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रोटी खाने से सात लोगों की हालत बिगड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Sat, 06 Jan 2018 06:29 PM IST
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roti
जहरीले आटे की रोटी खाने से राहुलनगर मजदूर बस्ती निवासी 42 वर्षीय रामचंद्र और उनके परिवार वालों की हालत बिगड़ गई। उल्टियां न रुकने पर रामचंद्र सहित परिवार के सात लोगों को शुक्रवार रात करीब सवा बजे सीएचसी लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर सभी लोग अपने घरों को चले गए।
ग्राम पंचायत चंदिया हजारा के गांव राहुलनगर मजदूर बस्ती निवासी रामचंद्र गेहूं पीसने की चक्की गांव में लगा रखी है। रामचंद्र ने बताया कि गांव की एक महिला गेहूं पिसवाने आई थी। उसे आटा दे दिया। कुछ देर बाद महिला ने चक्की पर आकर आटा बदलने की जानकारी देते हुए आटे का कट्टा उसका न होने का तर्क दिया। महिला को तब दूसरा आटा दे दिया गया। महिला के घर से वापस आया आटा उसने अपने घर मेें प्रयोग कर लिया। उसी आटे की रात में रोटी बनी। रोटी खाने के बाद परिवार के लोगों को उल्टियां होने से हालत बिगड़ने लगी। इसकी सूचना 108 एंबुलेंस को दी गई। एंबुलेंस से रात करीब सवा बजे 42 वर्षीय रामचंद्र, उनकी पत्नी 38 वर्षीय दयावती, सोलह वर्षीय पुत्री नीलम, महेंद्र की 65 वर्षीय पत्नी लोरी देवी, 26 वर्षीय उनका पुत्र नंद किशोर, तीस वर्षीय विनोद, विनोद की पत्नी 26 वर्षीय गुड्डी देवी को सीएचसी लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद परिवार के सभी सदस्यों की हालत में सुधार होने पर उनको घर जाने की सलाह दी गई। बीमार लोगों का इलाज करने वाले सीएचसी के चिकित्सक डॉ. कमरुल जमा ने बताया कि परिवार के दो लोगों के पेट में गैस बन रही थी व उल्टी आ रही थी। शेष के पेट में हल्का फुल्का दर्द था। जहर खाने के लक्षण नहीं थे। अधिक तेल व मसालेदार चीजें खाने से भी कभी-कभी पेट में जलन और उल्टियां होती हैं। बासी खाना खाने से भी ऐसा होता है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत में सुधार होने पर उनको घरों को भेज दिया गया।
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ग्राम पंचायत चंदिया हजारा के गांव राहुलनगर मजदूर बस्ती निवासी रामचंद्र गेहूं पीसने की चक्की गांव में लगा रखी है। रामचंद्र ने बताया कि गांव की एक महिला गेहूं पिसवाने आई थी। उसे आटा दे दिया। कुछ देर बाद महिला ने चक्की पर आकर आटा बदलने की जानकारी देते हुए आटे का कट्टा उसका न होने का तर्क दिया। महिला को तब दूसरा आटा दे दिया गया। महिला के घर से वापस आया आटा उसने अपने घर मेें प्रयोग कर लिया। उसी आटे की रात में रोटी बनी। रोटी खाने के बाद परिवार के लोगों को उल्टियां होने से हालत बिगड़ने लगी। इसकी सूचना 108 एंबुलेंस को दी गई। एंबुलेंस से रात करीब सवा बजे 42 वर्षीय रामचंद्र, उनकी पत्नी 38 वर्षीय दयावती, सोलह वर्षीय पुत्री नीलम, महेंद्र की 65 वर्षीय पत्नी लोरी देवी, 26 वर्षीय उनका पुत्र नंद किशोर, तीस वर्षीय विनोद, विनोद की पत्नी 26 वर्षीय गुड्डी देवी को सीएचसी लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद परिवार के सभी सदस्यों की हालत में सुधार होने पर उनको घर जाने की सलाह दी गई। बीमार लोगों का इलाज करने वाले सीएचसी के चिकित्सक डॉ. कमरुल जमा ने बताया कि परिवार के दो लोगों के पेट में गैस बन रही थी व उल्टी आ रही थी। शेष के पेट में हल्का फुल्का दर्द था। जहर खाने के लक्षण नहीं थे। अधिक तेल व मसालेदार चीजें खाने से भी कभी-कभी पेट में जलन और उल्टियां होती हैं। बासी खाना खाने से भी ऐसा होता है। प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत में सुधार होने पर उनको घरों को भेज दिया गया।
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