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छह महीने में ही धंस गई अमेड़ी नदी की एप्रोच रोड
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बीसलपुर के गांव ढकिया के पास टूटी पुल की एप्रोच रोड। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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बीसलपुर। गांव ढकिया रंजीत के पास अमेड़ी नदी के नवनिर्मित पुल के दोनों ओर छह माह पहले बनवाया गया एप्रोच रोड अभी से ही धंसने लगा है। यदि रोड ज्यादा धंस गया तो हादसा भी हो सकता है।
पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने माह जून में गांव ढकिया रंजीत के पास अमेड़ी नदी के नवनिर्मित पुल के दोनों ओर लगभग 50-50 मीटर एप्रोच रोड बनवाया था, जो अभी विभाग को हस्तानांतरित भी नहीं हुआ। पिछले माह 17 से 19 अक्तूबर तक हुई भीषण बारिश में एप्रोच रोड का कई हिस्सा धंस गया था, लेकिन ठेकेदार ने अभी तक धंसे हुए रोड को सही नहीं करवाया है। अभी तो हादसा होने का कोई खतरा नहीं है लेकिन यदि यह एप्रोच रोड और अधिक धंस गया तो हादसा होने का खतरा पैदा हो जाएगा। मात्र छह महीने में ही नया रोड धंस जाने से उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय अधिकारियों ने भी मामला संज्ञान में आने के बाद भी इस गंभीर समस्या को हल कराने में अभी तक कोई रुचि नहीं ली, जिससे वे अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। विभागीय अनदेखी के चलते यह स्थिति कब तक बनी रहेगी और कब ठेकेदार धंसे हुए रोड का सही कराएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता है। विभागीय हीला हवाली को लेकर ग्रामीणों मे रोष है।
इन गांवों के लोग गुजरते हैं इस रोड से
ढकिया रंजीत, सखिया, गुलडिय़ा राधे, मधवापुर, मकरंदापुर, गजरौला, भंसूड़ा, हाफिजनगर बन्हाई, उल्लिका, बल्देवपुर, अमरा करोड़, बड़ा गांव, अकोड़ा, नौगमियां, बकैनिया दीक्षित, मनकापुर, परसंडी, सुजनी, कामघाट, पिपरिया संजरपुर, दियोरिया, खरदाई, खरदाह, समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का इस रोड से आना जाना है।
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यह एप्रोच रोड माह अक्तूबर में तीन दिन तक हुई भीषण बारिश की चपेट में आकर मिट्टी बैठ जाने के कारण मामूली रूप से धंस गया था, जिससे हादसा होने का कोई खतरा नहीं है। संबंधित ठेकेदार को अतिशीघ्र रोड सही कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। अभी यह रोड विभाग को हस्तानांतरित नहीं हुआ है। जब तक ठेकेदार रोड सही नहीं कराएगा, तब तक उसका भुगतान नहीं किया जाएगा। विभाग इस समस्या को लेकर पूरी तरह गंभीर है। - सीताराम, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी पीलीभीत
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पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने माह जून में गांव ढकिया रंजीत के पास अमेड़ी नदी के नवनिर्मित पुल के दोनों ओर लगभग 50-50 मीटर एप्रोच रोड बनवाया था, जो अभी विभाग को हस्तानांतरित भी नहीं हुआ। पिछले माह 17 से 19 अक्तूबर तक हुई भीषण बारिश में एप्रोच रोड का कई हिस्सा धंस गया था, लेकिन ठेकेदार ने अभी तक धंसे हुए रोड को सही नहीं करवाया है। अभी तो हादसा होने का कोई खतरा नहीं है लेकिन यदि यह एप्रोच रोड और अधिक धंस गया तो हादसा होने का खतरा पैदा हो जाएगा। मात्र छह महीने में ही नया रोड धंस जाने से उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय अधिकारियों ने भी मामला संज्ञान में आने के बाद भी इस गंभीर समस्या को हल कराने में अभी तक कोई रुचि नहीं ली, जिससे वे अधिकारी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। विभागीय अनदेखी के चलते यह स्थिति कब तक बनी रहेगी और कब ठेकेदार धंसे हुए रोड का सही कराएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता है। विभागीय हीला हवाली को लेकर ग्रामीणों मे रोष है।
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इन गांवों के लोग गुजरते हैं इस रोड से
ढकिया रंजीत, सखिया, गुलडिय़ा राधे, मधवापुर, मकरंदापुर, गजरौला, भंसूड़ा, हाफिजनगर बन्हाई, उल्लिका, बल्देवपुर, अमरा करोड़, बड़ा गांव, अकोड़ा, नौगमियां, बकैनिया दीक्षित, मनकापुर, परसंडी, सुजनी, कामघाट, पिपरिया संजरपुर, दियोरिया, खरदाई, खरदाह, समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों का इस रोड से आना जाना है।
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यह एप्रोच रोड माह अक्तूबर में तीन दिन तक हुई भीषण बारिश की चपेट में आकर मिट्टी बैठ जाने के कारण मामूली रूप से धंस गया था, जिससे हादसा होने का कोई खतरा नहीं है। संबंधित ठेकेदार को अतिशीघ्र रोड सही कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। अभी यह रोड विभाग को हस्तानांतरित नहीं हुआ है। जब तक ठेकेदार रोड सही नहीं कराएगा, तब तक उसका भुगतान नहीं किया जाएगा। विभाग इस समस्या को लेकर पूरी तरह गंभीर है। - सीताराम, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी पीलीभीत