी गति से कटान कर रही है, मगर यह कटान किसी भी वक्त तेज हो सकता है। बाढ़ खंड के एई ध्रुव नारायण शुक्ल का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर है। कटान रोकने के लिए बचाव संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं।
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