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Pilibhit News: शारदा नदी की बाढ़ से तटबंध चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त
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गांव चंदिया हजारा के समीप शारदा नदी किनारे क्षतिग्रस्त हुए तटबंध का निरीक्षण करते बाढ़ खंड के अ
पूरनपुर। शारदा नदी की बाढ़ में नौ करोड़ की लागत से बने तटबंध के चार स्थानों से क्षतिग्रस्त होने पर बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता आशुतोष ने मंगलवार को निरीक्षण किया। ग्राम प्रधान और अन्य लोगों ने क्षतिग्रस्त तटबंध की शीघ्र और मजबूती के साथ मरम्मत कराने की मांग की, ताकि दोबारा बाढ़ में क्षेत्र में तबाही बच सके।
शारदा नदी की बाढ़ से नदी के इस पार के गांवों चंदिया हजारा, राहुलनगर मजदूर बस्ती, कॉलोनी नंबर छह सहित अन्य आसपास के गांवों को बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से जियो बैग लगाकर तटबंध बनाया गया था।
इसके अलावा 9.98 करोड़ की लागत से नदी में डोजिंग चेनेलाइजेशन शुरू किया गया। गड़बड़ी को लेकर लोगों ने अफसरों से शिकायत की, मगर जियो बैग लगाने का काम आनन फानन में बाढ़ आने के कुछ दिन पहले समाप्त कर दिया गया।
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बाढ़ आई तो तटबंध चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। इससे गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह सहित आसपास के गांवों में बाढ़ आ गई। अब क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत के नाम पर लीपापोती की तैयारी चल रही है।
तटबंध क्षतिग्रस्त होने को लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि अगर मानक और मजबूती से तटबंध बनाया गया होता, तब यह क्षतिग्रस्त नहीं होता। मंगलवार को बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता आशुतोष ने तटबंध पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू और अन्य गांव के लोगों ने तटबंध की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की। ताकि दोबारा बाढ़ आने पर गांवों को बाढ़ से बचाया जा सके। अधिशासी अभियंता ने बुधवार से मरम्मत को सामान आने और शीघ्र ही मरम्मत शुरू कराने का आश्वासन ग्राम प्रधान और अन्य लोगों को दिया।
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शारदा नदी की बाढ़ से नदी के इस पार के गांवों चंदिया हजारा, राहुलनगर मजदूर बस्ती, कॉलोनी नंबर छह सहित अन्य आसपास के गांवों को बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से जियो बैग लगाकर तटबंध बनाया गया था।
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इसके अलावा 9.98 करोड़ की लागत से नदी में डोजिंग चेनेलाइजेशन शुरू किया गया। गड़बड़ी को लेकर लोगों ने अफसरों से शिकायत की, मगर जियो बैग लगाने का काम आनन फानन में बाढ़ आने के कुछ दिन पहले समाप्त कर दिया गया।
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बाढ़ आई तो तटबंध चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। इससे गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह सहित आसपास के गांवों में बाढ़ आ गई। अब क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत के नाम पर लीपापोती की तैयारी चल रही है।
तटबंध क्षतिग्रस्त होने को लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि अगर मानक और मजबूती से तटबंध बनाया गया होता, तब यह क्षतिग्रस्त नहीं होता। मंगलवार को बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता आशुतोष ने तटबंध पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू और अन्य गांव के लोगों ने तटबंध की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की। ताकि दोबारा बाढ़ आने पर गांवों को बाढ़ से बचाया जा सके। अधिशासी अभियंता ने बुधवार से मरम्मत को सामान आने और शीघ्र ही मरम्मत शुरू कराने का आश्वासन ग्राम प्रधान और अन्य लोगों को दिया।