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पूरनपुर चीनी मिल का पेराई सत्र बंद
पीलीभीत।
Updated Mon, 06 Apr 2015 11:43 PM IST
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दि किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र रात दो बजे बंद हो गया। चीनी मिल ने इस बार 23 लाख दो हजार 219 कुंतल गन्ना पेरकर एक लाख 82 हजार 517 बोरा चीनी का उत्पादन किया। 29 जनवरी तक सप्लाई किए गए गन्ना का भुगतान किसानों को अब तक किया जा सका।
चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ 28 नवंबर को किया गया था। कुछ दिन ठीक-ठाक चलने के बाद चीनी मिल खराबी को लेकर अक्सर बार बंद होने लगी। खराब रिकवरी पर मिल के फेडरेशन की टीम ने कई बार आकर जांच की। रिकवरी में सुधार न होने पर तत्तकालीन प्रधान प्रबंधक का स्थानांतरण कर दिया गया। गन्ना की घटतौली और गन्ना सप्लाई पर्चियां न मिलने आदि को लेकर कई बार किसानों ने हंगामा किया।
बोरों में अधिक चीनी मिलने का मामला चर्चा में रहा। मिल के पेराई सत्र बंदी का पहला नोटिस 25 मार्च का जबकि दूसरा नोटिस दो अप्रैल को जारी किया गया था। रात दो बजे चीनी मिल सत्र बंद करने के बाद मिल बंदी का तीसरा नोटिस जारी कर दिया गया।
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पिछले साल की तुलना में मिल की रिकवरी इस बार डेढ़ प्रतिशत अधिक रही है। बीस लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 23 लाख दो हजार, 219 क्विंटल गन्ना पेर कर एक लाख 82 हजार 517 बोरा चीनी बनाई गई है। 29 जनवरी तक सप्लाई किए गए गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। अब सरकार से रकम मिलने पर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।
- ओपी राय, जीएम
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चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ 28 नवंबर को किया गया था। कुछ दिन ठीक-ठाक चलने के बाद चीनी मिल खराबी को लेकर अक्सर बार बंद होने लगी। खराब रिकवरी पर मिल के फेडरेशन की टीम ने कई बार आकर जांच की। रिकवरी में सुधार न होने पर तत्तकालीन प्रधान प्रबंधक का स्थानांतरण कर दिया गया। गन्ना की घटतौली और गन्ना सप्लाई पर्चियां न मिलने आदि को लेकर कई बार किसानों ने हंगामा किया।
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बोरों में अधिक चीनी मिलने का मामला चर्चा में रहा। मिल के पेराई सत्र बंदी का पहला नोटिस 25 मार्च का जबकि दूसरा नोटिस दो अप्रैल को जारी किया गया था। रात दो बजे चीनी मिल सत्र बंद करने के बाद मिल बंदी का तीसरा नोटिस जारी कर दिया गया।
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पिछले साल की तुलना में मिल की रिकवरी इस बार डेढ़ प्रतिशत अधिक रही है। बीस लाख क्विंटल लक्ष्य के सापेक्ष 23 लाख दो हजार, 219 क्विंटल गन्ना पेर कर एक लाख 82 हजार 517 बोरा चीनी बनाई गई है। 29 जनवरी तक सप्लाई किए गए गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। अब सरकार से रकम मिलने पर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।
- ओपी राय, जीएम