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तीन राइस मिल मालिकों ने 5.24 करोड़ का किया गबन

Sat, 11 Sep 2021 01:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 01:16 AM IST
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rice mill owners embezzled
पूरनपुर। क्रय केंद्रों से छह राइस मिलों को चावल बनाने के लिए धान दिया गया था। इसके बाद सभी ने चावल का उतार नहीं कराया। नोटिस देने के बाद तीन राइस मिल मालिकों ने चावल का उतार तो करा दिया, मगर तीन ने अभी तक चावल का उतार नहीं कराया। डिप्टी आरएमओ ने राइस मिलों में स्टॉक चेक किया तो दो ने चावल की बिक्री कर ली। करीब 5.24 करोड़ रुपये गबन का मामला सामने आने पर एक मिल मालिक पर एफआईआर कराई गई, दूसरी पर तैयारी की जा रही है। जबकि एक मिल में स्टाक मिलने पर सील किया गया है। सील किए गए चावल की बिक्री से धनराशि की वसूली होगी। चावल का उतार न कर बिक्री करने वाले दो राइस मिलों में एक राइस मिल के दो पार्टनरों पर धोखाधड़ी कर गबन करने, आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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धान खरीद केंद्रों पर खरीदे गए धान को राइस मिल मालिकों को चावल बनाने को दिया जाता है। राइस मिल मालिकों को 67 प्रतिशत के हिसाब से चावल का उतार सरकारी गोदामों में करना होता है। मगर क्षेत्र के छह राइस मिल मालिकों ने शत-प्रतिशत चावल का उतार गोदामों में नहीं किया। इस पर मिल मालिकों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस के बाद तीन राइस मिल मालिकों ने चावल की धनराशि विभाग को जमा कर दी। मगर तीन राइस मिल मालिकों ने करोड़ों रुपये का चावल निर्धारित समय सीमा निकलने के बाद भी जमा नहीं किया। डिप्टी आरएमओ प्रिंस चौधरी ने बताया कि एडीएम के निर्देश पर चावल का उतार न करने वाली राइस मिलों के स्टाक का सत्यापन कराया गया। दो राइस मिलों में चावल का स्टाक नहीं मिला। राइस मिल मालिकों ने धान से बनाए गए चावल की बिक्री कर गबन कर लिया। कलीनगर की आरएस इंड्रस्ट्रीज में चावल का उतना स्टाक मिल गया। जितना राइस मिल मालिकों से उतार कराना है। चावल के स्टाक को सील करा दिया गया। चावल बिक्री कर धनराशि वसूली जाएगी। हालांकि आरएस इंड्रस्ट्रीज से धनराशि भी जमा करनी शुरू कर दी। चावल का गबन करने पर विपणन निरीक्षक रवि कुमार ने जसवंती राइस मिल की पार्टनर जगमोहन राय की पत्नी रजनी अग्रवाल और विजय अग्रवाल की पत्नी चमन अग्रवाल पर धोखाधड़ी कर गबन करने और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। विपणन निरीक्षक ने बताया कि खाद्य विभाग के क्रय केंद्र डगा, कल्लिया कुर्रैया, पूरनपुर मंडी प्रथम पर खरीदे गए धान में राइस मिल मालिकों को 44328.4 क्विंटल धान दिया गया था। राइस मिलर ने 67 प्रतिशत के हिसाब से 29700.03 क्विंटल चावल का उतार खाद्य निगम के डिपो में कराना था। मगर राइस मिलर पार्टनरों ने 12747.41 क्विंटल सीएमआर के चावल का उतार कराया। शेष 16952.62 क्विंटल चावल का गबन कर लिया। जो पांच करोड़ 24 लाख 70 हजार पांच सौ एक रुपये का बनता है। कोतवाल हरीशवर्धन सिंह ने बताया कि विपणन निरीक्षक की तहरीर पर मैं जसवंती राइस मिल पूरनपुर की रजनी अग्रवाल और चमन अग्रवाल पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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राइस मिल मालिकों को 31 अगस्त तक चावल उतार का समय दिया गया था। तीन राइस मिलरों ने चावल की बकाया की धनराशि जमा कर दी है। कलीनगर की आरएस इंड्रस्टीज से जितना चावल उतार कराना है उतना स्टाक मिल में मिलने पर उसे सील करा दिया गया। जसवंती राइस मिल के पार्टनरों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही वसूली का आरसी भी जारी करा दी गई। राजगुरु राइस मिल पर पीसीयू का करीब दो सौ मैट्रिक टन चावल बकाया है। जांच में उनके स्टाक में चावल नहीं मिला। पीसीयू के जिम्मेदार अफसरों को रिपोर्ट दर्ज कराने और आरसी जारी कराने के निर्देश दिए गए है। - प्रिंस चौधरी, डिप्टी आरएमओ पीलीभीत
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