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रजिस्ट्री विभाग को महंगी पड़ी नोटबंदी
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 19 Apr 2017 11:03 PM IST
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मोदी सरकार का नोटबंदी करने फैसला राजनैतिक स्तर पर भले भाजपा के लिए बेहतर साबित हुआ हो, लेकिन रजिस्ट्री विभाग को यह खासा महंगा पड़ा। पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा विभाग को इस सात में 4840 रजिस्ट्री कम होने से 498.33 लाख की आय में कमी आई। आठ नंबर 2016 से एक हजार व पांच सौ रुपये के नोट बंद होने से पूरा देश लाइन लगाए खड़ा था। हालांकि दो महीने बाद हालात हालात लगभग सामान्य हो गए। इस नोटबंदी से व्यापारी वर्ग को तो जरूर नुकसान हुआ, लेकिन बाद में स्थित सुधर गई। अगर बात करे राजस्व की तो उपनिबंधक कार्यालय को लाखों रुपये का चालू वित्तीय वर्ष में काफी नुकसान उठाना पड़ा। हुआ है। वित्तीय वर्ष 2015-16 की बात करे तो पूरे जिले में बैनामे व अन्य रजिस्ट्री 35866 होने पर 5406.09 लाख की आय हुई थी। नोटबंदी के बाद वित्तीय वर्ष 2016-2017 में 31026 बैनामे व अन्य रजिस्ट्री होने पर 4907.76 आय हो सकी। ऐसे में देखा जाए जो बैनामों व अन्य रजिस्ट्री पर नोटबंदी का खासा प्रभाव पड़ा। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 4840 बैनाम व रजिस्ट्री कम हुई। जिस पर विभाग को इस वर्ष में 498.83 लाख की कमी आई।
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