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रालोद की बंजर होती भूमि को सींच गए अजित
पीलीभीत।
Updated Sun, 24 May 2015 09:51 PM IST
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यूं तो राष्ट्रीय लोकदल की दस्तक जिले की पूरनपुर तहसील में आठ साल पहले
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हुई थी। तब अजीत सिंह ने वहां कई जनसभाएं की थीं और 2007 के चुनाव में
मंजीत सिंह को प्रत्याशी बना मैदान में भी उतारा था, लेकिन सफलता नहीं
मिली। अब दस साल बाद एक बार फिर उन्होंने पीलीभीत में संभावनाएं तलाशनी
शुरू की हैं। इसकी शुरूआत उन्होंने रविवार को शहर में किसान संवाद
कार्यक्रम के बहाने की। शहर में पहली बार उनके आगमन से रालोद की सूख रही
जमीन को खाद पानी मिला है।
2017 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां लगभग सभी पार्टियों ने शुरू कर दी हैं। रविवार को रालोद का कार्यक्रम भी इसी के तहत माना जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह यहां आए तो किसानों का दर्द बांटने थे। उन्हें किसानों से संवाद करना था, लेकिन कार्यक्रम में मौजूद भीड़ से गदगद छोटे चौधरी अपनी ही बात कहकर लौट गए। किसी भी किसान को अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला।
हालांकि स्थानीय नेताओं ने उन्हें यहां की स्थिति से पहले ही अवगत करा दिया था। उन्होंने अपने भाषण में खुद को किसानों का सच्चा शुभचिंतक बताते हुए अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब ने ही जमींदारी उन्मूलन लागू कर किसानों को जमीन का अधिकार दिलाया। उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले देश में सिर्फ शहरी ग्रामीण विकास विभाग होता था।
चौधरी साहब ने ही ग्रामीण विकास विभाग की स्थापना कर गांव के किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। उन्होंने किसानों से अपनी ताकत पहचाने और एकजुट होने का आह्वान किया।
17 जून को होगा कलेक्ट्रेट का घेराव
ओलावृष्टि और बारिश से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा और फसल बीमा आदि दिलाने की मांग को लेकर चौधरी अजित सिंह के आहवान पर 17 जून को कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। इसमें प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान, प्रदेश महासचिव मंजीत सिंह सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भाग लेंगे। इसकी घोषणा राष्ट्रीय अध्यक्ष के भाषण के बाद मंच से की गई।
रालोद अपने दम पर लड़ेेंगी विधानसभा का चुनाव
पीलीभीत। किसान संवाद कार्यक्रम में पीलीभीत पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने कहा कि अगामी विधानसभा का चुनाव रालोद अपने दम पर लडे़ंगी और किसी से गठबंधन नहीं करेगी।
सुरभि कॉलोनी स्थित चौधरी दिग्विजय सिंह के आवास पर आयोजित प्रेसवार्र्ता में लालू-मुलायम के साथ जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि एकजुट हो रहे दलों के नेताओं का एक दूसरे पर विश्वास नहीं है और सभी एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं। चुनाव से पहले ही यह गठबंधन बिखर जाएगा। गुर्जर आरक्षण को लेकर राजस्थान पर चल रहे आंदोलन पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन का समर्थन करती है।
पहले भी उनके पुत्र जयंत चौधरी आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा पूर्व में 1992 में मंडल कमीशन लागू कराने में भी वह सक्रिय रहे थे। जाट आरक्षण निरस्त होने पर उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर इसकी ठीक से पैरवी न करने का आरोप लगाया। वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान, डॉ. मसूद अहमद, शिवकरन सिंह, मुंशीराम पाल, मंजीत सिंह मौजूद रहे।
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2017 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां लगभग सभी पार्टियों ने शुरू कर दी हैं। रविवार को रालोद का कार्यक्रम भी इसी के तहत माना जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह यहां आए तो किसानों का दर्द बांटने थे। उन्हें किसानों से संवाद करना था, लेकिन कार्यक्रम में मौजूद भीड़ से गदगद छोटे चौधरी अपनी ही बात कहकर लौट गए। किसी भी किसान को अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला।
हालांकि स्थानीय नेताओं ने उन्हें यहां की स्थिति से पहले ही अवगत करा दिया था। उन्होंने अपने भाषण में खुद को किसानों का सच्चा शुभचिंतक बताते हुए अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब ने ही जमींदारी उन्मूलन लागू कर किसानों को जमीन का अधिकार दिलाया। उनके प्रधानमंत्री बनने से पहले देश में सिर्फ शहरी ग्रामीण विकास विभाग होता था।
चौधरी साहब ने ही ग्रामीण विकास विभाग की स्थापना कर गांव के किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया। उन्होंने किसानों से अपनी ताकत पहचाने और एकजुट होने का आह्वान किया।
17 जून को होगा कलेक्ट्रेट का घेराव
ओलावृष्टि और बारिश से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा और फसल बीमा आदि दिलाने की मांग को लेकर चौधरी अजित सिंह के आहवान पर 17 जून को कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। इसमें प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान, प्रदेश महासचिव मंजीत सिंह सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भाग लेंगे। इसकी घोषणा राष्ट्रीय अध्यक्ष के भाषण के बाद मंच से की गई।
रालोद अपने दम पर लड़ेेंगी विधानसभा का चुनाव
पीलीभीत। किसान संवाद कार्यक्रम में पीलीभीत पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने कहा कि अगामी विधानसभा का चुनाव रालोद अपने दम पर लडे़ंगी और किसी से गठबंधन नहीं करेगी।
सुरभि कॉलोनी स्थित चौधरी दिग्विजय सिंह के आवास पर आयोजित प्रेसवार्र्ता में लालू-मुलायम के साथ जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि एकजुट हो रहे दलों के नेताओं का एक दूसरे पर विश्वास नहीं है और सभी एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं। चुनाव से पहले ही यह गठबंधन बिखर जाएगा। गुर्जर आरक्षण को लेकर राजस्थान पर चल रहे आंदोलन पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन का समर्थन करती है।
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पहले भी उनके पुत्र जयंत चौधरी आंदोलन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा पूर्व में 1992 में मंडल कमीशन लागू कराने में भी वह सक्रिय रहे थे। जाट आरक्षण निरस्त होने पर उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर इसकी ठीक से पैरवी न करने का आरोप लगाया। वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान, डॉ. मसूद अहमद, शिवकरन सिंह, मुंशीराम पाल, मंजीत सिंह मौजूद रहे।
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