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रंजिश ही सही, हंगामा क्यूं हैं बरपा
plibhit
Updated Sun, 10 Jan 2016 11:06 PM IST
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शहर में चल रहे खादी महोत्सव में देर शाम हुए शाम ए गजल कार्यक्रम में श्रोता नामचीन गजल गायकों की गजलें सुनकर झूम उठे।
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शहर के मां यशवंतरी देवी मंदिर मैदान में शुक्रवार देर शाम शुरू हुए शाम ए गजल कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी जिला जज विनय कुमार व वरिष्ठ अधिवक्ता विधाधर पांडेय ने दीप जलाकर किया। गायक मोहम्मद वकील ने गजलों की शुरूआत ख्वाजा मेरे ख्वाजा से की। इसके बाद उन्होंने आज जाने की जिद न करो, रंजिश ही सही, हंगामा क्यूं है बरपा, चांदी जैसे रंग है तेरा, किसी नजर को तेरा इंतजार, चिट्ठी आई है... गजलें सुनाकर श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर कर दिया।
श्रोताओं के निवेदन पर उन्होंने आया... तेरे.. दर पर दिवाना, चौंदहवी का चांद हो, यह दौलत भी ले लो आदि गजलें भी सुनाई। इस दौरान राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद ने प्रभारी जिला जज, वरिष्ठ अधिवक्ता व गजल गायक को दोशाला ओढ़ाकर सम्मानित किया। संचालन अमित पाठक ने किया।
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इस मौके पर अपर जिला जज एहसान हुसैन, शिवमणि शुक्ला, डीएम मासूम अली सरवर, एडीजे जेपी पांडेय, पंकज उपाध्याय, सत्यप्रकाश, चंद्रगुप्त, विजय कुमार, सिविल जज मनोज कुमार, अख्तर अली, पूर्वमंत्री डॉ. विनोद तिवारी, सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, मोहम्मद आरिफ, डॉ. राशिद मलिक, अमिताभ त्रिपाठी, अब्दुल वसीम, इम्तियाज अल्वी, जुबैर अवनर आदि मौजूद रहे।
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