पीलीभीत। वायरल फीवर और डेंगू मलेरिया के बीच पिछले कई दिनों से जिला अस्पताल की ओपीडी में लंबी-लंबी लाइनें लग रही थी। लेकिन बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में रोजना की तुलना मरीजों की संख्या कम रही। बृहस्पतिवार को ओपीडी में सिर्फ 756 पर्चे बने। जिनमें 186 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम के निकले। दोपहर एक बजे के बाद जिला अस्पताल में सन्नाटा पसर गया। मरीजों की संख्या कम होने पर स्वास्थ्य कर्मियों को राहत रही।
मौसम का मिजाज बदलने के बाद कोरोना संक्रमण के बाद अब संक्रामक बीमारियों ने जिले में पैर पसार लिए हैं। डेंगू और मलेरिया के प्रकोप से हर कोई परेशान है। जिले में अब तक डेंगू के 23 और मलेरिया के 35 केस सामने आ चुके है। साथ बुखार का प्रकोप भी है। बुखार आने पर हर कोई खुद को डेंगू मरीज मान रहा है। ऐसे में प्राइवेट अस्पताल से लेकर सरकारी अस्पताल तक मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। एक सितंबर से अब तक जिला अस्पताल की ओपीडी 25 हजार से अधिक हो चुकी है। रोजाना औसतन करीब 1500 मरीज आ रहे है। जबकि सामान्य दिनों में ओपीडी में सिर्फ 500 से 600 मरीज आते हैं। वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ने पर डॉक्टरों के चैंबर फुल चल रहे हैं। लेकिन बृहस्पतिवार को सिर्फ ओपीडी में 756 पर्चे बने। जिनमें 186 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम के निकले। दोपहर एक बजे के बाद जिला अस्पताल में सन्नाट पसर गया।