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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: घरों और मंदिरों में कान्हा के स्वागत की तैयारी
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पीलीभीत। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी शुरू हो गई हैं। शहर के विभिन्न मंदिरों में कान्हा के स्वागत की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। घरों और मंदिरों को सजाया जा रहा है।
मान्यता के अनुसार सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। अबकी बार जन्माष्टमी की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति है। लोग उलझन में है कि जन्माष्टमी शुक्रवार 23 अगस्त या 24 को मनाई जाए। पंडित आशुतोष शर्मा ने बताया कि मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद यानी भादों के कृष्णपक्ष में अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। अष्टमी के हिसाब से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बृहस्पतिवार को होनी चाहिए, लेकिन यदि रोहिणी नक्षत्र को माने तो जन्माष्टमी 24 अगस्त को होना चाहिए।
इधर, कान्हा के जन्मदिन को लेकर शहर के मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। शहर के मंदिर श्री राधा रमण के माधव गौड़ेश्वराचार्य सुधीर चंद्र गोस्वामी ने बताया कि साहूकारा स्थित करीब 118 साल पुराने इस मंदिर में 24 अगस्त को मध्याह्न 11 बजे से 2.30 बजे तक भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया जाएगा। रात को भगवान को भोग लगाने के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। वहीं 25 अगस्त को मध्याह्न 11 बजे नंद उत्सव मनाया जाएगा। शहर के साहूकारा स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में 24 अगस्त को सायं 7.30 बजे झांकी का मंचन, रात्रि नौ बजे से अभिषेक होगा। रात्रि 12 बजे भव्य आरती और प्रसाद वितरण होगा। जिला पंचायत की आवासीय कॉलोनी स्थित श्री सिद्धि विनायक मंदिर में 24 अगस्त को सायं 7.30 बजे श्री राधा-कृष्ण का श्रृंगार, सायं आठ बजे से 12 बजे तक संकीर्तन और 12.15 बजे आरती होगी। करीब 12.30 बजे प्रसाद वितरण होगा। अशोक कॉलोनी स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी मनाई जाएगी। पंडित दिनेश गौड़ ने बताया कि 24 अगस्त को रात्रि नौ बजे से भजन कीर्तन होंगे और रात्रि 12 बजे आरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरोें को भी भव्य तरीके से सजाया जा रहा है।
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मान्यता के अनुसार सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। अबकी बार जन्माष्टमी की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति है। लोग उलझन में है कि जन्माष्टमी शुक्रवार 23 अगस्त या 24 को मनाई जाए। पंडित आशुतोष शर्मा ने बताया कि मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद यानी भादों के कृष्णपक्ष में अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। अष्टमी के हिसाब से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बृहस्पतिवार को होनी चाहिए, लेकिन यदि रोहिणी नक्षत्र को माने तो जन्माष्टमी 24 अगस्त को होना चाहिए।
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इधर, कान्हा के जन्मदिन को लेकर शहर के मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। शहर के मंदिर श्री राधा रमण के माधव गौड़ेश्वराचार्य सुधीर चंद्र गोस्वामी ने बताया कि साहूकारा स्थित करीब 118 साल पुराने इस मंदिर में 24 अगस्त को मध्याह्न 11 बजे से 2.30 बजे तक भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया जाएगा। रात को भगवान को भोग लगाने के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। वहीं 25 अगस्त को मध्याह्न 11 बजे नंद उत्सव मनाया जाएगा। शहर के साहूकारा स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में 24 अगस्त को सायं 7.30 बजे झांकी का मंचन, रात्रि नौ बजे से अभिषेक होगा। रात्रि 12 बजे भव्य आरती और प्रसाद वितरण होगा। जिला पंचायत की आवासीय कॉलोनी स्थित श्री सिद्धि विनायक मंदिर में 24 अगस्त को सायं 7.30 बजे श्री राधा-कृष्ण का श्रृंगार, सायं आठ बजे से 12 बजे तक संकीर्तन और 12.15 बजे आरती होगी। करीब 12.30 बजे प्रसाद वितरण होगा। अशोक कॉलोनी स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी मनाई जाएगी। पंडित दिनेश गौड़ ने बताया कि 24 अगस्त को रात्रि नौ बजे से भजन कीर्तन होंगे और रात्रि 12 बजे आरती और प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरोें को भी भव्य तरीके से सजाया जा रहा है।
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