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Pilibhit News: पर्चा, दवा और जांच के लिए धक्का-मुक्की, चिकित्सक कक्ष के बाहर लंबा इंतजार
Tue, 19 Aug 2025 12:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 19 Aug 2025 12:00 AM IST
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जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लगी मरीजों की लाइन संवाद
पीलीभीत। तीन दिन बाद जिला अस्पताल की ओपीडी खुली तो सुबह से ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्चा और दवा काउंटर की लंबी कतार में धक्का-मुक्की से मरीज इलाज में पिछड़ गए। जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं बेदम हो गईं। मरीजों को जांच, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी।
स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और रविवार अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल खुला। सुबह आठ बजे ही मरीजों की भीड़ जुट गई। दो लाइन के बावजूद पर्चा बनवाने के लिए पर्चा केंद्र से लेकर इमरजेंसी के गेट के पीछे तक कतार लगी रही। मरीज तेज धूप में पर्चा बनवाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। मरीजों की भीड़ के बावजूद पर्चा काउंटर एक ही रखा गया। अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक का रास्ता भीड़ के चलते बंद रहा। न्यूरोसर्जन की ओपीडी के चलते कक्ष के बाहर गर्मी में मरीजों ने घंटों इंतजार किया।
अल्ट्रासाउंड कक्ष में कई मरीज जांच से पिछड़ गए। शुरुआत में आए मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड किया गया। कई मरीजों की सामान्य जांचें भी नहीं हो सकीं। मेडिसिन कक्ष संख्या 12 व 13 के बाहर भी मरीजों की लाइन में धक्क-मुक्की का नजारा दिखा। एक्सरे कक्ष के बाहर चोटिल मरीजों के लिए बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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भीड़ देखकर स्वास्थ्य कर्मियों के छूटे पसीने
जिला अस्पताल में सोमवार को 2235 नए मरीज पहुंचे। पुराने पर्चे पर लगभग 800 मरीज जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। इसके चलते मरीजों की संख्या 3000 के करीब पहुंच गई। मरीजों की भीड़ देख रिसेप्शन, स्वीपर सहित अन्य कर्मियों के पसीने छूट गए।
जरूरी दवाओं के लिए भटकते दिखे मरीज
मरीजों की भीड़ ने दवाओं की उपलब्धता पर भी असर डाला। कई मरीज जब दवा केंद्र पर चिकित्सक की ओर से लिखी दवा लेने पहुंचे तो वह रोजाना की क्षमता से पहले ही खत्म हो चुकी थी। मरीजों को गोदाम से दवाएं लाने में लगने वाले समय का भी इंतजार करना पड़ा। कुछ दवाएं न होने की स्थिति में मरीज आधी-अधूरी दवाएं लेकर वापस लौट गए।
मरीजों की संख्या सोमवार को काफी अधिक रही। स्वास्थ्य कर्मियों को सुबह से ही ड्यूटी पर लगा दिया गया, कुछ मरीजों की जांचें न होने की जानकारी मिली थी। अस्पताल में अन्य व्यवस्था भी सुधारी गई।
डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल
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स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और रविवार अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल खुला। सुबह आठ बजे ही मरीजों की भीड़ जुट गई। दो लाइन के बावजूद पर्चा बनवाने के लिए पर्चा केंद्र से लेकर इमरजेंसी के गेट के पीछे तक कतार लगी रही। मरीज तेज धूप में पर्चा बनवाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। मरीजों की भीड़ के बावजूद पर्चा काउंटर एक ही रखा गया। अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक का रास्ता भीड़ के चलते बंद रहा। न्यूरोसर्जन की ओपीडी के चलते कक्ष के बाहर गर्मी में मरीजों ने घंटों इंतजार किया।
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अल्ट्रासाउंड कक्ष में कई मरीज जांच से पिछड़ गए। शुरुआत में आए मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड किया गया। कई मरीजों की सामान्य जांचें भी नहीं हो सकीं। मेडिसिन कक्ष संख्या 12 व 13 के बाहर भी मरीजों की लाइन में धक्क-मुक्की का नजारा दिखा। एक्सरे कक्ष के बाहर चोटिल मरीजों के लिए बैठने तक की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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भीड़ देखकर स्वास्थ्य कर्मियों के छूटे पसीने
जिला अस्पताल में सोमवार को 2235 नए मरीज पहुंचे। पुराने पर्चे पर लगभग 800 मरीज जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। इसके चलते मरीजों की संख्या 3000 के करीब पहुंच गई। मरीजों की भीड़ देख रिसेप्शन, स्वीपर सहित अन्य कर्मियों के पसीने छूट गए।
जरूरी दवाओं के लिए भटकते दिखे मरीज
मरीजों की भीड़ ने दवाओं की उपलब्धता पर भी असर डाला। कई मरीज जब दवा केंद्र पर चिकित्सक की ओर से लिखी दवा लेने पहुंचे तो वह रोजाना की क्षमता से पहले ही खत्म हो चुकी थी। मरीजों को गोदाम से दवाएं लाने में लगने वाले समय का भी इंतजार करना पड़ा। कुछ दवाएं न होने की स्थिति में मरीज आधी-अधूरी दवाएं लेकर वापस लौट गए।
मरीजों की संख्या सोमवार को काफी अधिक रही। स्वास्थ्य कर्मियों को सुबह से ही ड्यूटी पर लगा दिया गया, कुछ मरीजों की जांचें न होने की जानकारी मिली थी। अस्पताल में अन्य व्यवस्था भी सुधारी गई।
डॉ. रमाकांत सागर, अधीक्षक जिला अस्पताल

जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लगी मरीजों की लाइन संवाद