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कई जिम्मेदार घबराए, कहीं जांच की आंच उन पर ही न आ जाए
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पीलीभीत। डीएम के निर्देश पर शुरू की गई फर्मों की जांच में अभी भले ही कोई नतीजा न निकला हो, मगर इसकी हलचल दिखाई देने लगी है। ब्लॉक से लेकर मुुख्यालय तक फर्म बनाकर घोटाला करने के इस खेल में शामिल रहने वाले कई जिम्मेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं। उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं जांच की आंच उन तक न आ जाए। कोई अधिकारी तो कोई संरक्षण देने वाले राजनेताओं की शरण में भी पहुंचने लगा है। अमरिया में लंबे समय से तैनात एक सचिव तो एक सत्ताधारी से करीबी बयां करने से पीछे नहीं हट रहे। हालांकि मामला सीधे डीएम के संज्ञान में होने के कारण अभी कोई मदद नहीं मिल सकी है।
अमरिया के एपीओ के बाद माधोटांडा के रोजगार सेवक और पूरनपुर के तकनीकी सहायक द्वारा निजी फर्म बनाने का मामला प्रशासन की पकड़ में आ चुका है। इस मामले में डीएम के निर्देश के बाद भी अभी एफआईआर नहीं हो सकी है। अफसर जल्द ही कार्रवाई कराने का भरोसा दिला रहे हैं।
वहीं, डीसी मनरेगा मृणाल सिंह को डीएम पुलकित खरे ने जनपद के सात ब्लॉकों पर काम कर रही 2026 फर्मों की जांच सौंपी है। इसे तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह भी पता लगा है कि कुछ फर्म तो ऐसी हैं, जिनका धरातल पर कोई वजूद नहीं। सिर्फ कागजों में ही चल रही है। ब्लॉक स्तर पर कमीशन के खेल में इन पर मेहरबानी बनाई गई है। गंभीरता से छटनी कराई जा रही है। इसी बीच अब कई जिम्मेदारों को खुद के फंसने का डर सताने लगा है। उन्हें डर है कि फर्मों का खेल पकड़ा गया और फिर लेनदेन की गहनता सेे जांच हो गई तो उनकी भी गर्दन फंस सकती है। इसे लेकर अभी से वह बचाव को रास्ता तलाशने में लग गए हैं।
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साठगांठ के बिना यह सब संभव नहीं। ऐसे में कोई नेताओं की शरण में है तो कोई करीबी अफसर के। फिलहाल मामला गर्माया है। डीएम के सीधे निगरानी करने के चलते अब तक संरक्षण या फिर नजरअंदाज करते आए अधिकारी भी खुलकर मदद नहीं कर रहे हैं। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि फर्मों की छंटनी होने से काफी मदद मिलेगी। गड़बड़ निकली फर्म पर सख्ती की जाएगी।
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अमरिया के एपीओ के बाद माधोटांडा के रोजगार सेवक और पूरनपुर के तकनीकी सहायक द्वारा निजी फर्म बनाने का मामला प्रशासन की पकड़ में आ चुका है। इस मामले में डीएम के निर्देश के बाद भी अभी एफआईआर नहीं हो सकी है। अफसर जल्द ही कार्रवाई कराने का भरोसा दिला रहे हैं।
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वहीं, डीसी मनरेगा मृणाल सिंह को डीएम पुलकित खरे ने जनपद के सात ब्लॉकों पर काम कर रही 2026 फर्मों की जांच सौंपी है। इसे तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह भी पता लगा है कि कुछ फर्म तो ऐसी हैं, जिनका धरातल पर कोई वजूद नहीं। सिर्फ कागजों में ही चल रही है। ब्लॉक स्तर पर कमीशन के खेल में इन पर मेहरबानी बनाई गई है। गंभीरता से छटनी कराई जा रही है। इसी बीच अब कई जिम्मेदारों को खुद के फंसने का डर सताने लगा है। उन्हें डर है कि फर्मों का खेल पकड़ा गया और फिर लेनदेन की गहनता सेे जांच हो गई तो उनकी भी गर्दन फंस सकती है। इसे लेकर अभी से वह बचाव को रास्ता तलाशने में लग गए हैं।
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साठगांठ के बिना यह सब संभव नहीं। ऐसे में कोई नेताओं की शरण में है तो कोई करीबी अफसर के। फिलहाल मामला गर्माया है। डीएम के सीधे निगरानी करने के चलते अब तक संरक्षण या फिर नजरअंदाज करते आए अधिकारी भी खुलकर मदद नहीं कर रहे हैं। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि फर्मों की छंटनी होने से काफी मदद मिलेगी। गड़बड़ निकली फर्म पर सख्ती की जाएगी।