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मगरमच्छ के हमले से ग्रामीण घायल
पीलीभीत।
Updated Wed, 02 Sep 2015 11:24 PM IST
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नदी के किनारे मछली का शिकार करते मगरगच्छ ने ग्रामीण पर हमला कर दिया।
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शोर शराबा होने पर मगरमच्छ छोड़कर चला गया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती
कराया गया जहां इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
शहर से सटे चंदोई गांव के निकट बहने वाली खकरा नदी में बुधवार को दोपहर गांव निवासी 40 वर्षीय प्रेम कुमार मछली का शिकार कर रहा था। इस दौरान नदी से निकले मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने ग्रामीण का जांच के बाद मुंह मारा लेकिन नदी के सामने ही अपने कार्यालय में बैठे टीएच खान और तौफीक अहमद शोर मचाते हुए उस और दौड़े। शोर शराबा होने पर मगरमच्छ ग्रामीण को छोड़ गया। हमले से प्रेम कुमार का बायां पैर जख्मी हो गया। दोनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज करने के बाद अस्पताल से छुट्टी कर दी। टीएच खान ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना सामाजिक वानिकी को दे दी है।
नदी, नाले व तालाबों पर संभल कर जाएं
पीलीभीत। सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में जिले वासियों ने नदी, नाल व तालाबों पर संभल कर जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तराई के इस जिले में मगरमच्छ बहुतायत में पाए जाते हैं। यह प्रमुख नदियों के अलावा तालाब और नालों में पहुंच जाते हैं। बरसात के समय भोजन की तलाश में यह अक्सर बाहर निकल जाते हैं या जलक्षेत्र के निकट बैठकर शिकार की तलाश करते हैं और मौका पाते ही हमला कर देते हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने सभी से नदी व तालाबों में स्नान करने और मछली आदि का शिकार न करने की अपील की है।
शहर से सटे चंदोई गांव के निकट बहने वाली खकरा नदी में बुधवार को दोपहर गांव निवासी 40 वर्षीय प्रेम कुमार मछली का शिकार कर रहा था। इस दौरान नदी से निकले मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने ग्रामीण का जांच के बाद मुंह मारा लेकिन नदी के सामने ही अपने कार्यालय में बैठे टीएच खान और तौफीक अहमद शोर मचाते हुए उस और दौड़े। शोर शराबा होने पर मगरमच्छ ग्रामीण को छोड़ गया। हमले से प्रेम कुमार का बायां पैर जख्मी हो गया। दोनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसका इलाज करने के बाद अस्पताल से छुट्टी कर दी। टीएच खान ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना सामाजिक वानिकी को दे दी है।
नदी, नाले व तालाबों पर संभल कर जाएं
पीलीभीत। सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में जिले वासियों ने नदी, नाल व तालाबों पर संभल कर जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि तराई के इस जिले में मगरमच्छ बहुतायत में पाए जाते हैं। यह प्रमुख नदियों के अलावा तालाब और नालों में पहुंच जाते हैं। बरसात के समय भोजन की तलाश में यह अक्सर बाहर निकल जाते हैं या जलक्षेत्र के निकट बैठकर शिकार की तलाश करते हैं और मौका पाते ही हमला कर देते हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने सभी से नदी व तालाबों में स्नान करने और मछली आदि का शिकार न करने की अपील की है।