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रोडवेेज कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान बवाल
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:49 PM IST
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रोडवेज इंप्लाइज यूनियन (इंटक) के प्रांतीय आह्वान पर चक्काजाम और हड़ताल के दौरान रोडवेड डिपो पर जमकर बवाल हुआ। डिपो से बस निकालने को लेकर कर्मचारी नेताओं और चालक-परिचालकों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी ने बमुश्किल मामला शांत कराया। पुलिस ने दो कर्मचारी नेताओं समेत चार का शांतिभंग करने के आरोप में चालान कर दिया।
रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल और परिवहन निगमों तथा श्रमिकों को क्षति पहुंचाने वाली कथित कार्रवाई के विरोध में रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक चक्काजाम और हड़ताल का एलान किया था। इंटक अध्यक्ष शिवप्रकाश के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी और रोडवेज कर्मी शुक्रवार सुबह रोडवेज डिपो जा पहुंचे और डिपो गेट पर तख्त डालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। इस बीच कुछ चालकों ने डिपो से बस निकालने का प्रयास किया तो कर्मचारी नेता विरोध में आ खड़े हुए। ड्राइवरों ने इसकी जानकारी एआरएम जुनैद शम्सी को दी। एआरएम ने कर्मचारी नेताओं को समझाने का प्रयास किया। इसके कुछ देर बाद ही चालक चंद्रशेखर और परिचालक जसवीर सिंह ने बस निकालने की कोशिश की तो उनकी कर्मचारी नेताओं से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इससे डिपो परिसर में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे एआरएम और कर्मचारी नेताओं के बीच भी नोकझोंक हुई। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि एआरएम कर्मचारियों पर बस संचालन का दबाव डाल रहे थे। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस दोनों पक्षों के लोगों को पकड़कर थाने ले आई। सीओ सिटी निर्मल बिष्ट ने भी मौकेे पर पहुंचकर शांतिपूर्वक हड़ताल करने की चेतावनी दी। दोपहर 12 बजे के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। हड़ताल और चक्काजाम करने वालों में अध्यक्ष के अलावा मंत्री अनीस सिन्हा, संगठनमंत्री मोहित यादव, उपाध्यक्ष मोहम्मद राशिद, मोहम्मद आदिल, रामबहादुर, सुरेंद्र शर्मा, चंदन श्रीवास्तव, सुशील कुमार, रवि कुमार, ओमप्रकाश आदि शामिल रहे।
दो कर्मचारी नेताओं समेत चार का चालान
हड़ताल और चक्काजाम के दौरान मारपीट होने पर पुलिस ने एक पक्ष से इंटक मंत्री अनीस सिन्हा, संगठन मंत्री मोहित यादव और दूसरे पक्ष से चंद्रशेखर तथा अशोक कुमार को हिरासत में ले लिया। कोतवाल हरगोविंद सिंह ने बताया कि चारों का शांति करने के आरोप में चालान किया गया है।
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एआरएम पर धमकी देने का आरोप
हड़ताल के बावजूद एआरएम कर्मचारियों को बस संचालन न करने पर कार्रवाई करने की धमकी दे रहे थे। उकसावे के चलते ही विवाद हुआ है। फिलहाल चक्काजाम और हड़ताल पूरी तरह सफल रही है।
- शिवप्रकाश, अध्यक्ष, इंटक
विभागीय कार्रवाई होगी
कुछ कर्मचारी नेताओं द्वारा स्वेच्छा से कार्य करने वाले चालकों व परिचालकों को रोका जा रहा था। इसको लेकर विवाद हुआ है। इस मामले में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जुनैद शम्सी, एआरएम
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रोड ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बिल और परिवहन निगमों तथा श्रमिकों को क्षति पहुंचाने वाली कथित कार्रवाई के विरोध में रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक चक्काजाम और हड़ताल का एलान किया था। इंटक अध्यक्ष शिवप्रकाश के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी और रोडवेज कर्मी शुक्रवार सुबह रोडवेज डिपो जा पहुंचे और डिपो गेट पर तख्त डालकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। इस बीच कुछ चालकों ने डिपो से बस निकालने का प्रयास किया तो कर्मचारी नेता विरोध में आ खड़े हुए। ड्राइवरों ने इसकी जानकारी एआरएम जुनैद शम्सी को दी। एआरएम ने कर्मचारी नेताओं को समझाने का प्रयास किया। इसके कुछ देर बाद ही चालक चंद्रशेखर और परिचालक जसवीर सिंह ने बस निकालने की कोशिश की तो उनकी कर्मचारी नेताओं से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इससे डिपो परिसर में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंचे एआरएम और कर्मचारी नेताओं के बीच भी नोकझोंक हुई। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि एआरएम कर्मचारियों पर बस संचालन का दबाव डाल रहे थे। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस दोनों पक्षों के लोगों को पकड़कर थाने ले आई। सीओ सिटी निर्मल बिष्ट ने भी मौकेे पर पहुंचकर शांतिपूर्वक हड़ताल करने की चेतावनी दी। दोपहर 12 बजे के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई। हड़ताल और चक्काजाम करने वालों में अध्यक्ष के अलावा मंत्री अनीस सिन्हा, संगठनमंत्री मोहित यादव, उपाध्यक्ष मोहम्मद राशिद, मोहम्मद आदिल, रामबहादुर, सुरेंद्र शर्मा, चंदन श्रीवास्तव, सुशील कुमार, रवि कुमार, ओमप्रकाश आदि शामिल रहे।
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दो कर्मचारी नेताओं समेत चार का चालान
हड़ताल और चक्काजाम के दौरान मारपीट होने पर पुलिस ने एक पक्ष से इंटक मंत्री अनीस सिन्हा, संगठन मंत्री मोहित यादव और दूसरे पक्ष से चंद्रशेखर तथा अशोक कुमार को हिरासत में ले लिया। कोतवाल हरगोविंद सिंह ने बताया कि चारों का शांति करने के आरोप में चालान किया गया है।
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एआरएम पर धमकी देने का आरोप
हड़ताल के बावजूद एआरएम कर्मचारियों को बस संचालन न करने पर कार्रवाई करने की धमकी दे रहे थे। उकसावे के चलते ही विवाद हुआ है। फिलहाल चक्काजाम और हड़ताल पूरी तरह सफल रही है।
- शिवप्रकाश, अध्यक्ष, इंटक
विभागीय कार्रवाई होगी
कुछ कर्मचारी नेताओं द्वारा स्वेच्छा से कार्य करने वाले चालकों व परिचालकों को रोका जा रहा था। इसको लेकर विवाद हुआ है। इस मामले में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जुनैद शम्सी, एआरएम