{"_id":"6ab18ee109fa2b9a4d0d7159","slug":"gram-panchayat-action-plans-stalled-plea-made-to-the-district-magistrate-pilibhit-news-c-121-1-pbt1005-169303-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाएं अटकीं, डीएम से लगाई गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: ग्राम पंचायतों की कार्ययोजनाएं अटकीं, डीएम से लगाई गुहार
विज्ञापन
विकास भवन परिसर में प्रदर्शन करते प्रधान संगठन के पदाधिकारी। संवाद
पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त होने के बाद विकास कार्यों की कार्ययोजनाओं को मंजूरी न मिलने से काम प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान संगठन की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में जल्द से जल्द ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की कार्ययोजनाओं को स्वीकृत कराने की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि शासन की ओर से ग्राम पंचायतों में छह माह के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। इनका कार्यकाल 26 नवंबर को पूरा हो जाएगा। ऐसे में अब करीब दो माह का समय ही शेष है। आरोप है कि जिले के सभी ग्राम प्रशासकों की ओर से करीब एक माह पहले जीपीडीपी की कार्ययोजनाएं स्वीकृति के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को भेजी जा चुकी हैं।
पत्र के अनुसार, कार्ययोजनाओं में दो बार संशोधन के निर्देश मिले थे और संशोधन का काम भी पूरा कर लिया गया है। इसके बावजूद करीब 20 से 25 दिन बीतने के बाद भी जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी स्तर से कार्ययोजनाओं को स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित हैं।
विज्ञापन
संगठन ने कहा है कि यदि कार्ययोजनाओं को तत्काल स्वीकृति मिल जाती है तो अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विकास कार्य शुरू कराने के लिए करीब एक माह का ही समय बचेगा। सितंबर में सीएम डैशबोर्ड पर 15वें वित्त आयोग समेत अन्य मदों में विकास कार्यों का खर्च बढ़ाने का दबाव भी है। कार्ययोजना स्वीकृत न होने के कारण खातों में उपलब्ध धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय संभव नहीं हो पा रहा है। इससे सीएम डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग प्रभावित होने की बात भी पत्र में कही गई है।
इस मौके पर प्रशासक रामप्रसाद, मंजीत सिंह, शंकर चंद्र, मानसिंह सहित अन्य प्रशासक मौजूद रहे। संवाद
-- -- -- -
कुछ ग्राम पंचायतों के प्रशासकों की ओर कार्ययोजना भेजी गई। कार्ययोजना का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद जल्द ही काम को शुरू करा दिया जाएगा।
- रोहित भारती, डीपीआरओ।
विज्ञापन
पत्र में कहा गया है कि शासन की ओर से ग्राम पंचायतों में छह माह के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। इनका कार्यकाल 26 नवंबर को पूरा हो जाएगा। ऐसे में अब करीब दो माह का समय ही शेष है। आरोप है कि जिले के सभी ग्राम प्रशासकों की ओर से करीब एक माह पहले जीपीडीपी की कार्ययोजनाएं स्वीकृति के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को भेजी जा चुकी हैं।
विज्ञापन
पत्र के अनुसार, कार्ययोजनाओं में दो बार संशोधन के निर्देश मिले थे और संशोधन का काम भी पूरा कर लिया गया है। इसके बावजूद करीब 20 से 25 दिन बीतने के बाद भी जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी स्तर से कार्ययोजनाओं को स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित हैं।
विज्ञापन
संगठन ने कहा है कि यदि कार्ययोजनाओं को तत्काल स्वीकृति मिल जाती है तो अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विकास कार्य शुरू कराने के लिए करीब एक माह का ही समय बचेगा। सितंबर में सीएम डैशबोर्ड पर 15वें वित्त आयोग समेत अन्य मदों में विकास कार्यों का खर्च बढ़ाने का दबाव भी है। कार्ययोजना स्वीकृत न होने के कारण खातों में उपलब्ध धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय संभव नहीं हो पा रहा है। इससे सीएम डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग प्रभावित होने की बात भी पत्र में कही गई है।
इस मौके पर प्रशासक रामप्रसाद, मंजीत सिंह, शंकर चंद्र, मानसिंह सहित अन्य प्रशासक मौजूद रहे। संवाद
कुछ ग्राम पंचायतों के प्रशासकों की ओर कार्ययोजना भेजी गई। कार्ययोजना का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के बाद जल्द ही काम को शुरू करा दिया जाएगा।
- रोहित भारती, डीपीआरओ।