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Pilibhit News: गन्ने पर 20 रुपये की वृद्धि चुनावी खेल
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स्वराज सिंह ।
पीलीभीत। शासन ने गन्ना मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। किसानों ने जहां इस पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है तो वहीं भाकियू ने इसे छलावा मात्र बताया है। कहा कि छह साल में महंगाई बेतहाशा बढ़ी है, उसके सापेक्ष गन्ना मूल्य में यह बढ़ोतरी कुछ भी नहीं। शासन को गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल करना चाहिए।
चीनी मिलों में पेराई सत्र आरंभ होने के बाद भी सरकार ने इस बार गन्ना मूल्य तय नहीं किया था। इससे किसानों को यह भी नहीं मालूम था कि उनको भुगतान किस दर से मिलेगा। यहां बता दें कि किसानों को 350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पिछली बार भुगतान मिला था। बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक में सरकार ने गन्ने के मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी। इससे अब भाव 370 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। शासन के इस फैसले पर जिले के किसानों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुछ किसान महंगाई के दौर में इसे अच्छा कदम बता रहे तो कुछ इसे नाकाफी और चुनावी खेल। वहीं किसान संगठनों के नेता इसे गन्ना किसानों के साथ मजाक बता रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने केवल 20 रुपये गन्ना मूल्य बढ़ाकर किसानों के साथ मजाक किया है। खाद, पेस्टीसाइड्स, डीजल, मजदूरी आदि में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण गन्ने की लागत बढ़ गई है। इन सबको देखते हुए सरकार को गन्ने का मूल्य 450 रुपये घोषित करना चाहिए। यह महज चुनावी खेल है। - मंजीत सिंह, जिला अध्यक्ष भाकियू (अराजनीतिक)
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पिछले तीन पेराई सत्रों से उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इस बार गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य 450 रुपये होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने सिर्फ 20 रुपये की ही वृद्धि की है। यह न्यायोचित नहीं है। - लेखराज वर्मा
गन्ना किसानों की परेशानियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को गन्ना मूल्य लागत के हिसाब से घोषित करना चाहिए था। इस बार भी गन्ना किसानों को मायूसी ही हाथ लगी है। - रामअवतार
गन्ना मूल्य बढ़ने से किसानों को काफी राहत मिली है। किसान काफी समय से गन्ना मूल्य में वृद्धि की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो पाई है। सरकार को बढ़ोतरी पहले ही कर देनी चाहिए थी। - अतुल शर्मा, पसगवां
सरकार का गन्ना मूल्य बढ़ाने का फैसला किसानों के हित में है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। गन्ना मूल्य बढ़ना किसानों की सबसे बड़ी जरूरत थी, जो फिलहाल पूरी हो गई है। - सतीशंकर मिश्र, बमरोली
किसानों के साथ किया धोखा
किसानों को उम्मीद थी कि इस बार कम से कम 50 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य बढ़ेगा। पिछले साल की तुलना में 10 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना छिलाई का रेट बढ़ गया है। गन्ना मूल्य में वृद्धि के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया गया है। - स्वराज सिंह, प्रदेश सचिव भाकियू
किसानों को मिली सौगात
गन्ने का रेट 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर सरकार ने किसानों को तोहफा दिया है। पूर्व की सरकारों के मुकाबले योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में अच्छी वृद्धि की है। गन्ना मूल्य बढ़ने से किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और उनके परिवारों में खुशहाली आएगी। - मंजीत सिंह, भाजपा नेता
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चीनी मिलों में पेराई सत्र आरंभ होने के बाद भी सरकार ने इस बार गन्ना मूल्य तय नहीं किया था। इससे किसानों को यह भी नहीं मालूम था कि उनको भुगतान किस दर से मिलेगा। यहां बता दें कि किसानों को 350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पिछली बार भुगतान मिला था। बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक में सरकार ने गन्ने के मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी। इससे अब भाव 370 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। शासन के इस फैसले पर जिले के किसानों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुछ किसान महंगाई के दौर में इसे अच्छा कदम बता रहे तो कुछ इसे नाकाफी और चुनावी खेल। वहीं किसान संगठनों के नेता इसे गन्ना किसानों के साथ मजाक बता रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने केवल 20 रुपये गन्ना मूल्य बढ़ाकर किसानों के साथ मजाक किया है। खाद, पेस्टीसाइड्स, डीजल, मजदूरी आदि में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण गन्ने की लागत बढ़ गई है। इन सबको देखते हुए सरकार को गन्ने का मूल्य 450 रुपये घोषित करना चाहिए। यह महज चुनावी खेल है। - मंजीत सिंह, जिला अध्यक्ष भाकियू (अराजनीतिक)
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पिछले तीन पेराई सत्रों से उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इस बार गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य 450 रुपये होने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने सिर्फ 20 रुपये की ही वृद्धि की है। यह न्यायोचित नहीं है। - लेखराज वर्मा
गन्ना किसानों की परेशानियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को गन्ना मूल्य लागत के हिसाब से घोषित करना चाहिए था। इस बार भी गन्ना किसानों को मायूसी ही हाथ लगी है। - रामअवतार
गन्ना मूल्य बढ़ने से किसानों को काफी राहत मिली है। किसान काफी समय से गन्ना मूल्य में वृद्धि की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो पाई है। सरकार को बढ़ोतरी पहले ही कर देनी चाहिए थी। - अतुल शर्मा, पसगवां
सरकार का गन्ना मूल्य बढ़ाने का फैसला किसानों के हित में है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। गन्ना मूल्य बढ़ना किसानों की सबसे बड़ी जरूरत थी, जो फिलहाल पूरी हो गई है। - सतीशंकर मिश्र, बमरोली
किसानों के साथ किया धोखा
किसानों को उम्मीद थी कि इस बार कम से कम 50 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य बढ़ेगा। पिछले साल की तुलना में 10 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना छिलाई का रेट बढ़ गया है। गन्ना मूल्य में वृद्धि के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया गया है। - स्वराज सिंह, प्रदेश सचिव भाकियू
किसानों को मिली सौगात
गन्ने का रेट 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर सरकार ने किसानों को तोहफा दिया है। पूर्व की सरकारों के मुकाबले योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में अच्छी वृद्धि की है। गन्ना मूल्य बढ़ने से किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और उनके परिवारों में खुशहाली आएगी। - मंजीत सिंह, भाजपा नेता

स्वराज सिंह ।

स्वराज सिंह ।

स्वराज सिंह ।

स्वराज सिंह ।

स्वराज सिंह ।

स्वराज सिंह ।