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लड़खड़ाई उच्च शिक्षा व्यवस्था पर भड़के एबीवीपी वाले
पीलीभीत।
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:10 PM IST
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की चरमराई उच्च
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शिक्षा व्यवस्था के विरोध में बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया।
प्रांतीय आह्वान पर विद्यार्थी परिषद के तमाम कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को नेहरू ऊर्जा उद्यान में एकत्र हुए। यहां जिला संयोजक जीतू सूर्या के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में चरमराई उच्च शिक्षा व्यवस्था के विरोध में धरना दिया और जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान जिला संगठनमंत्री दीपक कुमार ने कहा कि प्रदेश में तमाम विश्वविद्यालय और अन्य बड़े शिक्षण संस्थान अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद प्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति बेहद दयनीय होती जा रही है। इसमें सुधार नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
धरनास्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार को 31 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में माध्यमिक शिक्षा में सपुस्तकीय परीक्षा कराने के प्रयास पर रोक लगाने, विश्वविद्यालयों में प्रवेश समस्या का स्थाई समाधान कराने, पाठ्यक्रमों में परिवर्तन को पाठ्यक्रम समिति बनाने, शोधार्थियों को दस हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने, शैक्षिक संस्थानों में संयुक्त शैक्षिक कलेंडर जारी करने, प्रवेश के एक माह के भीतर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति खातों में भेजने, विश्वविद्यालयों में एक समान शुल्क संरचना सुनिश्चित करने आदि की मांग की गई।
धरना देने वालों में अजय शर्मा, अनमोल सक्सेना, हर्ष शर्मा, प्रदीप राय, करन वंशवाल, अभिलाष, अमन, आकाश, अश्वनी कुमार, नरेशपाल, रमेश कुमार, रामसेवक, दिनेश, बिलाल, अंकित, रोहित आदि शामिल रहे।
प्रांतीय आह्वान पर विद्यार्थी परिषद के तमाम कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को नेहरू ऊर्जा उद्यान में एकत्र हुए। यहां जिला संयोजक जीतू सूर्या के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में चरमराई उच्च शिक्षा व्यवस्था के विरोध में धरना दिया और जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान जिला संगठनमंत्री दीपक कुमार ने कहा कि प्रदेश में तमाम विश्वविद्यालय और अन्य बड़े शिक्षण संस्थान अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद प्रदेश में उच्च शिक्षा की स्थिति बेहद दयनीय होती जा रही है। इसमें सुधार नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
धरनास्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार को 31 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में माध्यमिक शिक्षा में सपुस्तकीय परीक्षा कराने के प्रयास पर रोक लगाने, विश्वविद्यालयों में प्रवेश समस्या का स्थाई समाधान कराने, पाठ्यक्रमों में परिवर्तन को पाठ्यक्रम समिति बनाने, शोधार्थियों को दस हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने, शैक्षिक संस्थानों में संयुक्त शैक्षिक कलेंडर जारी करने, प्रवेश के एक माह के भीतर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति खातों में भेजने, विश्वविद्यालयों में एक समान शुल्क संरचना सुनिश्चित करने आदि की मांग की गई।
धरना देने वालों में अजय शर्मा, अनमोल सक्सेना, हर्ष शर्मा, प्रदीप राय, करन वंशवाल, अभिलाष, अमन, आकाश, अश्वनी कुमार, नरेशपाल, रमेश कुमार, रामसेवक, दिनेश, बिलाल, अंकित, रोहित आदि शामिल रहे।