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छात्रा और असिस्टेंट प्रोफेसर के बीच हुए वार्तालाप की रिकार्डिंग हासिल करेगी पुलिस
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पीलीभीत। शहर के एक महिला डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर पर एक छात्रा ने दुष्कर्म करने और सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता और आरोपी के बीच फोन पर बातचीत हुई है। उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग साक्ष्य बनेगी। वाइस रिकॉर्डिंग मिलने के बाद फॉरेंसिंक जांच के लिए मुरादाबाद भेजी जाएगी।
सदर कोतवाली पुलिस ने छात्रा की तहरीर के आधार पर 21 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी को तीन टीमें लगाई थी। 26 नवंबर को देर शाम पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान को शहर के ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 27 नवंबर को न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। मामले की विवेचना सदर कोतवाली के एसएसआई सदाकत अली कर रहे थे।
पीड़िता की शिकायत पर एसपी ने विवेचक को बदलकर कोतवाल अशोक पाल को विवेचना दे दी। नए विवेचक ने संबंधित छात्राओं, कॉलेज स्टाफ समेत कई लोगों के बयान लिए। आरोपी के कक्षों की तलाशी ली। पीड़िता से मिले साक्ष्य की जांच की जा रही है। विवेचक/कोतवाल अशोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है।
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पीड़ित ने प्रोफेसर से वार्ता की वाइस रिकॉर्डिंग देने की बात कही है। मगर अभी तक नहीं मिली है। वाइस रिकॉर्डिंग मिलने के बाद फॉरेंसिक जांच के लिए मुरादाबाद लैब भेजी जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट आने के बाद विवेचना रिपोर्ट न्याय में प्रस्तुत कर दी जाएगी। मामले में सभी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
अब बदल रहा है पुलिस का रवैया
पीड़ित छात्रा ने बताया कि 21 नवंबर को घटना की जानकारी देने जब वह कोतवाली पुलिस गई तो बेहद खराब बर्ताव पुलिस ने किया था। लेकिन जब से उसने मुख्यमंत्री के सामने आपबीती सुनाने का निर्णय लिया है तभी से पुलिस का रवैया बदला है। छात्रा ने बताया कि पुलिस उसके घर आई तो पुलिस ने अपने वाहन घर से काफी दूर छोड़े और महिला अधिकारी भी साथ थीं। अगर वह किसी वजह से पुरुष अधिकारी के सामने अपनी बात नहीं कहना चाहती है तो उसके लिए महिला अधिकारी का विकल्प था।
छात्रा ने कहा कि अगर पुलिस ने शुरूआती समय से इस तरह की संवेदनशीलता दिखाई होती तो दूसरी छात्राएं भी अब तक अपने बयान दे चुकी होतीं। छात्राओं के साथ कॉलेज परिसर और क्लास रूम तक में अश्लील वार्तालाप करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कई छात्राएं बयान देना चाहती हैं लेकिन पुलिस पर अभी उनका भरोसा नहीं जम सका है। इसलिए छात्राएं पुलिस के पूछने पर भी चुप हो जाती हैं। वैसे आपसी बातचीत में कई छात्राओं ने प्रोफेसर की हरकतों की कलई खोली है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को भी जानकारी दी है।
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सदर कोतवाली पुलिस ने छात्रा की तहरीर के आधार पर 21 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी को तीन टीमें लगाई थी। 26 नवंबर को देर शाम पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान को शहर के ईदगाह रेलवे क्रॉसिंग से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 27 नवंबर को न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। मामले की विवेचना सदर कोतवाली के एसएसआई सदाकत अली कर रहे थे।
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पीड़िता की शिकायत पर एसपी ने विवेचक को बदलकर कोतवाल अशोक पाल को विवेचना दे दी। नए विवेचक ने संबंधित छात्राओं, कॉलेज स्टाफ समेत कई लोगों के बयान लिए। आरोपी के कक्षों की तलाशी ली। पीड़िता से मिले साक्ष्य की जांच की जा रही है। विवेचक/कोतवाल अशोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है।
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पीड़ित ने प्रोफेसर से वार्ता की वाइस रिकॉर्डिंग देने की बात कही है। मगर अभी तक नहीं मिली है। वाइस रिकॉर्डिंग मिलने के बाद फॉरेंसिक जांच के लिए मुरादाबाद लैब भेजी जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट आने के बाद विवेचना रिपोर्ट न्याय में प्रस्तुत कर दी जाएगी। मामले में सभी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
अब बदल रहा है पुलिस का रवैया
पीड़ित छात्रा ने बताया कि 21 नवंबर को घटना की जानकारी देने जब वह कोतवाली पुलिस गई तो बेहद खराब बर्ताव पुलिस ने किया था। लेकिन जब से उसने मुख्यमंत्री के सामने आपबीती सुनाने का निर्णय लिया है तभी से पुलिस का रवैया बदला है। छात्रा ने बताया कि पुलिस उसके घर आई तो पुलिस ने अपने वाहन घर से काफी दूर छोड़े और महिला अधिकारी भी साथ थीं। अगर वह किसी वजह से पुरुष अधिकारी के सामने अपनी बात नहीं कहना चाहती है तो उसके लिए महिला अधिकारी का विकल्प था।
छात्रा ने कहा कि अगर पुलिस ने शुरूआती समय से इस तरह की संवेदनशीलता दिखाई होती तो दूसरी छात्राएं भी अब तक अपने बयान दे चुकी होतीं। छात्राओं के साथ कॉलेज परिसर और क्लास रूम तक में अश्लील वार्तालाप करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कई छात्राएं बयान देना चाहती हैं लेकिन पुलिस पर अभी उनका भरोसा नहीं जम सका है। इसलिए छात्राएं पुलिस के पूछने पर भी चुप हो जाती हैं। वैसे आपसी बातचीत में कई छात्राओं ने प्रोफेसर की हरकतों की कलई खोली है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को भी जानकारी दी है।