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सपा भी जल्द खोल सकती है अपने पत्ते
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पीलीभीत। भाजपा के चारों विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित होने के बाद सपा में सियासी हलचल और तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अब सपा भी चारों सीटों पर जल्द अपने पत्ते खोल सकती है। पार्टी से जूड़े सूत्रों की माने तो सदर तहसील पर दो लोग प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। उन्हीं में से किसी एक का टिकट फाइनल हो सकता है।
चारों विधानसभा सीटों के दावेदार इन दिनों लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। सदर तहसील से ही करीब पंद्रह दावेदार हैं। अभी तक सपा बीजेपी के उम्मीदवारों पर नजर लगाए बैठी थी। इसमें जातिगत आंकड़े भी बहुत कुछ मायने रखते हैं। बीजेपी ने सदर तहसील से संजय गंगवार को मैदान में उतारा है। सदर तहसील की बात करें तो यहां कुर्मी वोट 68 हजार से ज्यादा हैं। वहीं मुस्लिम वोटरों की संख्या 1.4 लाख है। अन्य जातियों के वोट मिलाकर देखा जाए तो यही दो बड़े वर्ग हैं। सपा पहले से ही मंथन कर रही थी कि सदर से मुस्लिम चेहरा उतारा जाए या दूसरे वर्ग का। हालांकि अब सपा के सामने तस्वीर साफ है। पूरनपुर की लड़ाई अब और दिलचस्प होती दिख रही है। बीजेपी के मौजूदा विधायक बाबू राम पासवान ने पिछली बार सपा के पीतम राम को करीब तीस हजार वोटों से हराया था। हालांकि पीतम राम मौजूदा विधायक थे। इस बार देखना दिलचस्प होगा कि सपा पीतमराम पर भरोसा जताती है कि किसी अन्य पर। बीसलपुर में सपा गठबंधन के साथ कांग्रेस से अनीस अहमद को चुुनाव लड़ाया था। इस बार यहां तस्वीर बदली है, क्योंकि मौजूदा विधायक राम सरन वर्मा के बेटे को बीजेपी ने मैदान में उतारा है। बरेखड़ा सीट पर सपा अपना फायदा होता देख रही है। मौजूदा विधायक किशन लाल राजपूत का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों में थोड़ी नाराजगी जरूर होगी जिसका फायदा सपा अपने खाते में होता देख रही है। सपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार शनिवार या रविवार को सपा अपने टिकट फाइनल कर सकती है।
कांग्रेस और बसपा में भी हलचल तेज
बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में भी हलचल तेज हो गई है। हालांकि कांग्रेस और आम आदमी ने बरखेड़ा सीट पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। अब बाकी सीटों पर जल्द उम्मीदवार घोषित हो सकते हैं। ये पार्टियां भी बीजेपी के उम्मीदवारों पर नजर गड़ाए बैठी थीं।
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चारों विधानसभा सीटों के दावेदार इन दिनों लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। सदर तहसील से ही करीब पंद्रह दावेदार हैं। अभी तक सपा बीजेपी के उम्मीदवारों पर नजर लगाए बैठी थी। इसमें जातिगत आंकड़े भी बहुत कुछ मायने रखते हैं। बीजेपी ने सदर तहसील से संजय गंगवार को मैदान में उतारा है। सदर तहसील की बात करें तो यहां कुर्मी वोट 68 हजार से ज्यादा हैं। वहीं मुस्लिम वोटरों की संख्या 1.4 लाख है। अन्य जातियों के वोट मिलाकर देखा जाए तो यही दो बड़े वर्ग हैं। सपा पहले से ही मंथन कर रही थी कि सदर से मुस्लिम चेहरा उतारा जाए या दूसरे वर्ग का। हालांकि अब सपा के सामने तस्वीर साफ है। पूरनपुर की लड़ाई अब और दिलचस्प होती दिख रही है। बीजेपी के मौजूदा विधायक बाबू राम पासवान ने पिछली बार सपा के पीतम राम को करीब तीस हजार वोटों से हराया था। हालांकि पीतम राम मौजूदा विधायक थे। इस बार देखना दिलचस्प होगा कि सपा पीतमराम पर भरोसा जताती है कि किसी अन्य पर। बीसलपुर में सपा गठबंधन के साथ कांग्रेस से अनीस अहमद को चुुनाव लड़ाया था। इस बार यहां तस्वीर बदली है, क्योंकि मौजूदा विधायक राम सरन वर्मा के बेटे को बीजेपी ने मैदान में उतारा है। बरेखड़ा सीट पर सपा अपना फायदा होता देख रही है। मौजूदा विधायक किशन लाल राजपूत का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों में थोड़ी नाराजगी जरूर होगी जिसका फायदा सपा अपने खाते में होता देख रही है। सपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार शनिवार या रविवार को सपा अपने टिकट फाइनल कर सकती है।
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कांग्रेस और बसपा में भी हलचल तेज
बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में भी हलचल तेज हो गई है। हालांकि कांग्रेस और आम आदमी ने बरखेड़ा सीट पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। अब बाकी सीटों पर जल्द उम्मीदवार घोषित हो सकते हैं। ये पार्टियां भी बीजेपी के उम्मीदवारों पर नजर गड़ाए बैठी थीं।
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