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पहली मानसूनी बारिश में ही पानी में बह गए 30 लाख, सड़कों पर जलभराव
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पीलीभीत। मंगलवार को मानसूनी की पहली बार ठीकठाक हुई बारिश में ही नगरपालिका के नाला-नाली सफाई के 30 लाख रुपए पानी में बह गए। चोक नाले नालियों से बारिश के पानी की निकासी न होने से सड़कों और गलियों में जलभराव हो गया।
बारिश ने नगरपालिका की तलीझाड़ सफाई की पोल खोलकर रख दी। बेहतर सफाई के दावे ध्वस्त हो गए। टूटी सड़कों पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। अभी पूरी बारिश बाकी पड़ी है। पहली बारिश में यह हाल है तो आगे चलकर शहर का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा अभी से लगाया जा सकता है।
नगरपालिका ने मानसूनी बारिश से पहले शहर के छोटे बड़े 29 नालों की तलीझाड़ सफाई कराई थी। इसमें नाला-नालियों की सफाई पर 30 लाख रुपए खर्च हुए थे। सावन माह में पहली झमाझम बारिश से सफाई के दावे धरे रह गए। रेलवे स्टेशन रोड से लेकर रोडवेज बस स्टैंड, अग्रवाल सभा रोड, मोहल्ला साहूकारा, चौक बाजार, छिपियान मस्जिद की गली, डालचंद, मुधवन कॉलोनी के पास, स्टेशन रोड, मोहल्ला गोपाल सिंह, फीलखाना, पंजाबियान, जिला अस्पताल कैंपस के पीछे, देशनगर के आसपास गली मोहल्लों में पानी भर गया। जलभराव की वजह रही नालों की बेहतर ढंग से सफाई न होना। चोक नाले नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। निचले इलाकों में कई जगह गंदा पानी घरों में भी घुस गया। टूटी सड़के भी राहगीरों के लिए मुसीबत बनीं।
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पूरनपुर में सड़कों पर जलभराव के विरोध में प्रदर्शन
पूरनपुर। झमाझम बारिश से खेत भर गए। निचले स्थानों पर धान की फसल डूब गई। पूरनपुर देहात और नगर में निचले स्थानों पर जलभराव होने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानें बंद रही। मोहल्ला चौक की एक गली में जलभराव के विरोध मेें नगरपालिका के पूर्व सदस्य लियाकत हुसैन उर्फ भूरे के नेतृत्व में लोगों ने दुकानदारों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि गली में कई साल से जलभराव हो जाता है। सड़क को ऊंचा नहीं किया गया। पूर्व सदस्य ने कहा कि वह एसडीएम और नगरपालिका ईओ से मिलकर ज्ञापन देंगे। संवाद
शेरपुरकलां में जमा सिल्ट नालों में बही
शेरपुरकलां। दो दिन पहले नालों की सफाई शुरू हुई थी। सिल्ट नहीं उठाई गई थी। बारिश में वह सिल्ट फिर नालों में बह गई। बारिश के बीच में जेसीबी मशीन सिल्ट हटाने पहुंची तो लोगों ने रोष व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि अगर समय से नाले साफ हो जाते तो जलभराव से नहीं जूझना पड़ता। लोगों ने बरसात में नालों की सफाई का विरोध किया। ग्राम प्रधान के पति हाजी रियाजतनूर खां मझले का कहना है कि लॉकडाउन में काम बंद हो गए थे। इसलिए सफाई में देरी हुई। संवाद
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बारिश ने नगरपालिका की तलीझाड़ सफाई की पोल खोलकर रख दी। बेहतर सफाई के दावे ध्वस्त हो गए। टूटी सड़कों पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा। अभी पूरी बारिश बाकी पड़ी है। पहली बारिश में यह हाल है तो आगे चलकर शहर का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा अभी से लगाया जा सकता है।
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नगरपालिका ने मानसूनी बारिश से पहले शहर के छोटे बड़े 29 नालों की तलीझाड़ सफाई कराई थी। इसमें नाला-नालियों की सफाई पर 30 लाख रुपए खर्च हुए थे। सावन माह में पहली झमाझम बारिश से सफाई के दावे धरे रह गए। रेलवे स्टेशन रोड से लेकर रोडवेज बस स्टैंड, अग्रवाल सभा रोड, मोहल्ला साहूकारा, चौक बाजार, छिपियान मस्जिद की गली, डालचंद, मुधवन कॉलोनी के पास, स्टेशन रोड, मोहल्ला गोपाल सिंह, फीलखाना, पंजाबियान, जिला अस्पताल कैंपस के पीछे, देशनगर के आसपास गली मोहल्लों में पानी भर गया। जलभराव की वजह रही नालों की बेहतर ढंग से सफाई न होना। चोक नाले नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। निचले इलाकों में कई जगह गंदा पानी घरों में भी घुस गया। टूटी सड़के भी राहगीरों के लिए मुसीबत बनीं।
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पूरनपुर में सड़कों पर जलभराव के विरोध में प्रदर्शन
पूरनपुर। झमाझम बारिश से खेत भर गए। निचले स्थानों पर धान की फसल डूब गई। पूरनपुर देहात और नगर में निचले स्थानों पर जलभराव होने से बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानें बंद रही। मोहल्ला चौक की एक गली में जलभराव के विरोध मेें नगरपालिका के पूर्व सदस्य लियाकत हुसैन उर्फ भूरे के नेतृत्व में लोगों ने दुकानदारों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि गली में कई साल से जलभराव हो जाता है। सड़क को ऊंचा नहीं किया गया। पूर्व सदस्य ने कहा कि वह एसडीएम और नगरपालिका ईओ से मिलकर ज्ञापन देंगे। संवाद
शेरपुरकलां में जमा सिल्ट नालों में बही
शेरपुरकलां। दो दिन पहले नालों की सफाई शुरू हुई थी। सिल्ट नहीं उठाई गई थी। बारिश में वह सिल्ट फिर नालों में बह गई। बारिश के बीच में जेसीबी मशीन सिल्ट हटाने पहुंची तो लोगों ने रोष व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि अगर समय से नाले साफ हो जाते तो जलभराव से नहीं जूझना पड़ता। लोगों ने बरसात में नालों की सफाई का विरोध किया। ग्राम प्रधान के पति हाजी रियाजतनूर खां मझले का कहना है कि लॉकडाउन में काम बंद हो गए थे। इसलिए सफाई में देरी हुई। संवाद