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Pilibhit News: सीवीओ पर कार्रवाई की संस्तुति के साथ शासन को भेजी रिपोर्ट
Wed, 13 Sep 2023 12:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 13 Sep 2023 12:02 AM IST
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पीलीभीत। कलीनगर के परशुराम गोआश्रय स्थल में एक महीने में भूख और बीमारी से 20 पशुओं की मौत के मामले में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और माधोटांडा के पशु चिकित्साधिकारी की भी लापरवाही सामने आई थी। ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने के बाद अब सीवीओ और पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर डीएम ने रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
कलीनगर के परशुराम गोआश्रय स्थल में भूख और बीमारी से एक महीने में 20 पशुओं की मौत हो गई थी। मामले को जब अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था तो अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए पूरे मामले को ही झुठला दिया, लेकिन जब मौतों का सिलसिला नहीं थमा तो मामला शासन तक पहुंचा। इसके बाद एसडीएम कलीनगर सहित अन्य अधिकारियों ने जांच की।
जांच में पाया गया था सचिव ने पशुओं के चारे के लिए करीब छह माह से बजट की डिमांड ही नहीं भेजी थी। सचिव को निलंबित करने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश मिले थे। इसमें सीवीओ और पशु चिकित्साधिकारी पर कार्रवाई के लिए सीडीओ ने जांच आख्या के आधार पर रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी के पास भेजी थी। जिलाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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मुख्य विकास अधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। सीवीओ के साथ ही पशु चिकित्साधिकारी पर भी शासन स्तर से कार्रवाई होगी। गोआश्रय स्थल में एक-एक कर 20 गोवंश की मौत हो जाने के बाद भी नोडल अफसर/सीवीओ ने गोआश्रय स्थल का निरीक्षण तक नहीं किया था।
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कलीनगर के परशुराम गोआश्रय स्थल में भूख और बीमारी से एक महीने में 20 पशुओं की मौत हो गई थी। मामले को जब अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था तो अधिकारियों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए पूरे मामले को ही झुठला दिया, लेकिन जब मौतों का सिलसिला नहीं थमा तो मामला शासन तक पहुंचा। इसके बाद एसडीएम कलीनगर सहित अन्य अधिकारियों ने जांच की।
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जांच में पाया गया था सचिव ने पशुओं के चारे के लिए करीब छह माह से बजट की डिमांड ही नहीं भेजी थी। सचिव को निलंबित करने के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश मिले थे। इसमें सीवीओ और पशु चिकित्साधिकारी पर कार्रवाई के लिए सीडीओ ने जांच आख्या के आधार पर रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी के पास भेजी थी। जिलाधिकारी ने कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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मुख्य विकास अधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। सीवीओ के साथ ही पशु चिकित्साधिकारी पर भी शासन स्तर से कार्रवाई होगी। गोआश्रय स्थल में एक-एक कर 20 गोवंश की मौत हो जाने के बाद भी नोडल अफसर/सीवीओ ने गोआश्रय स्थल का निरीक्षण तक नहीं किया था।