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मां बोली - सामूहिक दुष्कर्म से आहत होकर बेटी ने दी थी जान
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पीलीभीत। संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी के फंदा लगाकर जान देने के मामले में तीन माह बाद नया मोड़ आया है। महिला आयोग से की गई शिकायत में किशोरी की मां ने गांव के चार लोगों द्वारा दुष्कर्म करने को खुदकुशी की वजह बताया। यही नहीं पुलिस के तहरीर देने के बाद भी कार्रवाई न करने पर गांव में पंचायत की ओर से सामाजिक बहिष्कार के भी आरोप लगाए है।
गजरौला थाना क्षेत्र की एक महिला ने राज्य महिला आयोग को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि 19 मार्च की शाम सात बजे वह पति और बेटे संग गांव में ही वैवाहिक कार्यक्रम में गयी थी। घर पर उसकी 15 वर्षीय पुत्री अकेली थी। इस बीच गांव के चार युवक घर पहुंचे। कोल्ड ड्रिंक में नशा देने के बाद बेटी को नजदीक के बाग में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। करीब दो घंटे बाद वापस आने पर बेटी घर से 200 मीटर दूर बाग में बेसुध मिली। उसे घर लाए। फिर बेटी ने पूरी बात बताई। दूसरे दिन 19 मार्च की सुबह आरोपी घर आए और कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। इससे घबराकर बेटी ने फंदा लगा लिया। उसकी बरेली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया। आरोप है कि गजरौला पुलिस को तहरीर दी गयी, मगर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी। उधर गांव के कुछ लोगों ने पंचायत कर पीड़िता को ही सामाजिक बहिष्कार कर दिया। महिला आयोग में पत्र भेजकर किशोरी की मां ने न्याय की गुहार लगाई।
मामला संज्ञान में है। तहरीर मिली है। उसकी गहनता से जांच कराई जा रही है। अभी तक किशोरी की पोस्टमार्टम भी नहीं मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। मदन मोहन चतुर्वेदी, इंस्पेक्टर गजरौला
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गजरौला थाना क्षेत्र की एक महिला ने राज्य महिला आयोग को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि 19 मार्च की शाम सात बजे वह पति और बेटे संग गांव में ही वैवाहिक कार्यक्रम में गयी थी। घर पर उसकी 15 वर्षीय पुत्री अकेली थी। इस बीच गांव के चार युवक घर पहुंचे। कोल्ड ड्रिंक में नशा देने के बाद बेटी को नजदीक के बाग में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। करीब दो घंटे बाद वापस आने पर बेटी घर से 200 मीटर दूर बाग में बेसुध मिली। उसे घर लाए। फिर बेटी ने पूरी बात बताई। दूसरे दिन 19 मार्च की सुबह आरोपी घर आए और कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। इससे घबराकर बेटी ने फंदा लगा लिया। उसकी बरेली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया। आरोप है कि गजरौला पुलिस को तहरीर दी गयी, मगर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गयी। उधर गांव के कुछ लोगों ने पंचायत कर पीड़िता को ही सामाजिक बहिष्कार कर दिया। महिला आयोग में पत्र भेजकर किशोरी की मां ने न्याय की गुहार लगाई।
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मामला संज्ञान में है। तहरीर मिली है। उसकी गहनता से जांच कराई जा रही है। अभी तक किशोरी की पोस्टमार्टम भी नहीं मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। मदन मोहन चतुर्वेदी, इंस्पेक्टर गजरौला
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