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सुरक्षा में भेजे पुलिसकर्मियों को भी बताएं अपराधी का इतिहास
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Thu, 23 Jun 2016 11:01 PM IST
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मुल्जिमों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर खाकी सख्त है। आईजी विजय सिंह मीना की ओर से दिए गए दिशा निर्देशों पर कार्रवाई की शुरूआत कर दी गई है। सीओ सिटी ने प्रतिसार निरीक्षक को दस बिंदुओं पर एक पत्र भेजा है। इसी के अनुसार कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अभिरक्षा से कोई मुल्जिम फरार न हो सके या फिर पुलिस के साथ मिलकर मौज मस्ती न कर पाए। इसके लिए पुलिस विभाग ने निगाह साधी है। मुल्जिम को पेशी पर लाते ले जाते वक्त किस तरह से काम करना है। इसको लेकर आवश्यक दिशा निर्देश लाइन पुलिस को जारी किए गए हैं। आईजी के निर्देश के बाद सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने गुरुवार को एक लिखित प्रपत्र प्रतिसार निरीक्षक को भेज दिया है, जिसमें बताया गया है कि मुल्जिम को पेशी पर ले जा रहे पुलिसकर्मियों को पहले से अपराधी की क्रिमिनल हिस्ट्री से अवगत कराया जाए। ताकि उसी हिसाब से अलर्ट रह सके। शातिर अपराधियों को वाहन से ले जाया जाए। पुलिसकर्मियों की बदल बदल कर ड्यूटी लगाएं और जाने से पहले खुद आरआई उनको ब्रीफ करें। बंदी को कहीं बाहर से खानपान न करने दें। थाना प्रभारी प्रतिदिन अपने हवालात को स्वयं चेक कर देखें कि कही कोई आपत्तिजनक वस्तु तो नहीं है। बीमारी के चलते जिला अस्पताल में भर्ती किए गए मुल्जिमों को भी प्रतिदिन चेक किया जाए। इसके अलावा कई अन्य सुरक्षा बिंदुओं को भी शामिल किया गया है। बता दें कि अलीगढ़ में एक पुलिसकर्मी बंदी को मनचाही जगह पर घुमाता रहा। बाद में उसको बर्खास्त होना पड़ा। ऐसी कोई घटना दोहराई न जा सके। इसलिए विभाग की ओर से सख्ती की जा रही है।
आईजी के निर्देशानुसार कार्रवाई की शुरूआत की गई है। दस बिंदुओं का एक पत्र आरआई को भेजा गया है। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। अफ सर भी समय समय पर इसकी चेकिंग करेंगे।
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- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी
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पुलिस अभिरक्षा से कोई मुल्जिम फरार न हो सके या फिर पुलिस के साथ मिलकर मौज मस्ती न कर पाए। इसके लिए पुलिस विभाग ने निगाह साधी है। मुल्जिम को पेशी पर लाते ले जाते वक्त किस तरह से काम करना है। इसको लेकर आवश्यक दिशा निर्देश लाइन पुलिस को जारी किए गए हैं। आईजी के निर्देश के बाद सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने गुरुवार को एक लिखित प्रपत्र प्रतिसार निरीक्षक को भेज दिया है, जिसमें बताया गया है कि मुल्जिम को पेशी पर ले जा रहे पुलिसकर्मियों को पहले से अपराधी की क्रिमिनल हिस्ट्री से अवगत कराया जाए। ताकि उसी हिसाब से अलर्ट रह सके। शातिर अपराधियों को वाहन से ले जाया जाए। पुलिसकर्मियों की बदल बदल कर ड्यूटी लगाएं और जाने से पहले खुद आरआई उनको ब्रीफ करें। बंदी को कहीं बाहर से खानपान न करने दें। थाना प्रभारी प्रतिदिन अपने हवालात को स्वयं चेक कर देखें कि कही कोई आपत्तिजनक वस्तु तो नहीं है। बीमारी के चलते जिला अस्पताल में भर्ती किए गए मुल्जिमों को भी प्रतिदिन चेक किया जाए। इसके अलावा कई अन्य सुरक्षा बिंदुओं को भी शामिल किया गया है। बता दें कि अलीगढ़ में एक पुलिसकर्मी बंदी को मनचाही जगह पर घुमाता रहा। बाद में उसको बर्खास्त होना पड़ा। ऐसी कोई घटना दोहराई न जा सके। इसलिए विभाग की ओर से सख्ती की जा रही है।
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आईजी के निर्देशानुसार कार्रवाई की शुरूआत की गई है। दस बिंदुओं का एक पत्र आरआई को भेजा गया है। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। अफ सर भी समय समय पर इसकी चेकिंग करेंगे।
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- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी