{"_id":"6a9875fc760140ef8e09d85d","slug":"ready-to-welcome-nandlal-tableaux-are-being-set-up-in-every-home-pilibhit-news-c-121-1-bdn1036-167896-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: नंदलाल के स्वागत को तैयार, घर-घर सज रही झांकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: नंदलाल के स्वागत को तैयार, घर-घर सज रही झांकी
Thu, 03 Sep 2026 12:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 12:46 AM IST
विज्ञापन
कान्हा और राधा के स्वरूप में बच्चे
पीलीभीत। चार सितंबर को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। घरों में कान्हा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं। महिलाएं भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को आकर्षक ढंग से सजाने के लिए नए वस्त्र, मुकुट, बांसुरी और आभूषण तैयार कर रही हैं। इसके साथ ही बच्चों को भी कान्हा और राधा के रूप में सजाने की तैयारी चल रही है।
घरों में पूजा स्थल को सजाने के साथ झांकी तैयार करने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जन्माष्टमी को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। कोई कान्हा के लिए नए वस्त्र और मुकुट तैयार कर रहा है तो कोई घर में आकर्षक झांकी बनाने की तैयारी में जुटा है। महिलाओं ने व्रत, पूजन और प्रसाद के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार कई महिलाएं पारंपरिक पूजा के साथ घर में ही आकर्षक सजावट कर जन्माष्टमी मनाने की तैयारी कर रही हैं।
चंद्रप्रभा ने बताया कि इस बार घर में कान्हा की विशेष झांकी सजाने की तैयारी की जा रही है। कान्हा के लिए नए वस्त्र, मुकुट और बांसुरी खरीदी गई है। आधी रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद विधि-विधान से पूजा की जाएगी।
विज्ञापन
सविता ने बताया कि जन्माष्टमी पर बच्चों को कान्हा और राधा के रूप में सजाने की तैयारी है। इसके लिए घर में ही बच्चों के कपड़े और आभूषण तैयार किए जा रहे हैं। बच्चों को इस पर्व का महत्व भी बताया जा रहा है, जिससे उनमें धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति रुचि बढ़े।
शिप्रा गुप्ता ने बताया कि इस बार कान्हा के शृंगार के साथ घर में फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से झांकी सजाई जाएगी। भगवान के लिए माखन-मिश्री, फल और अन्य प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है। परिवार के सभी सदस्य मिलकर तैयारियों में जुटे हैं।
अंजना ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने के साथ भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाएगी। घर में बच्चों को भी त्योहार की तैयारियों में शामिल किया जा रहा है। कान्हा के बाल स्वरूप को सजाने के लिए इस बार कुछ अलग करने की तैयारी है।
निहारिका ने कहा कि बाजार से कान्हा के वस्त्र, मुकुट, मोरपंख और बांसुरी खरीदी गई है। बच्चों में भी जन्माष्टमी को लेकर काफी उत्साह है। उनका कहना है कि बच्चों को कृष्ण के बाल स्वरूप में सजाने से त्योहार की खुशी और बढ़ जाती है।
ऋचा गुप्ता ने कहा कि घर में जन्माष्टमी की झांकी सजाने के लिए फूल, सजावटी सामान और रंगीन लाइटें जुटाई जा रही हैं। रात में श्रीकृष्ण जन्म के समय पूजा के बाद प्रसाद वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी लोग मिलकर इस बार जन्माष्टमी को विशेष बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
घरों में पूजा स्थल को सजाने के साथ झांकी तैयार करने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। जन्माष्टमी को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। कोई कान्हा के लिए नए वस्त्र और मुकुट तैयार कर रहा है तो कोई घर में आकर्षक झांकी बनाने की तैयारी में जुटा है। महिलाओं ने व्रत, पूजन और प्रसाद के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार कई महिलाएं पारंपरिक पूजा के साथ घर में ही आकर्षक सजावट कर जन्माष्टमी मनाने की तैयारी कर रही हैं।
विज्ञापन
चंद्रप्रभा ने बताया कि इस बार घर में कान्हा की विशेष झांकी सजाने की तैयारी की जा रही है। कान्हा के लिए नए वस्त्र, मुकुट और बांसुरी खरीदी गई है। आधी रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद विधि-विधान से पूजा की जाएगी।
विज्ञापन
सविता ने बताया कि जन्माष्टमी पर बच्चों को कान्हा और राधा के रूप में सजाने की तैयारी है। इसके लिए घर में ही बच्चों के कपड़े और आभूषण तैयार किए जा रहे हैं। बच्चों को इस पर्व का महत्व भी बताया जा रहा है, जिससे उनमें धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति रुचि बढ़े।
शिप्रा गुप्ता ने बताया कि इस बार कान्हा के शृंगार के साथ घर में फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से झांकी सजाई जाएगी। भगवान के लिए माखन-मिश्री, फल और अन्य प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है। परिवार के सभी सदस्य मिलकर तैयारियों में जुटे हैं।
अंजना ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने के साथ भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाएगी। घर में बच्चों को भी त्योहार की तैयारियों में शामिल किया जा रहा है। कान्हा के बाल स्वरूप को सजाने के लिए इस बार कुछ अलग करने की तैयारी है।
निहारिका ने कहा कि बाजार से कान्हा के वस्त्र, मुकुट, मोरपंख और बांसुरी खरीदी गई है। बच्चों में भी जन्माष्टमी को लेकर काफी उत्साह है। उनका कहना है कि बच्चों को कृष्ण के बाल स्वरूप में सजाने से त्योहार की खुशी और बढ़ जाती है।
ऋचा गुप्ता ने कहा कि घर में जन्माष्टमी की झांकी सजाने के लिए फूल, सजावटी सामान और रंगीन लाइटें जुटाई जा रही हैं। रात में श्रीकृष्ण जन्म के समय पूजा के बाद प्रसाद वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी लोग मिलकर इस बार जन्माष्टमी को विशेष बनाने की तैयारी कर रहे हैं।