फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   return medicines

संक्रमण कम होते ही लौटाने लगे एहतियातन खरीदी गईं दवाइयां

Sun, 06 Jun 2021 11:52 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jun 2021 11:52 PM IST
विज्ञापन
return medicines
पीलीभीत। कोरोना महामारी में दवाओं लेकर खूब मारामारी रही। कहीं जरूरत के समय दवाओं की किल्लतों का सामना न करना पड़े, इसलिए लोगों ने पहले ही कोविड की दवाइयां खरीद कर घरों में रख ली। यही वजह रही कि अप्रैल और मई में दवा का कारोबार 1.20 करोड़ के करीब रहा। वहीं अब संक्रमण की रफ्तार कम होने पर घरों में पड़ी ये दवाइयां अब जेबों पर भारी लगने लगी है। अब लोग कोविड की दवाइयां दुकानों पर वापस करने पहुंचने लगे हैं, जिसे लेकर दवा के फुटकर से लेकर थोक विक्रेता परेशान हैं।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अप्रैल में हर किसी को हिलाकर रख दिया। जिले में संक्रमितों मरीजों की संख्या बढ़ती गई। संक्रमित मरीजों की संख्या के आगे सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों में बेड कम पड़ गए। ऑक्सीजन सिलिंडर की किल्लत शुरू हो गई। ऐसे हालात में लोगों को दवाओं की कमी का डर भी सताने लगा। यही वजह रही कि महामारी से निपटने के लिए एडवांस में ही लोगों ने कोविड की दवाइयां खरीदनी शुरू कर दी। इससे कोविड की दवाओं को लेकर मारामारी मचने लगी। वहीं दूसरी ओर मई के आखिरी हफ्ते में संक्रमण की रफ्तार सुस्त पड़ने लगी। संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी आने लगी। ऐसे में परिवार के सदस्यों के लिए मेडिकल स्टोरों से खरीदी गई कोविड की दवाइयां की वापसी शुरू हो गई है। लोग बिल के साथ दवाइयों को वापस करने दुकानों पर पहुंचने लगे हैं। शहर के बड़े मेडिकल स्टोरों पर रोजाना दस से बारह ग्राहक दवा वापसी के पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में दवा की दुकानों की स्थिति
- दवा के थोक विक्रेताओं की संख्या : 240
- दवा के फुटकर विक्रेताओं की संख्या : 950
- 1.20 करोड़ अप्रैल और मई में दवाओं का कारोबार रहा।
केस एक
शहर के मोहल्ला सरफाराज खां निवासी एक युवक ने बताया कि उसके परिवार के एक सदस्य को कोरोना संक्रमण हुआ था। दवाओं का इंतजाम कर युवक ने परिवार के सदस्य का इलाज शुरू कराया। बाकी सदस्यों के लिए भी कोविड की दवाइयां खरीद कर रख ली। हालांकि परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आई। संक्रमण में कमी आने पर युवक दवाओं को वापस करने मेडिकल स्टोर पर पहुंचा। जहां थोड़ी बहुुत बहस के बाद दुकानदार ने दवा वापस ले ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस दो
बीसलपुर के रहने वाले एक बुुजुर्ग शहर के एक मेडिकल स्टोर पर दवा वापस करने के लिए आए थे। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल को उनकी पत्नी पॉजिटिव हो गई थी। उनका होम आइसोलेशन में ही इलाज किया गया था। अचानक उनकी मौत हो गई। इस पर परिवार के अन्य सदस्यों को परेशानियों का सामना न करना पड़े इसलिए घर में कोविड की दवाइयां खरीदकर कर रख ली। दवाओं की आवश्यकता न पड़ने पर उन्हें वापस करने के लिए आए हैं।
अप्रैल में दवाओं को लेकर मारामारी रही। लोगों ने जरूरत से अधिक दवाइयां खरीद कर घरों में रख लिया। खासकर उन दवाइयों को खरीदारी की गई, जिनकी बाजार में कमी होने की आशंका थी। संक्रमण की रफ्तार थमने के बाद अब लोग घरों में जमा किए हुए स्टॉक को मेडिकल स्टोर पर लेकर पहुंच रहे हैं, कुछ दुकानदारों ने पहले ही दुकान पर कोविड की दवा न वापसी का बोर्ड भी चस्पा कर दिया था। तो वहां तो कम ऐसे मामले आ रहे हैं। फिलहाल कई जगह लोग बिल और पर्चे लेकर पहुंच रहे हैं। - राघवेंद्र नाथ मिश्र जिलाध्यक्ष, केमिस्ट ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन

संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद जिन लोगों ने कोविड की दवाओं का घरों में स्टॉक कर लिया था। वह अब दवा वापस करने के लिए मेडिकल स्टोर पर पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन चार से पांच ग्राहक दवाओं की वापसी को आ रहे हैं। ये वह ग्राहक हैं, जिन्होंने कोविड की दवाइयां एडवांस में खरीदकर रख ली थी। - फरहान शम्सी, मेडिकल संचालक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed