{"_id":"2df3ea0aa1f6317695770d376d167151","slug":"rain-ruined-crops-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश ने तोड़ दी किसानों की कमर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश ने तोड़ दी किसानों की कमर
पीलीभीत।
Updated Sat, 04 Apr 2015 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेमौमस बरसात व ओलावृष्टि की मार से बेहाल किसान के खेत में खड़ी गेहूं व
विज्ञापन
सरसों की बची खुची फसल शुक्रवार रात से शनिवार भोर तक हुई बारिश की मार से
और बदहाल हो गई। उत्पादन व क्वालिटी तो पहले ही घट चुकी है। अब बची हुई फसल
पर सूड़ी ने भी हमला बोलकर किसानों की कमर तोड़ दी है। सर्वे व मुआवजे के
नाम पर प्रशासन भी खानापूरी कर रहा है। जिले में अब तक करीब आठ हजार लोगों
को ही मुआवजा मिल सका है। बारिश की मार से गेहूं के दाने पतले होने के साथ
काले पड़ने लगे हैं। इससे बचे गेहूं को अब बेचने में भी दिक्कत आएगी।
गेहूं की तैयार फसल बार-बार भीगने से खेतों में सूड़ियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गेहूं में महामारी की तरह फैल रही यह सूड़ियां बालियों को चट कर जा रहीं हैं। वहीं गेहूं के खेतों के पास खड़े गन्ने को भी इससे नुकसान हो रहा है। पूरनपुर के गैरतपुर जप्ती, पिपरिया दुलई, सिरसा क्षेत्र में सूड़ी का प्रकोप अधिक देखा जा रहा है।
एकड़ पर 10 क्विंटल भी नहीं निकला गेहूं
बारिश ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा है। शुक्रवार को जो फसल काटी उसे लेकर मंडी आया हूं। यहां तौल कराने पर एक एकड़ में 10 क्विंटल का औसत आया है।
- कश्मीर सिंह, अमृतपुर
नहीं निकलेगी गेहूं की लागत
गेहूं की बुवाई के लिए खेत की तैयारी से लेकर फसल की कटाई तक आठ से दस हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत जाती है लेकिन इस बार गेहूं की लागत भी नहीं निकलेगी।
- गंगा सिंह, जमुनिया
खराब गेहूं बेचने में होगी दिक्कत
बारिश और ओला गिरने से गेहूं काला पड़ रहा है साथ ही दाना भी हल्का हो गया है। ऐसे में गेहूं की बिक्री सरकारी केंद्रों पर होने की उम्मीद कम है।
- मोहन लाल, रोहतनियां
खेती बर्बादी के अलावा कुछ नहीं
खेती करना अब मुनाफे का सौदा नहीं रहा। हाड मास गलाकर महीनों मेहनत करने के बाद भी किसान को क्या मिलेगा कोई नहीं जनता। खेती में अब बर्बादी के अलावा कुछ नहीं है।
- जयराम, बिलगवां
0
साढ़े तीन एकड़ गेहूं हुआ बर्बाद
इस बार मात्र तीन एकड़ खेत में गेहूं की फसल बोई थी लेकिन बारिश ने पूरी फसल को बर्बाद कर दिया है। आगे धान की बुवाई और परिवार का खर्च कैसे चलेगा।
- श्याम सुंदर गंगवार, ढकिया रंजीत
00
प्रशासन से नहीं मिला मुआवजा
बार बार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आठ बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गया है, लेकिन प्रशासन ने मुआवजा नहीं मिला है।
- रामपाल गंगवार, ढकिया रंजीत
---------
मुआवजे के नाम पर हो रहा दिखावा
किसानों पर कुदरत की मार पहले ही पड़ रही है। गेहूं की बर्बादी के बाद प्रशासन भी साथ नहीं दे रहा है। जो मुआवजा दिया जा रहा है वह काफी कम है।
- राहुल शर्मा, ढकिया रंजीत
--------
खास-खास
. रिकार्ड 1.45 लाख हेक्टेअर क्षेत्र में किसानों ने बोया गेहूं
. 61 लाख क्विंटल गेहूं उत्पादन की थी उम्मीद
. पहली ओलावृष्टि/बारिश से 80 हजार हेक्टेअर फसल हुई प्रभावित
. बारिश/ओलावृष्टि के बाद 45 लाख क्विंटल उत्पादन मान रहा था प्रशासन
. शुक्रवार रात बारिश के बाद उत्पादन के गिर कर 28-30 लाख क्विंटल तक पहुंचने की उम्मीद
-------------
गेहूं की तैयार फसल बार-बार भीगने से खेतों में सूड़ियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गेहूं में महामारी की तरह फैल रही यह सूड़ियां बालियों को चट कर जा रहीं हैं। वहीं गेहूं के खेतों के पास खड़े गन्ने को भी इससे नुकसान हो रहा है। पूरनपुर के गैरतपुर जप्ती, पिपरिया दुलई, सिरसा क्षेत्र में सूड़ी का प्रकोप अधिक देखा जा रहा है।
एकड़ पर 10 क्विंटल भी नहीं निकला गेहूं
बारिश ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा है। शुक्रवार को जो फसल काटी उसे लेकर मंडी आया हूं। यहां तौल कराने पर एक एकड़ में 10 क्विंटल का औसत आया है।
- कश्मीर सिंह, अमृतपुर
नहीं निकलेगी गेहूं की लागत
गेहूं की बुवाई के लिए खेत की तैयारी से लेकर फसल की कटाई तक आठ से दस हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत जाती है लेकिन इस बार गेहूं की लागत भी नहीं निकलेगी।
- गंगा सिंह, जमुनिया
खराब गेहूं बेचने में होगी दिक्कत
बारिश और ओला गिरने से गेहूं काला पड़ रहा है साथ ही दाना भी हल्का हो गया है। ऐसे में गेहूं की बिक्री सरकारी केंद्रों पर होने की उम्मीद कम है।
- मोहन लाल, रोहतनियां
खेती बर्बादी के अलावा कुछ नहीं
खेती करना अब मुनाफे का सौदा नहीं रहा। हाड मास गलाकर महीनों मेहनत करने के बाद भी किसान को क्या मिलेगा कोई नहीं जनता। खेती में अब बर्बादी के अलावा कुछ नहीं है।
- जयराम, बिलगवां
0
साढ़े तीन एकड़ गेहूं हुआ बर्बाद
इस बार मात्र तीन एकड़ खेत में गेहूं की फसल बोई थी लेकिन बारिश ने पूरी फसल को बर्बाद कर दिया है। आगे धान की बुवाई और परिवार का खर्च कैसे चलेगा।
- श्याम सुंदर गंगवार, ढकिया रंजीत
00
प्रशासन से नहीं मिला मुआवजा
बार बार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आठ बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गया है, लेकिन प्रशासन ने मुआवजा नहीं मिला है।
- रामपाल गंगवार, ढकिया रंजीत
---------
मुआवजे के नाम पर हो रहा दिखावा
किसानों पर कुदरत की मार पहले ही पड़ रही है। गेहूं की बर्बादी के बाद प्रशासन भी साथ नहीं दे रहा है। जो मुआवजा दिया जा रहा है वह काफी कम है।
- राहुल शर्मा, ढकिया रंजीत
--------
खास-खास
. रिकार्ड 1.45 लाख हेक्टेअर क्षेत्र में किसानों ने बोया गेहूं
. 61 लाख क्विंटल गेहूं उत्पादन की थी उम्मीद
. पहली ओलावृष्टि/बारिश से 80 हजार हेक्टेअर फसल हुई प्रभावित
. बारिश/ओलावृष्टि के बाद 45 लाख क्विंटल उत्पादन मान रहा था प्रशासन
. शुक्रवार रात बारिश के बाद उत्पादन के गिर कर 28-30 लाख क्विंटल तक पहुंचने की उम्मीद
-------------