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क्रय केंद्र सूने, आंकड़ों में बढ़ रही धान खरीद

Tue, 10 Nov 2015 09:46 PM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Tue, 10 Nov 2015 09:46 PM IST
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Purchasing Center deserted , growing paddy procurement data

त्यौहारों पर मंडी में धान की आवक काफी बढ़ी है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्र सूने पड़े हैं। इससे किसानों को धान का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। वहीं अभिलेखों में सरकारी खरीद के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। 15 दिनों में सरकारी खरीद 16 हजार से बढ़कर 80 हजार मीट्रिक टन पहुंच गई।

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मंडी में पहुंच रहे धान में अब नमी काफी कम है। 15 दिन पूर्व 20 से 22 प्रतिशत तक नमी पर जो रेट तय किए गए थे अब भी उसी रेट पर धान बिक रहा है। जबकि धान की नमी का प्रतिशत अब 15 से 20 तक ही रह गया है। बुधवार को दिवाली की छुट्टी होगी। इससे मंगलवार को काफी मात्रा में धान की आवक हुई। मंडी प्रशासन ने इनकी नीलामी भी कराई, लेकिन नाम मात्र की कुछ ढेरियों पर ही किसानों को 1300 रुपये तक दाम मिला। बाकी लगभग सभी धान 1050 से 1250 तक ही खरीदा गया। वहीं मंडी एवं क्षेत्र में सरकारी खरीद केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। क्रय केंद्रों पर बैनर के अलावा खरीद दर्शाने को कुछ बोरियां लगी हैं। वहीं आंकड़ों की बात करें तो सरकारी खरीद काफी तेजी से बढ़ रही है। पहली अक्टूबर से शुरू हुई खरीद में प्रारंभ केे 25 दिन यानि 25 अक्तूबर तक मात्र 16 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया। वहीं 26 अक्तूबर से 9 नवंबर तक 15 दिनों में खरीद का आंकड़ा 54 हजार से बढ़कर 80 हजार मीट्रिक टन पहुंच गया। सूत्रों की मानें तो राइस मिलर्स द्वारा की गई सीधी खरीद को क्रय केंद्रों पर दर्शाकर गोलमाल किया जा रहा है। डिप्टी आरएमओ सुरेश कुमार यादव ने बताया शासन से 2.87 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है। इसे हासिल करने को क्रय केंद्रों पर लगातार खरीद कराई जा रही है।

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