फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   RFC caught in wheat purchase game

आरएफसी ने पकड़ा गेहूं खरीद में खेल

Tue, 02 May 2017 06:29 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
पीलीभ्ाीत ब्यूराो Updated Tue, 02 May 2017 06:29 PM IST
विज्ञापन
सरकारी गेहूं खरीद बढ़ाने को क्रय केेंद्र प्रभारी ठेकेदार से मिलकर किस तरह खेल रहे हैं इसका खुलासा आरएफसी के निरीक्षण में सामने आ गया। फोन पर बात करने पर किसान ने 1600 रुपये दाम मिलने की बात स्वीकार की है।
विज्ञापन

गेहूं के बढ़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारियों पर जबरदस्त दबाव है। मगर लक्ष्य पूरा करने को गेहूं ढूंढने से नहीं मिल रहा है। इतना सब होने के बाद भी क्रय केंद्रों पर होने वाला खेल बदस्तूर जारी है। सोमवार शाम आरएफसी ने न्यूरिया क्षेत्र के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। पीसीएफ के क्रय केंद्र पर सुबह खरीदे गए गेहूं के बारे में उन्होंने जानकारी की। क्रय केेंद्र प्रभारी से पूछताछ करने के बाद उन्होंने रजिस्टर में दर्ज किसान के मोबाइल नंबर पर बात की। इस पर किसान ने बताया कि क्रय केंद्र पर उसने 1600 रुपये के दाम पर गेहूं बेचा है। इस पर उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी की जमकर फटकार लगाई साथ ही नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के निर्देश डिप्टी आरएमओ को दिए।
विज्ञापन

000000
कैसे होता है खेल?
गेहूं खरीद में चल रहे खेल में पकड़ से बचने के लिए पूरी योजना से काम होता है। व्यापारी अथवा किसान से गेहूं की कम दाम पर खरीदने की बात की जाती है। यही गेहूं तौलने के बाद किसान को व्यापारी के माध्यम से तय किए रेट के अनुसार नकद भुगतान कर दिया जाता है। यह भी शर्त रहती है कि उसकी किसानबही पर गेहूं की बिक्री दर्ज कर खाते में पैसा भेजा जाएगा, जिसे किसान को लौटाना होगा। इस तरह 1500-1600 रुपये के दाम से खरीदे गए गेहूं को 1635 के हिसाब से अभिलेखों में दर्ज किया जाता है। कुछ ऐसे किसानों जिन्हें नकद धनराशि की जरूरत नहीं होती और वे खाते में पैसा लेने को तैयार हो जाते हैं। उन्हें चेक से भुगतान कर दिया जाता है, लेकिन इसमें उनके द्वारा बेचे गए गेहूं का जितना दाम बनता है उसी के अनुसार वजन अभिलेखों में अंकित किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पांच सौ क्विंटल गेहूं का हिसाब नहीं दे सका आढ़ती
बीसलपुर। मंडी के सचल दल ने गांव अमृता खास स्थित राठौर ट्रेडिंग कंपनी पर औचक छापामारी की। चेकिंग के दौरान आढ़त पर पांच सौ क्विंटल गेहूं का हिसाब नहीं मिला। टीम ने आढ़ती राम मूर्तिलाल से इसको लेकर पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बरामद गेहूं का हिसाब न मिलने पर अवैध तरीके से भंडारण माना। मंडी निरीक्षक रामऔतार ने बताया कि इसकी रिपोर्ट बनाकर विभागीय अधिकारियों को भेजी जा रही है। अनुमति मिलने पर आढ़ती के खिलाफ मंडी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। छापामारी के दौरान मंडी निरीक्षक के साथ मंडी सहायक शिव कुमार मिश्रा और आमोद शर्मा भी रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed