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लक्ष्य तय करें... असफलता पर धैर्य न खोएं
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पूरनपुर के गुरुनानक इंटर कॉलेज के शिविर में बच्चों को जानकारी देते जिला सेवायोजन अधिकारी विवेक ?
- फोटो : PILIBHIT
पूरनपुर। जिला सेवायोजन अधिकारी विवेक शुक्ला ने कहा कि सफलता आसानी से नहीं मिलती। संघर्ष करना पड़ता है। लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी करें। सफलता न मिलने पर धैर्य न खोएं। धैर्य खो दिया तो अवसाद का शिकार हो जाएंगे। जहां कमजोरी महसूस हो उस पर अधिक ध्यान दें। सफलता जरूर मिलेगी।
गुरुनानक इंटर कॉलेज में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कॅरियर काउंसलिंग शिविर लगाया गया। इसमें जिला सेवायोजन अधिकारी विवेक शुक्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट के बाद छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक चिंता रोजगार परक कोर्स की होती है। अधिकतर बच्चे ऐसा कोर्स करना चाहते हैं जो रोजगार की दृष्टि से लाभकारी हो। इंटरमीडिएट के बाद इंजीनियरिंग क्षेत्र में जाने के लिए आईआईटीजेई, आईटीआई और जीटीआई करनी पड़ती है।
इंटरमीडिएट के बाद क्लर्क, ग्रम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी की नौकरी हासिल की जा सकती है। स्नातक के बाद सिविल की तैयारी होती है। आईएएस, पीसीएस, एसआरएस सेवा में परीक्षा पास कर किया जा सकता है। इंटर के बाद नौकरी के लिए विभिन्न विभागों की वेबसाइट को देखते रहें। उन्होंने कहा कि सफलता न मिलने पर धैर्य की कमी हो जाती है। कुछ बच्चे अवसाद का शिकार होने लगते हैं। कोई भी सफलता आसानी से नहीं मिलती। इसके लिए कड़ा संघर्ष करना होता है। लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करें। सफलता अपने आप कदम चूमेगी।
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मुखिया से समन्वय जरूरी
जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि कभी कभार कड़ी मेहनत के बाद सफलता नहीं मिलती। तब बच्चों पर परिवार का दबाव बढ़ने लगता है और मनोबल टूटने लगता है। ऐसे में अभिभावक को बच्चे से संवाद को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने की जानकारी दी। साइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराने को कहा। यह भी बताया कि समय-समय पर सेवायोजन कार्यालय की ओर से रोजगार मेले भी लगाए जाते हैं।
बच्चों के पूछे सवालों का बेबाकी से दिया जवाब
छात्र अभिनव गुप्ता ने पूछा- अच्छा बिजनेसमैन कैसे बना जा सकता है? सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि इंटर के बाद व्यापार क्षेत्र में जाने को बीबीए, एमबीए करें। शैलेंद्र सिंह ने डीफार्मा करने का तरीका पूछा। बताया कि फार्मेसी का कोर्स करना होता है। इंटरमीडिएट के बाद किया जा सकता है। विकास ने प्रोफेसर बनने के विषय में जानकारी की।
उन्हें बताया गया कि प्रोफेसर बनने को स्नातक होना जरूरी है। इसे बाद नेट की परीक्षा होती है। शाहनबाज ने बैंक मैनेजर बनने का सपना बताया। सेवा योजन अधिकारी ने बताया कि स्नातक के बाद आईबीपीएस की परीक्षा पास करनी होती है। शिवम ने आईएएस, नील शंकर सुंदरम ने मैकेनिकल इंजीनियर बनने के बारे में जानकारी कीब। वरिष्ठ सहायक राजेश चंद्र, शिक्षक संजीव कुमार आदि मौजूद रहे। प्रधानाचार्य कमलमोहन पांडेय ने आभार जताया।
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गुरुनानक इंटर कॉलेज में सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कॅरियर काउंसलिंग शिविर लगाया गया। इसमें जिला सेवायोजन अधिकारी विवेक शुक्ला ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट के बाद छात्र-छात्राओं को सबसे अधिक चिंता रोजगार परक कोर्स की होती है। अधिकतर बच्चे ऐसा कोर्स करना चाहते हैं जो रोजगार की दृष्टि से लाभकारी हो। इंटरमीडिएट के बाद इंजीनियरिंग क्षेत्र में जाने के लिए आईआईटीजेई, आईटीआई और जीटीआई करनी पड़ती है।
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इंटरमीडिएट के बाद क्लर्क, ग्रम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी की नौकरी हासिल की जा सकती है। स्नातक के बाद सिविल की तैयारी होती है। आईएएस, पीसीएस, एसआरएस सेवा में परीक्षा पास कर किया जा सकता है। इंटर के बाद नौकरी के लिए विभिन्न विभागों की वेबसाइट को देखते रहें। उन्होंने कहा कि सफलता न मिलने पर धैर्य की कमी हो जाती है। कुछ बच्चे अवसाद का शिकार होने लगते हैं। कोई भी सफलता आसानी से नहीं मिलती। इसके लिए कड़ा संघर्ष करना होता है। लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करें। सफलता अपने आप कदम चूमेगी।
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मुखिया से समन्वय जरूरी
जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि कभी कभार कड़ी मेहनत के बाद सफलता नहीं मिलती। तब बच्चों पर परिवार का दबाव बढ़ने लगता है और मनोबल टूटने लगता है। ऐसे में अभिभावक को बच्चे से संवाद को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने की जानकारी दी। साइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराने को कहा। यह भी बताया कि समय-समय पर सेवायोजन कार्यालय की ओर से रोजगार मेले भी लगाए जाते हैं।
बच्चों के पूछे सवालों का बेबाकी से दिया जवाब
छात्र अभिनव गुप्ता ने पूछा- अच्छा बिजनेसमैन कैसे बना जा सकता है? सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि इंटर के बाद व्यापार क्षेत्र में जाने को बीबीए, एमबीए करें। शैलेंद्र सिंह ने डीफार्मा करने का तरीका पूछा। बताया कि फार्मेसी का कोर्स करना होता है। इंटरमीडिएट के बाद किया जा सकता है। विकास ने प्रोफेसर बनने के विषय में जानकारी की।
उन्हें बताया गया कि प्रोफेसर बनने को स्नातक होना जरूरी है। इसे बाद नेट की परीक्षा होती है। शाहनबाज ने बैंक मैनेजर बनने का सपना बताया। सेवा योजन अधिकारी ने बताया कि स्नातक के बाद आईबीपीएस की परीक्षा पास करनी होती है। शिवम ने आईएएस, नील शंकर सुंदरम ने मैकेनिकल इंजीनियर बनने के बारे में जानकारी कीब। वरिष्ठ सहायक राजेश चंद्र, शिक्षक संजीव कुमार आदि मौजूद रहे। प्रधानाचार्य कमलमोहन पांडेय ने आभार जताया।

शिविर में जानकारी मौजूद विद्यार्थी। संवाद- फोटो : PILIBHIT