Pilibhit News: गड्ढों में तब्दील हुआ तराई से उत्तराखंड जाने वाला मार्ग, एक लाख की आबादी परेशान
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि उत्तराखंड की सीमा नजदीक हैं। रोजमर्रा के सामान के अलावा कृषि और सब्जी की कीमत अच्छी मिलने के कारण उत्तराखंड जाना रहता है। मार्ग जर्जर होने से समस्या बढ़ गई है।
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पीलीभीत के कलीनगर तहसील क्षेत्र में तराई इलाके की एक लाख आबादी के लिए उत्तराखंड आने जाने वाला आठ किमी लंबा मार्ग जर्जर है। मार्ग पर गहरे गड्ढे होने से आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि उत्तराखंड की सीमा नजदीक होने के चलते सैकड़ों लोगों की रोजाना आवाजाही होती है। अफसरों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने के बाद भी मार्ग का सुधार नहीं कराया जा रहा है।
तराई क्षेत्र में शारदा डैम की तलहटी में नेपाल सीमा तक दस से अधिक गांवों की करीब एक लाख की आबादी बसी है। इस इलाके से उत्तराखंड का खटीमा नजदीक पड़ता है। जिसकी वजह से लोग रोजमर्रा का सामान लेने के लिए खटीमा जाते हैं। इसके अलावा कृषि फसलों की बिक्री आदि करने के लिए भी उत्तराखंड आना जाना लगा रहता है। आवागमन के सुविधा के लिए यहां एक मात्र मार्ग है।
लंबे समय से जर्जर है मार्ग
इस मार्ग के सहारे ही सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकांश इलाकों के लोग बूंदीभूड़ गांव से होकर उत्तराखंड जाते हैं। इस मार्ग को गन्ना विभाग की ओर से बनवाया गया था, लेकिन बाद में मार्ग की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अधीन कर दी गई। देखरेख के अभाव में लंबे समय से मार्ग की स्थिति जर्जर हो गई। मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील हो गया। जिसके कारण लोगों को आवागमन में मुश्किलें होने लगी।
उत्तराखंड की सीमा में सुधर गई सड़क
लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी तराई क्षेत्र के दौरे पर आए थे। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों ने उनके समक्ष सड़क की मरम्मत कराने की मांग रखी थी। सीएम ने समस्या को गंभीरता से लेकर अफसरों को निर्देश दिए। कुछ दिन बाद से उत्तराखंड की सीमा में मार्ग की दुर्दशा ठीक कर दी गई, लेकिन जनपद सीमा में अभी तक कोई सुधार नहीं हो सका।
इन गांवों के लोग करते हैं मार्ग से आवागमन
उत्तराखंड जाने के लिए मार्ग से पुरैना, सेल्हा, धुरिया पलिया, रमनगरा, कंजिया सिंहपुर, गभिया सहराई, महाराजपुर, नौजल्हा, बंदरभोज, बूंदीभूड़ आदि गांव के लोगों का आवागमन होता है। मार्ग की हालत खराब होने से लोग परेशान हैं। जैसे तैसे मार्ग से गुजर रहे हैं।
रमनगरा के प्रशांत साना ने कहा कि उत्तराखंड को जोड़ने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर है। गहरे गड्ढे होने से आवागमन करना मुश्किल हो गया है। नेताओं और अफसरों से शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं कराया जा रहा है।
गांव पुरैना के हर्षित सरकार ने कहा कि तराई के लोग उत्तराखंड जाने के लिए इस मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। लंबे समय से मार्ग जर्जर होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। मार्ग के निर्माण को लेकर मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।