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फंडिंग, काॅशन न मिलने से अटका आमान परिवर्तन कार्य
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Tue, 23 Dec 2014 12:04 AM IST
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रेल मार्ग पर बड़े पुल का निर्माण कार्य तो पूरा कर लिया गया लेकिन करीब 50 छोटे पुल अभी तक नहीं बन सके।
वर्ष 2005 में रेल बजट के दौरान तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने भोजीपुरा-टनकपुर को बड़ी रेल लाइन में परिवर्तित किए जाने की घोषणा की थी। इसके लिए करीब 300 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। बजट जारी होने के बाद 101 किमी लंबे भोजीपुरा-टनकपुर रेल मार्ग पर अर्थ वर्क के साथ देवहा समेत कई बड़े पुलों का निर्माण शुरू किया गया, लेकिन बजट की कमी के चलते काम रोक दिया गया। रेल मार्ग पर सबसे बड़े देवहा पुल निर्माण को लेकर पिलर आदि तो बना दिए गए लेकिन उसके बाद इसका भी कार्य रोक दिया गया। इधर केंद्र में भाजपा सरकार बनने और केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी के हस्तक्षेप के बाद रुके पड़े कार्य शुरू कर दिए गए। अब आमान परिवर्तन का कार्य दो चरणों में किया जा रहा है। उक्त रेल मार्ग पर करीब 30 छोटे पुलों को निर्माण किया जाना शेष है। सूत्रों के मुताबिक फंडिग न होने और पुल निर्माण को लेकर कासन न दिए जाने के चलते कार्य शुरू नहीं किया जा सका है।
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वर्ष 2005 में रेल बजट के दौरान तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी ने भोजीपुरा-टनकपुर को बड़ी रेल लाइन में परिवर्तित किए जाने की घोषणा की थी। इसके लिए करीब 300 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। बजट जारी होने के बाद 101 किमी लंबे भोजीपुरा-टनकपुर रेल मार्ग पर अर्थ वर्क के साथ देवहा समेत कई बड़े पुलों का निर्माण शुरू किया गया, लेकिन बजट की कमी के चलते काम रोक दिया गया। रेल मार्ग पर सबसे बड़े देवहा पुल निर्माण को लेकर पिलर आदि तो बना दिए गए लेकिन उसके बाद इसका भी कार्य रोक दिया गया। इधर केंद्र में भाजपा सरकार बनने और केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी के हस्तक्षेप के बाद रुके पड़े कार्य शुरू कर दिए गए। अब आमान परिवर्तन का कार्य दो चरणों में किया जा रहा है। उक्त रेल मार्ग पर करीब 30 छोटे पुलों को निर्माण किया जाना शेष है। सूत्रों के मुताबिक फंडिग न होने और पुल निर्माण को लेकर कासन न दिए जाने के चलते कार्य शुरू नहीं किया जा सका है।