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Pilibhit News: कचहरी परिसर में पेड़ पर पहुंचा अजगर, रेस्क्यू में छूटा पसीना
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पेड़ से विशालकाय अजगर का रेस्क्यू करते वनकर्मी। संवाद
सामाजिक वानिकी की टीम ने क्रेन के जरिये करीब दो घंटे बाद किया रेस्क्यू, अजगर को देखने के लिए उमड़ी भीड़ से बंद रहा यातायात
पीलीभीत। झाड़ियों से निकलकर कचहरी परिसर में पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर पेड़ पर अजगर पहुंच गया। करीब 50 फुट ऊंचाई पर अजगर को देख लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर सामाजिक वानिकी की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद अजगर का रेस्क्यू कराया। करीब दो घंटे बाद मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका।
सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कचहरी परिसर में पेड़ पर अजगर दिखा। सूचना पर सिविल लाइन चौकी पुलिस के अलावा सामाजिक वानिकी टीम भी मौके पर पहुंच गई। स्थिति को देख हाइड्रोलिक क्रेन मंगाई गई। इसके बाद वनकर्मी क्रेन की मदद से पेड़ पर चढ़ा। करीब 15 फुट के अजगर को रेस्क्यू कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि टीम ने प्रयास कर अजगर का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर छोड़ दिया गया। संवाद
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तालियां बजाकर बढ़ाया उत्साह
पेड़ पर करीब 50 फुट ऊंचाई पर अजगर को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। कठिन रेस्क्यू को देख लोग भी सन्न रह गए। हालांकि अजगर को कब्जे में लेने के बाद लोगों ने तालियां बजाकर वनकर्मी का उत्साह बढ़ाया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसलाइन जाने वाला मार्ग बंद रहा। हालांकि जरूरी वाहनों को यातायात पुलिस की टीम निकलवाती रही।
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बंदर निगलने की होती रहीं चर्चाएं
पेड़ पर लिपटे अजगर को लेकर कुछ अधिवक्ताओं और मौजूद लोगों ने दावा किया कि उसने एक बंदर को निवाला बनाया। इस पर अन्य बंदर पेड़ से भागे। हालांकि वन विभाग की टीम ने इस बात से इन्कार कर दिया।
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पीलीभीत। झाड़ियों से निकलकर कचहरी परिसर में पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर पेड़ पर अजगर पहुंच गया। करीब 50 फुट ऊंचाई पर अजगर को देख लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर सामाजिक वानिकी की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद अजगर का रेस्क्यू कराया। करीब दो घंटे बाद मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका।
सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कचहरी परिसर में पेड़ पर अजगर दिखा। सूचना पर सिविल लाइन चौकी पुलिस के अलावा सामाजिक वानिकी टीम भी मौके पर पहुंच गई। स्थिति को देख हाइड्रोलिक क्रेन मंगाई गई। इसके बाद वनकर्मी क्रेन की मदद से पेड़ पर चढ़ा। करीब 15 फुट के अजगर को रेस्क्यू कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। डीएफओ भरत कुमार डीके ने बताया कि टीम ने प्रयास कर अजगर का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर छोड़ दिया गया। संवाद
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तालियां बजाकर बढ़ाया उत्साह
पेड़ पर करीब 50 फुट ऊंचाई पर अजगर को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। कठिन रेस्क्यू को देख लोग भी सन्न रह गए। हालांकि अजगर को कब्जे में लेने के बाद लोगों ने तालियां बजाकर वनकर्मी का उत्साह बढ़ाया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिसलाइन जाने वाला मार्ग बंद रहा। हालांकि जरूरी वाहनों को यातायात पुलिस की टीम निकलवाती रही।
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बंदर निगलने की होती रहीं चर्चाएं
पेड़ पर लिपटे अजगर को लेकर कुछ अधिवक्ताओं और मौजूद लोगों ने दावा किया कि उसने एक बंदर को निवाला बनाया। इस पर अन्य बंदर पेड़ से भागे। हालांकि वन विभाग की टीम ने इस बात से इन्कार कर दिया।

पेड़ से विशालकाय अजगर का रेस्क्यू करते वनकर्मी। संवाद