{"_id":"5f9b17ce8ebc3e9bfe29dee9","slug":"scam-pilibhit-news-bly425148986","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना जमीन सट्टे बनवाकर गन्ना खरीद में करने जा रहे थे खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना जमीन सट्टे बनवाकर गन्ना खरीद में करने जा रहे थे खेल
विज्ञापन
खेत में खड़ी गन्ने की फसल
- फोटो : PILIBHIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। फर्जी किसानों के बाद अब सत्यापन में ऐसे 425 किसानों के नाम सट्टे बने होने का मामला मिला है जिनके पास एक इंच भी जमीन नहीं है। मामला पकड़ में आने पर गन्ना विभाग ने सभी 425 सट्टे निरस्त कर दिए हैं।
शासन की तमाम सख्ती के बावजूद माफिया फसलों की सरकारी खरीद में सेंधमारी करने से बाज नहीं आ रहे। गन्ना खरीद में गड़बड़ी को लेकर शासन ने पूर्व में ही गन्ना सर्वे का सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। कई टीमें बनाकर सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान गन्ना किसान के रूप में मिलीभगत से गन्ना सट्टा बनवाने वाले 49 गन्ना माफिया पहले ही पकड़ में आ चुके हैं। इन सभी को चेतावनी देने के बाद इनके सट्टे भी निरस्त किए जा चुके हैं। इसके बाद सत्यापन में 1409 मृत किसान भी पाए गए, जिनके नाम से गन्ना सट्टे संचालित किए जा रहे थे। मामला पकड़ में आने के बाद इन गन्ना सट्टों को भी निरस्त किया जा चुका है। उधर, राजस्व अभिलेखों से गन्ना क्षेत्रफल को मिलान करने के बाद ऐसे लोगों के नाम गन्ना सट्टा बनना पाया गया जिनके पास एक इंच भी कृषि जमीन नहीं है। ऐसे भूमिहीन किसानों की संख्या 425 है। सत्यापन में मामला पकड़ में आने के बाद गन्ना विभाग ने इन सभी 425 गन्ना सट्टों को निरस्त कर दिया है।
शासन के निर्देशानुसार गन्ना सट्टों का सत्यापन कराया गया था। सत्यापन में मिले फर्जी किसानों, मृत किसानों के नाम बने सट्टे निरस्त किए जा चुके हैं। 425 भूमिहीन किसानों के नाम बने सट्टों को निरस्त किया जा चुका है। गन्ना खरीद में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। - जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन की तमाम सख्ती के बावजूद माफिया फसलों की सरकारी खरीद में सेंधमारी करने से बाज नहीं आ रहे। गन्ना खरीद में गड़बड़ी को लेकर शासन ने पूर्व में ही गन्ना सर्वे का सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। कई टीमें बनाकर सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान गन्ना किसान के रूप में मिलीभगत से गन्ना सट्टा बनवाने वाले 49 गन्ना माफिया पहले ही पकड़ में आ चुके हैं। इन सभी को चेतावनी देने के बाद इनके सट्टे भी निरस्त किए जा चुके हैं। इसके बाद सत्यापन में 1409 मृत किसान भी पाए गए, जिनके नाम से गन्ना सट्टे संचालित किए जा रहे थे। मामला पकड़ में आने के बाद इन गन्ना सट्टों को भी निरस्त किया जा चुका है। उधर, राजस्व अभिलेखों से गन्ना क्षेत्रफल को मिलान करने के बाद ऐसे लोगों के नाम गन्ना सट्टा बनना पाया गया जिनके पास एक इंच भी कृषि जमीन नहीं है। ऐसे भूमिहीन किसानों की संख्या 425 है। सत्यापन में मामला पकड़ में आने के बाद गन्ना विभाग ने इन सभी 425 गन्ना सट्टों को निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन
शासन के निर्देशानुसार गन्ना सट्टों का सत्यापन कराया गया था। सत्यापन में मिले फर्जी किसानों, मृत किसानों के नाम बने सट्टे निरस्त किए जा चुके हैं। 425 भूमिहीन किसानों के नाम बने सट्टों को निरस्त किया जा चुका है। गन्ना खरीद में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी। - जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
विज्ञापन